अध्यात्म के सागर से निकला ज्ञानामृत : ‘गीता मंथन’

साहित्य और अध्यात्म जगत के लिए यह अत्यंत हर्ष एवं गौरव का विषय है कि सुप्रसिद्ध विचारक एवं मनीषी श्री राज नारायण द्विवेदी जी की प्रथम कृति ‘गीता मंथन’ प्रकाशित होकर हमारे समक्ष प्रस्तुत है। श्रीमद्भगवद्गीता के शाश्वत ज्ञान को… Read More

“समकालीन हिंदी साहित्य : विविध दिशाएँ” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

हिंदी विभाग, सेंट पॉल्स कैथेड्रल मिशन कॉलेज, कोलकाता एवम् अधिकरण प्रकाशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कोलकाता, पश्चिमी बंगाल में 15.11.2025 को किया जाएगा। “समकालीन हिंदी साहित्य : विविध दिशाएँ” विषय पर आयोजित… Read More

लघुकथा : आज का नाम ज़िंदगी

मुंबई के कांदिवली इलाके की एक पुरानी बिल्डिंग की तीसरी मंज़िल पर वर्मा परिवार रहता था। मध्यमवर्गीय लेकिन बेहद संतुलित और खुशहाल। राजीव वर्मा एक निजी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थे, उनकी पत्नी नीलिमा गृहिणी थीं, और उनका इकलौता बेटा… Read More

सावन, शिव और प्रेम : भावनाओं की त्रिवेणी

सावन का महीना भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना में एक विशेष स्थान रखता है। यह वह समय है जब धरती हरी चादर ओढ़ लेती है, आकाश सावन की फुहारों से सज उठता है और हर ओर हरियाली और शीतलता का… Read More

पुस्तक समीक्षा : गर्दिशों के गणतंत्र में

‘गर्दिशों के गणतंत्र में’ काव्य संग्रह में मानवीय चेतना के विविध प्रसंग- हिंदी साहित्य में काव्य की प्राचीन परंपरा रही है। आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल आदि में साहित्य काव्यात्मक रूप से लिखा गया। रीतिकाल के बाद रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध… Read More