mansoon sawan

गीत : सावन का महीना

मधुर मिलन का ये महीना, कहते जिसे सावन का महीना। प्रीत प्यार का ये महीना, कहते जिसे सावन का महीना। नई नवेली दुल्हन को, प्रीत बढ़ाता ये महीना।। ख्वाबो में डूबी रहती है, दिन रात सताती याद उन्हें। होती रिमझिम… Read More

poem mansoon sawan

कविता : सावन

पिपासा तृप्त करने प्यासी धरा की बादल प्रेम सुधा बरसाने आया है अब तुम भी आ जाओ मेरे जीवन प्रेमाग्नि जलाने सावन आया है देखकर भू की मनोहर हरियाली नभ के हिय में प्रेम उमड़ आया है रिमझिम फुहारें पड़ीं… Read More

son holding hand his father

कविता : वो तो भूल गए

वो तो भूल गए कि उनको, बनाया किसने था चलना पकड़ के ऊँगली, सिखाया किसने था वो कहते हैं कि मंज़िल क़रीब है उनकी अब, पर भूल गए कि ये रास्ता, दिखाया किसने था होते हैं बहुत खुश जब देखते… Read More

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अंक और योग्यता : अतीत और आज

आजकल अपने अतीत को कुरेद रही हूँ । कई बार जब खुद के बारे में सोचती हूँ तो जीवन के बीते हुए तमाम दिन जुगनू की तरह जगमगाने लगते हैं। ज़िन्दगी उन जुगनुओं की रौशनी में वक्त के अंधेरे में… Read More

गीत : मत खेलो

लगाकर दिल तुम अपना, फिर मुँह मोड़ा न करो। किसी के दिल से तुम, इस तरह खेला न करो। मिले थे दिल हमारे, तभी तो साथ हुए थे। पर अब क्या हुआ तुमको, जो रूठ गये हम से।। बड़ी बड़ी… Read More

गीत : खो न जाऊँ कहीं

खो न जाऊँ कहीं, अपनों के बीच से। इसलिए लिखता हूँ, गीत कविता आपके लिए। ताकि बना रहे संवाद, हमारा आप के साथ। और मिलता रहे सदा, आप सभी का आशीर्वाद।। दिल में जो आता है, मैं वो लिख देता… Read More

कविता : बारिश

कल रात जब वो आई थी घर मेरे तब होने लगी थी बेमौसम बारिश सिर्फ़ संयोग था बादलों का बरसना या थी कुदरत की वह एक साज़िश। मिली थी वह मुझसे पिछले बरस ही पर हम अब तक मिल ना… Read More

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कविता : श्रम की मूरत

श्रम की मूरत, छली गई है अलग अलग के दौर में जब संकट आया भू, पर मलाई उड़ाई किसी और ने छलिया है चालाक बहुत पल में गुस्सा पल में आँसू हँस- हँसकर बातें करता अंदर बाहर में चेहरा लटका… Read More

Poet Gopaldas Neeraj

आदमी, जिंदगी और मज़हब : पद्मश्री स्वर्गीय गोपालदास नीरज

“लिखना, प्रामाणिक पढ़ते रहने का सुबूत है।” – शैलेंद्र कुमार शुक्ल अच्छा! बात तो ये भी सच है कि स्वर्गीय दादा गोपालदास ‘नीरज’ प्रत्येक गँवई शहरी ज़िन्दगी के प्रत्येक गली घर के -चौराहे से लेकर इस देश के संसद में… Read More

गीत : कैसे कटेंगे वो पल

तुम ही कहो, कैसे कटेंगे वो पल जिस पल में तुमने कहा था हम साथ रहेंगे हरपल    अब मेरी धड़कनों की आवाज से तुम कैसे रू-ब-रू होगे किसी गैर को सीने से लगाकर उस पल में मुझे तुम भूल… Read More