Ram nagari ayodhya

लेख : चिरयौवना अयोध्या की अधिष्ठात्री देवी अयोध्या को प्रणाम कीजिए!

आप पूछ सकते हैं यह क्या? तो जानिए कि ऐश्वर्य में जगमग और भक्ति में लिपटी राम की नगरी अयोध्या के नामकरण की कथा बहुत दिलचस्प और रोमांचक है। यह दिलचस्प कथा न वाल्मीकि बताते हैं, न तुलसीदास, न भवभूति… Read More

लेख : 2050 तक हिंदी दुनिया की सबसे बड़ी भाषा बनने जा रही है

पंख फैला कर उड़ पड़ी है हिंदीदुनिया अब हिंदी की तरफ़ बड़े रश्क से देख रही है। अमरीका, चीन जैसी महाशक्तियां भी अब हिंदी सीखने की ज़रूरत महसूस कर रही हैं और कि सीख रही हैं क्योंकि हिंदी के जाने… Read More

घर वापसी : एक जन-विद्रोह

अब मज़दूरों की घर वापसी जन-विद्रोह में तब्दील है, इन की व्यवस्था सेना के सिपुर्द हो  सी ए ए को ले कर मुस्लिम समाज को भड़काने और कोरोना को ले कर मज़दूरों को भड़काने में जो योगदान कांग्रेसियों और कम्युनिस्टों… Read More

हे गांधी इन अज्ञानियों को क्षमा करना !

जो लोग नहीं जानते वह लोग अब से जान लें कि गांधी को महात्मा की उपाधि रवींद्रनाथ टैगोर ने दिया था। जब कि गांधी को राष्ट्रपिता नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने कहा था। और समूचे देश ने एक स्वर… Read More

मेरी बेटी, मेरी जान

मेरी बेटी, मेरी जान ! तुम सर्दी में इतनी सुंदर क्यों हो जाती हो मेरी बेटी गोल-मटोल स्कार्फ बांध कर नन्हीलाल चुन्नी जैसी नटखट क्यों बन जाती हो मेरी बेटी मेरी बेटी, मेरी जान, मेरी भगवान, मेरी परी, मेरी आन,… Read More

हिंदी लेखकों और पत्रकारों के साथ घटतौली की अनंत कथा

हिंदी में अजब घटतौली है। कमोवेश हर जगह। क्या प्रकाशक, क्या संपादक, क्या अखबार या पत्रिकाएं। सब के सब एक लेखक नाम के प्राणी को गरीब की जोरु को भौजाई बनाने का सुख लूट रहे हैं। जाने कब से। पहले… Read More

संस्मरण : हमको तो चलना आता है केवल सीना तान के (भगवतीचरण वर्मा के जन्मदिवस पर विशेष)

कुछ लेखक होते हैं जो बहुत कुछ लिख जाने के बाद भी अपना पता नहीं दे पाते तो कुछ लेखक ऐसे भी होते हैं जिन की रचनाएं तुरंत उन का पता दे देती हैं। पर किसी लेखक की रचना ही… Read More