prem

कविता : प्रेम

माँ-बाप का प्रेम जग में सबसे अनमोल बच्चों की छोटी छोटी खुशियों में ढूँढें जो अपनी ख़ुशी उनकी खुशियों के लिए छोड़ दें जो अपनी सारी खुशियाँ। कभी बन जाते गुरु हमारे कभी बन जाएँ दोस्त अच्छे-बुरे का पाठ सिखाते… Read More

zindagi

कविता : जिंदगी क्या है

फूल बन कर मुस्कराना जिन्दगी है मुस्कारे के गम भूलाना जिन्दगी है मिलकर खुश होते है तो क्या हुआ बिना मिले दोस्ती निभाना भी जिन्दगी है।। जिंदगी जिंदा दिलो की आस होती है। मुर्दा दिल क्या खाक जीते है जिंदगी।… Read More

ram

कविता : डर नहीं अब राम का

राम थे महान इसलिए करते है उनका सदा गुण गान। राम थे मर्यादा पुरूषोत्तम इसलिए शक्तिशाली थे। राम थे विष्णु के अवतार इसलिए पृथ्वीवासियों के दुख हरने आये थे। बातें राम की करते है नहीं अपनाते उनका आचरण। बस राम… Read More

mai pita nahin

कविता : कैसे कहूँ पीता नहीं

कैसे कह दूं कि मैं पीता नही हूँ। रोज जीने के लिए मैं पीता हूँ। जिंदगी में इतना सहा है हमने। न पीते तो कब के मर गए होते।। बड़ी ही जालिम है ये दुनियाँ। छेड़े बिना लोग रह नहीं… Read More

mohabbat

ग़ज़ल : ख़ुदी से ज़िदगी में एक भूल कर बैठे

ख़ुदी से जिंदगी में एक भूल कर बैठे वफ़ा-ए-इश्क़ मे ख़ुद को फ़ुज़ूल कर बैठे ये सोचते थे कि खुशबू कभी तो आएगी ख़िज़ाँ के मौसमों में ये मलूल कर बैठे यही तो होना था अंजाम आज़माने का, तबाह कर… Read More

kisaan

गीत : किसान

किसान क्या होते है तुम गांव वालो से पूछो। ये वो शख्स होते है जो खाने देते सबको अन्न। किसान क्या होते है तुम गांव वालो से पूछो।। परन्तु इसकी झोली में नहीं मिलता उसका हक, यहीं से गरीबी का… Read More

ji kar dekhege

ग़ज़ल : हम भी मर के देखेंगे

न किया जो अब तलक,वो कर के देखेंगे अब हम भी किसी पर यारों,मर के देखेंगे ज़िन्दगी गुज़ार दी बस तन्हाइयों में हमने, अब मोहब्बत का दरिया में भी,उतर के देखेंगे हमने देखे हैं जाने कितने ज़फाओं के मारे अब… Read More

sas bahu

कविता : सास बहू का रिश्ता

सास बहू का रिश्ता में तुम को समझता हूँ। हर घर की कहानी तुमको मैं सुनाता हूँ। सुनकर कुछ सोचना, और कुछ समझना। सही बात यदि मैंने कहीं हो तो बता देना।। सास-बहू का रिश्ता बड़ा अजीब होता है। बहू… Read More

chamcha

व्यंग्य : “शाह का चमचा”

“बने है शाह का चमचा, फिरे है इतराता वरना आगरे में ग़ालिब की हस्ती क्या है” मशहूर शायर मिर्जा गालिब ने जब ये फरमाया था तब बादशाह की उनपे नूरे नजर थी, लेकिन वक्त ने ऐसी करवट बदली कि मिर्जा… Read More

ravan

गीत : रावण को भी सुने

रावण कहता है एक बात मेरी सुन लो। क्यों वर्षो से मुझे यूं जलाये जा रहे हो। फिर भी तुम मुझे जला नहीं पा रहे हो। हर वर्ष जलाते जलाते थक जाओगे। और एक दिन खुद ही जल जाओगे।। मैंने… Read More