buddha

कविता : हार जाएगा संकट

गौतम बुद्ध के मार्ग पर, आज हमें चलना होगा सृष्टि को फिर से स्वर्ग सी उपवन करना होगा।। पंचशील के पाँच तत्वों को अपनाकर मद,मोह,अहंकार को नष्ट करना होगा।। सत्य पर अटल रहकर दूसरों की सेवा करना होगा।। आवश्यकता से… Read More

jivan

कविता : जीवन के क्षण

जीवन के क्षण, कभी हर्षित कभी बोझिल। कभी तेज उजाला, कभी तारों की झिलमिल। कभी खुशियों का खजाना, कभी ग़म में गाफिल। कभी हर ओर सन्नाटा, कभी शोरगुल शामिल। कभी अभाव,तंगहाली , कभी हासिल ही हासिल। कभी हर ओर अपने… Read More

mukti

कविता : ‘मुक्ति-सुसुप्ति’

विकास रहता है आजकल आकाश छूती इमारतों में, भव्य मोटर-गाड़ियों में, शायद उसे वैभव पसंद है। विकास घूमता है बेफिकर पहन कर बरमूडा और निक्कर चौड़ी सड़को में, उसे आकार भी वृहद पसंद है । विकास दिखता है आधुनिक तकनीकी… Read More

vaccination

कविता : टीकाकारण

जिंदगी को यदि सुरक्षित रखना है। तो दो हाथो की दूरी रखना पड़ेगा। कोरोना से बचाने के लिए। वैक्सिंग वाला कवच लेना पड़ेगा।। हम सबको सुरक्षित रहना है। तो वैक्सिंग को लगवाना होगा। और घर परिवार व समाज में नया… Read More

my poems

मेरी कविताएँ

संघर्ष दहशत से भरी दुनियाँ अजनबी से लोग, बिन पहचाने से रास्ते रसूखदारों की अपनी ही बातें नवाबी कारण कार्य बिना नाम पहचान नहीं व्यस्तता का एक राग अलाप न जाने इंसान गढ़ा था खुदा ने बन गए यहां सभी… Read More

prakriti

कविता : प्रकृति, संस्कृति एवं संसृति

द्वितीय रूप तो अति कोमल, मधुर, स्वभाव है !! राम, कृष्ण, गौतम, तुलसी हो, हो कबीर की नाना चौकी ! नारी ने वो पाठ – पढ़ाया, जिसे आज तक किसी ने न भुला पाया !! ऐसी बेटी को प्रणाम है,… Read More

corona

कोरोना की दूसरी लहर का कहर

कोरोना की गति फिर से तेज है बुलेट ट्रेन की स्पीड लिए है।। बिना मास्क के पहने लोग इसे हरी झंडी दिखाए कोरोना दिन पे दिन बढ़ता जाए।। कोरोना की दूसरी लहर का खौफ बढ़ता जाए दिन दोगुनी उन्नति करता… Read More

Maan

कविता : माँ

एक अक्षर का शब्द है माँ, जिसमें समाया सारा जहाँ। जन्मदायनी बनके सबको, अस्तित्व में लाती वो। तभी तो वो माँ कहलाती, और वंश को आगे बढ़ाती। तभी वह अपने राजधर्म को, मां बनकर निभाती है।। माँ की लीला है… Read More

holi kaise manaun

कविता : होली का रंग

तुम्हें कैसे रंग लगाएं, और कैसे होली मनाएं ? दिल कहता है होली, एक-दूजे के दिलों में खेलो क्योंकि बहार का रंग तो, पानी से धुल जाता है पर दिल का रंग दिल पर, सदा के लिए चढ़ा जाता है॥… Read More

holi hooo

गीत : होली

सब हित मीत हमजोली हो प्यार इश्क़ की बोली हो ग़र मिल जाये भूले भटके तब समझो पर्व ये होली हो उसे हर रंग गुलाल अबीर हो सब अल्हड़ मस्त फ़क़ीर हो हर गम से दूर, कबीर हो ख़ुशियों से… Read More