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लेख : “हिन्दी दिवस” एक दिन की जिम्मेवारी

14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में यह निर्णय लिया गया कि हिंदी भाषा भी केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। हिंदी यद्यपि भारत के कई क्षेत्रों में बोली जाती थी, इसी के फलस्वरूप सन 1953 से पूरे भारत में… Read More

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बघेली कविता : ठकुरन का ठाकुराइसी लाइगय

ठकुरन का ठाकुराइसी लाइगय, बम्हनन का बमनाइत आ खाय का उनके पुजय न, पै लड़का करै न कमाइत। मुर्गा बोकरा नशा शराब बम्हनन का लालचामय। आ कोऊ उन्है जो या कही देय ता गारी ख़ुद का ख़बामय।। पूजा पाठ जनेऊ… Read More

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शिक्षक हैं कुछ अहसास हमें भी हो

भारत में गुरुओं की प्रथा आदि काल से चली आ रही है और शिक्षकों का का अपना एक अलग ही महत्व है। अपने गुरुओं का सम्मान सदियों से चला आ रहा है फिर चाहे द्रोणाचार्य हो या फिर ऋषि वशिष्ठ… Read More

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नई शिक्षा नीति : कितने दूर कितने पास

नई शिक्षा नीति 2020 के ड्राफ्ट पर अचानक ही मंजूरी नहीं मिली है, बल्कि यह 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र का हिस्सा थी। सरकार में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इस एजेंडे… Read More

लेख : भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोना का प्रभाव

यद्यपि पूरे विश्व मे कोरोना महामारी का आर्थिक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा, उसके बाद भी भारत की स्थिति अभी उतनी विकट नही है, जहां बड़े बड़े विकसित देशों पर इसके प्रभाव पड़ रहा,वहाँ भारत जैसी मिश्रित… Read More

कहानी : रोटियां

अस्पताल में पहुंचते ही मोहन एक हाथ से गले में पड़े गमझे को निकल कर मुँह पोछता है, लेकिन अपने 10 माह के बेटे माधव को नीचे उतारे बिना ही नर्स से बड़ी ही जल्दबाजी में पूछता है “मैडम डाक्टर… Read More

कविता : नि: शब्द हूँ

निःशब्द हूँ… कि क्या हुआ ये क्यो हुआ हुआ अगर ये जो भी तो गुनहगार कौन है? नि:शब्द हूँ… क़ायनात ने दिया, तो नोच लूं निचोड़ लूं कर सकूं अगर कभी तो रुख हवा का मोड़ लूं। निःशब्द हूँ… खेल… Read More

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क्या सच में मन में पाप नहीं?

अजीब सी भावनाओं के साथ एक लेखक होने के कारण मज़बूरी में लिखना कही न कही थोड़ा जरुरी सा हो गया वो भी तब थोड़ी अजीबो- गरीब हरकते समाज के कुछ महत्वपूर्ण और कर्मठ युवाओं के द्वारा देखने को मिल… Read More

कविता : आवाज़

तू कर सके तो ऐसा क़र कि नाम हो तेरा काम हो.. तू धूप बन, तू छाव बन जिसकी जरुरत आन हो ।। तू आग बन कुछ इस तरह कि ठण्ड की कोई शाम हो। तू लौ बने अंधेरों की… Read More

कर्तव्य बोध का दिन : 14 सितंबर

कहने को तो हिंदी हमारी भाषा है और इसके लिए ही हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949  को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया गया था कि हिन्दी ही भारत की… Read More