tanhai

कविता : मैं कर लूंगा किनारा

मैं कर लूंगा किनारा तुझ से कुछ इस तरह की दोबारा राब्ता ना हो सकेगा समेट लूंगा मैं खुद को इस तरह खुलकर दोबारा तेरा ना हो सकूंगा चला जाऊंगा मैं इतना दूर मुद्दत्तो बाद भी तुझसे मिल ना सकूंगा… Read More