lata mangeshkar

रहें ना रहें हम महका करेंगे : स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर

भारतीय सिनेमा और संगीत की दुनिया की सुर साम्राज्ञी, स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर जी आज हमारे बीच नहीं रहीं। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम साँसे ली। बीते कुछ दिनों से उनका अस्पताल में कोरोना का इलाज… Read More

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सूचना : हंसराज कॉलेज द्वारा अंतरराष्ट्रीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम समाज, संस्कृति और विश्वबोध 16 से 22 फरवरी 2022 समय : दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे पंजीकरण की अंतिम तिथि : 12 फरवरी 2022 लिंक : https://bit.ly/3qGXFxG   +400

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नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया द्वारा आठवें विश्व हिंदी दिवस का सफल आयोजन

नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया में विश्व हिन्दी दिवस मनाये जाने का यह अनवरत आठवां साल चल रहा है। 2015 में आप्रवासी हिन्दी साहित्यकार सरन घई (कनाडा), 2017 में रामदेव धुरंधर (मारीशस) तथा 2018 में तेजेंद्र शर्मा (ब्रिटेन) तथा 2019 में… Read More

सूचना : नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया द्वारा विश्व हिंदी दिवस पर आमंत्रण

आप सभी सम्माननीय हिन्दी प्रेमी, कवि साहित्यकार बन्धुओं, नगर के प्रबुद्ध जन, सभा के शुभ चिंतक सम्मानित सदस्य गण से विनम्र अनुरोध है कि दिनांक 10-01-2022 सोमवार को 2 बजे अपराह्न नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया के तुलसी सभागार में प्रति… Read More

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कविता : डॉ. राजेंद्र प्रसाद

जीरादेई सीवान बिहार में तीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में, जन्मा था एक लाल। दुनिया में चमका नाम उसका, थे वो बाबू राजेंद्र प्रसाद।। तीन बार कांग्रेस अध्यक्ष बन, संविधान सभा के अध्यक्ष रहे। राष्ट्रपति बन राजेंद्र बाबू जी, जन… Read More

काश! ग़ालिब ने रटौल खाया होता

“फल कोई ज़माने में नहीं, आम से बेहतर करता है सना आम की, ग़ालिब सा सुखनवर इकबाल का एक शेर, कसीदे के बराबर छिलकों पे भिनक लेते हैं, साग़र से फटीचर वो लोग जो आमों का मज़ा, पाए हुए हैं… Read More

gurunanak ji

कविता : गुरुनानक जी

कार्तिक मास में संवत पन्द्रह सौ छब्बीस को माँ तृप्ता के गर्भ से कालू मेहता के आँगन तलवंडी, पंजाब (पाकिस्तान) में जन्मा एक बालक, मातु पिता ने नाम दिया था उसको नानक। आगे चलकर ये ही नानक सिख धर्म प्रवर्तक… Read More

zindgi abhi aur bhi hai

लेख : ज़िदगी अभी और भी है…

तमाम संघर्षों के बीच भी ज़िदगी होती है। जब हम निराश, हताश और संघर्षों से टूटने लगते हैं तब कभी कभी लगता है कि जीवन बस हमारा इतना ही था। जीवन की शेष संभावनाएं स्वतः खारिज हो जाती है। ऐसे… Read More

suraj

गोलेन्द्र पटेल की कविताएँ

1. किसान है क्रोध ••••••••••••••••• निंदा की नज़र तेज है इच्छा के विरुद्ध भिनभिना रही हैं बाज़ार की मक्खियाँ अभिमान की आवाज़ है एक दिन स्पर्द्धा के साथ चरित्र चखती है इमली और इमरती का स्वाद द्वेष के दुकान पर… Read More

prem

छोटे शहर की बड़ी प्रेम कथाएँ

छोटे-छोटे शहरों में ही बड़ी प्रेमकथाएँ जन्म लेती हैं।भले इतिहास में इनका कोई जिक्र नहीं होता है लेकिन इनमें सुख -दुख के साथ हमेशा एक नया संघर्ष और जिज्ञासाएँ छुपी होती थी। इन प्रेमकथाओं में भी एक हीरो और एक… Read More