radhe krishna

गीत : मैं किशना हो जाऊँ पिया

ऐसा रंग दे मोहे रँगरेज़ा, वृन्दावन हो जाऊँ पिया तू बन जाये राधा रानी, मैं किशना हो जाऊँ पिया। होली खेलें किशन मुरारी, भर भर मारें रंग पिचकारी सूखी देह रही ये सारी, भींग गयी सिगरी अँगियारी बाँह पकड़ के… Read More

कविता : माँ शारदे

पूजत चरण माँ शारदे पंचम तिथि है बसन्त सर्वज्ञान विस्तारित हो जितना गगन अनन्त। प्रकटोत्सव पर हर्षित सारे देवी देव भगवान नतमस्तक हो स्तुति करें ओढ़ पीत परिधान। ओढ़ पीत परिधान भोग में बेसन का हलवा धन यश विद्या और… Read More

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नज़्म : मोहब्बत

मोहब्बत के सफर पर चलने वाले रही सुनो मोहब्बत तो हमेशा जज्बातों से की जाती है महज़ शादी किसी मोहब्बत का साहिल नहीं मंज़िल तो दूर बहुत इससे भी दूर जाती है। जिन निगाहों में मुकाम-ए-इश्क़ शादी है उन निगाहों… Read More

कविता : मैं

“मैं” से उठकर मैंने जब देखा जो ज़रा ध्यान से आत्मा थी दिग्भ्रमित, मन था भरा अज्ञान से। चक्षुओं की परिधि भी सीमित रही स्वकुटुंब तक संकुचित समस्त भावनाएँ, थी पहुँच प्रतिबिम्ब तक ओज़ वाणी में था इतना, स्वयं सुन… Read More

kash ham

कविता : काश! हम सब जन्मजात अंधे होते

काश! हम सब जन्मजात अंधे होते हमारी आँखों में कतई रौशनी न होती चेहरे पर लगा एक काला चश्मा होता और हाथ में लकड़ी की एक छड़ी होती तब इस विश्व का स्वरुप ही दूसरा होता प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व… Read More

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कविता : 26 जनवरी अमर रहे

मैं आज़ाद भारत हूँ, अमन पैगाम है मेरा इतिहास देख ले तू दया धर्म नाम है मेरा मेरी सरलता को तू कमज़ोरी न समझना रावण! याद रख बच्चा-बच्चा राम है मेरा। मेरे गुरुर से ही ज़िंदा है तेरा गुरूर ईमान… Read More

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ

कविता : गणतंत्र दिवस की जय हो

हम एक हैं ये आईये दुनिया को दिखाइये घर-घर में ग़ुरूरो-शान से तिरंगा फहराइये। पुरज़ोर आवाज़ में अदब से राष्ट्रगान गाईये जय हो भारत माता की जयकारा लगाइये। अमृतोत्सव आज़ादी का है मन से मनाईये वीरों की वीरगाथाएँ ज़रा भईया… Read More

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कविता : ना जाने क्यों

ना जाने क्यों तेरी आवाज़ सुकुन देती है बहुत ना जाने क्यूँ तेरे ख्याल से दिल हो शादाब जाता है जब भी सोचता हूँ तन्हाई में जिंदगी की बाबत मुस्कुराता तेरा चेहरा नज़र के सामने आता है । मुझे मालूम… Read More

ram mandir ayodhya

कविता : रामलला घर आयेंगे एक दिन

रामलला घर आयेंगे एक दिन, आस लगाये पंथ निहारे तकते व्याकुल राहें राम की, नैना बिछाए देहरी बुहारे निकट आ गई घड़ी सखी री, रामलला फिर घर आयेंगे हर घर सजे अयोध्या जैसा, राम अयोध्या धाम आयेंगे। स्वागत की ऐसी… Read More

ram mandir ayodhya

कविता : बीत गईं कई सदियाँ देखो

बीत गईं कई सदियाँ देखो, कितने पुरखे स्वर्ग सिधारे कब आयेंगे राम अयोध्या, कैसन जागें भाग्य हमारे सदियों से तरसी सरयू में, राम नीर बहने वाला है रामलला आ रहे अयोध्या, अँधियारा ढ़लने वाला है। करी तपस्या,दीं है आहुति, प्राण… Read More