lata mangeshkar

रहें ना रहें हम महका करेंगे : स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर

भारतीय सिनेमा और संगीत की दुनिया की सुर साम्राज्ञी, स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर जी आज हमारे बीच नहीं रहीं। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम साँसे ली। बीते कुछ दिनों से उनका अस्पताल में कोरोना का इलाज… Read More

pushpa

आई हेट टीयर्स : बॉलीवुड की आँखों में लाए पुष्पा ने आँसू

पुष्पा, नाम सुनकर फ्लावर समझी क्या? फायर है मैं। अब ये फायर किसी और के लिए हो न हो मगर इस बॉलीवुड के लिए जरूर फायर बन गया है। 83 जैसी फ़िल्म भी फ्लॉप हो गई और इससे पहले बड़े… Read More

PAAN MASALA

नशे की पहली ख़ुराक : इलायची की आड़ में गुटखे का विज्ञापन

फिल्मों के बाद अभिनेताओं और अभिनेत्रियों ने जिस तरीके से सपनों की दुनिया दिखलाने के साथ-साथ इंसानी रिश्तों, जज़बातों और उसके भावनाओं को सबसे ज्यादा कैश कराने का काम किया है, उसमें विज्ञापनों की एक बहुत बड़ी दुनिया है। जो… Read More

हिंदी भाषा और बोलियाँ

हिंदी भाषा एवं बोलियाँ

साहित्य सिनेमा सेतु यूट्यूब के इस चैनल में भाषा एवं बोलियाँ, पर्यायवाची, विलोम शब्द, रस, छंद, अलंकार, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, वर्तनी शुद्धि, शब्द, वाक्य, समास, संधि, रचना संसार आदि विषयों का समग्र सार है। साथ ही सभी प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक… Read More

Children Top Ten Songs

बच्चों के टॉप टेन फिल्मी गाने

बच्चों के टॉप टेन फिल्मी गाने- 1. गाना: चुन चुन करती आई चिड़ियाँ फिल्म: अब दिल्ली दूर नहीं, वर्ष: 1957, गीतकार: हसरत जयपुरी 2. गाना: लकड़ी की काठी फिल्म: मासूम, वर्ष:1983, गीतकार: गुलज़ार 3. गाना: नानी तेरी मोरनी को मोर ले… Read More

Shakeel

जन्मदिवस विशेष : गीतकार शकील बदायूँनी

हिन्दी सिनेमा में “चौदहवीं का चांद हो या आफ़ताब हो”… (चौदहवीं का चांद) या फिर “प्यार किया तो डरना क्या”…(मुग़ले आज़म) जैसे गीतों के जरिये  अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले मशहूर शायर और गीतकार “शकील बदायूँनी” जी का आज जन्म… Read More

Actor Manoj Kumar

जन्मदिन पर विशेष : हिंदी सिनेमा में देशभक्त अभिनेता मनोज कुमार

मित्रों, हिंदी सिनेमा में देशभक्त अभिनेता के रूप में ख्याति अर्जित करने वाले कलाकार एवं भारत कुमार नाम से प्रसिद्ध मनोज कुमार जी का जन्म 24 जुलाई 1973 को हुआ था. उनका असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी है. मनोज कुमार… Read More

इरफान आप बहुत याद आएंगे…

रिश्तों में भरोसा और मोबाइल में नेटवर्क न हो तो लोग गेम खेलने लगते हैं। (फ़िल्म ‘जज़्बा’) जिंदगी भी कब कौन सा गेम खेल जाए पता ही नहीं चलता। अपने आप को भले ही हम कितना भी बड़ा खिलाड़ी समझे… Read More

सिनेमा के आईने में बच्चे और उनका भविष्य

भारतीय सिनेमा अपने सौ वर्ष पूरे करने के साथ साथ निरंतर समृद्धशाली होता जा रहा है। उसने लगभग हर विषयों पर फिल्म बनाकर हम सबका न केवल मनोरंजन किया है बल्कि हमें ऐसे कई विषयों के बारे में सूचित और… Read More

इस देश की पहचान अब ‘कलाम’ बने

(मित्रों, मैंने यह रचना डॉ. कलाम के प्रमुख सिद्धांतों से प्रभावित होकर लिखी है इसलिए इसमें बहुत सी ऐसी बातें हैं जो सामान्य होते हुए भी सामान्य नहीं है। जिसे मैंने कुछ बिन्दुओं को निर्धारित करते हुए आप सब तक… Read More