use and throw

लघुकथा : यूज एंड थ्रो

“अदिति! आओ लंच करें।” मिली ने टिफिन खोलते हुए कहा। “नो डियर, तुम कर लो, मुझे भूख नहीं है।” अदिति ने विंडो से बाहर देखते हुए कहा। “व्हाट डू यू मीन, भूख नहीं है।”…. क्या बात है दिवाकर, अभी भी… Read More

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लघुकथा : रावण में भी राम

रामलीला का आयोजन चल रहा था। दृश्य था “सीता – हरण”। पंडाल भरा हुआ था। आयोजकों ने महिलाओं और पुरुषों के लिए बैठने की व्यवस्था, सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से अलग-अलग की थी। सभी लोग लीला का आनंद ले… Read More

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लघुकथा : अफ़साना

अफसाना, जिसकी ज़िंदगी उसके नाम की तरह ही गुमनाम है और जिसका संघर्ष उसकी ज़िंदगी की तरह ही अनदेखा। वो एक छोटे से गाँव के निम्न वर्गीय या कह लीजिए शोषित वर्गीय परिवार की बेटी है, शिक्षा का अधिकार उसे… Read More

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छोटे शहर की बड़ी प्रेम कथाएँ

छोटे-छोटे शहरों में ही बड़ी प्रेमकथाएँ जन्म लेती हैं।भले इतिहास में इनका कोई जिक्र नहीं होता है लेकिन इनमें सुख -दुख के साथ हमेशा एक नया संघर्ष और जिज्ञासाएँ छुपी होती थी। इन प्रेमकथाओं में भी एक हीरो और एक… Read More

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एक बरस में मौसम चार

एक बरस में मौसम चार, यह फिल्मी गाना बहुत लोकप्रिय है। जहाँ पाँचवे मौसम के रुप में ‘प्यार” के मौसम की बात होती है।जब हम इस पाँचवे मौसम की तह तक जाते है तो इस भाव को व्यक्त करने के… Read More

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लघुकथा : विदाई

बड़े साहब का ट्रान्सफर हो गया था। तीस तारीख को उन्हे रिलीव होना था। साहब बड़े उदार दिल थे। लोकप्रिय भी। इसलिये आफिस की तरफ से उन्हें भव्य विदाई पार्टी देने का निर्णय लिया गया था। एक अच्छे आयोजन की… Read More

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कहानी : एक डायरी के खामोश पन्ने

सुबह के चार बज गये है।रात से मूसलाधार बारिश हो रही है।कपड़े उठाना भूल गयी थी ।सारे भीगे हुए है। राइटिंग टेबल पर बैठी हूँ।तुम गहन निंद्रा में सोये हो,कितने मासूम लग रहे हो।पास ही अवि भी सोया है।वह नींद… Read More

Masoom mohabbat

लघुकथा : मासूम मोहब्बत

शहर में रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही थी।सुबह भी थमने का नाम न ले रही थी। उसने बैचेनी से घड़ी की तरफ देखा।सुबह की सैर का वक्त हो गया था।उसे पता था वो छत पर खड़ी उसयुवक बारहवीं… Read More

story chaupal

कहानी : चौपाल

मां बाबा आज भी चौपाल पे ही पंचायत का फैसला सुनाने चले गये। मैं बोली भी थी बाबा आज कहीं न जाना मुझे मेला देखने जाना है खीज़ के ये सब एक ही सांस मे सरिता अपनी मां से बोली… Read More

Topper Divyanshi Jain

कहानी परसेन्टेज की

एक परीक्षार्थी को प्रत्येक विषय मे फुल मार्क्स कैसे मिल सकते हैं? सवाल बहुत बड़ा है, सवाल जायज है और इस सवाल के लिए हमें भला बुरा भी कहा जा सकता है लेकिन सवाल है तो है और सवाल हमेंशा… Read More