holi kaise manaun

कविता : होली का रंग

तुम्हें कैसे रंग लगाएं, और कैसे होली मनाएं ? दिल कहता है होली, एक-दूजे के दिलों में खेलो क्योंकि बहार का रंग तो, पानी से धुल जाता है पर दिल का रंग दिल पर, सदा के लिए चढ़ा जाता है॥… Read More

holi hooo

गीत : होली

सब हित मीत हमजोली हो प्यार इश्क़ की बोली हो ग़र मिल जाये भूले भटके तब समझो पर्व ये होली हो उसे हर रंग गुलाल अबीर हो सब अल्हड़ मस्त फ़क़ीर हो हर गम से दूर, कबीर हो ख़ुशियों से… Read More

holi

होली के रंग में सजी दुनिया सारी

ब्रजमंडल का अनूठा महोत्सव होली का पर्व निराला प्रकृति में एक नयी मादकता है जागी।। रोम-रोम में मस्ती छाई घर-घर में गुलाल लाई।। होली आई रंगो का त्यौहार लाई रंग गुलाल उड़ाएंगे होली हम सब मिल मनाएंगे।। रंग गुलाल से… Read More

kabira khada bazaar mein

व्यंग्य : कबीरा खड़ा बाजार में

इधर अकादमी पुरस्कारों की घोषणा हुई उधर सिद्धवाणी का उद्घघोष शुरू हो गया । वैसे सिद्धवाणी जो खुद को कबीरवाणी भी कहती रही है कि खासियत ये है कि इसकी तुलना आप क्रिकेटर -कम -नेता नवजोत सिंह सिद्धू के स्वागत… Read More

wo ruth kar

ग़ज़ल : वो रूठ कर के

वो रूठ कर के आज हम से इस कदर चला गया कि जैसे आसमां से तारा टूट कर चला गया दिल-ओ-दिमाग मे मेरे बना के अपनी ही कब्र बिलखता छोड़ कर के कोई उम्र भर चला गया कि कल तलक… Read More

gyan ki mata

गीत : विद्या की माता शारदे

वो ज्ञान की माता है सरस्वती नाम है उनका-२। वो विद्या की माता है। शारदा माता नाम उनका। वो ज्ञान की माता है।। हाय रे मनका पागलपन मुझ से लिखवाता है। क्या मुझे लिखना क्या वो लिखवाता ये तो वो… Read More

nari

कविता : नारी के शब्द

मज़बूर हूँ मैं। मगर ये मत समझना, कि कमज़ोर हूँ। मज़बूत हूँ मैं, साथ ही ग़रीब हूँ। मगर लाचार नहीं।। तेरे शोषण का सुबूत हूँ मैं, तेरी ही पहचान हूँ मैं। फिर भी अपनों के लिए कार्य कर रही हूँ।… Read More

basant

कविता : बसंत की बेला आई

बसंत की बेला आई मन में महक जगाई अब तू भी जी ले कुछ पल को मन में यह फूल खिलाई बसंत की बेला आई।। मन की बागियों में अब तू हंसियो के फूल खिला दें यादों की सोंधी सी… Read More

manzile

कविता : मंजिले मिल जाती है

नदियाँ खुद अपनी चाल से रास्ते बना लेती है। बड़े-बड़े पहाड़ों को भी चीर कर आगे निकल जाती है। क्योंकि उन्हें अपने आप पर विश्वास होता है। इसलिए उन्हें आदर से पूजा जाता है।। इरादे हो अगर नेक तो मंजिले… Read More

gaanv

कविता : गाँवो में जाकर देखो

सोच बदलो गाँव बदलो अब चलो गाँव में। तभी हम गाँवो को खुशहाल बना पाएंगे। और नया हिंदुस्तान हम मिलकर बनाएंगे। और गाँवो का इतिहास एक बार फिर से दोहरायेंगे। गाँवो की मिट्टी का कोई जवाब नहीं है। पैरो में… Read More