एक परीक्षार्थी को प्रत्येक विषय मे फुल मार्क्स कैसे मिल सकते हैं? सवाल बहुत बड़ा है, सवाल जायज है और इस सवाल के लिए हमें भला बुरा भी कहा जा सकता है लेकिन सवाल है तो है और सवाल हमेंशा… Read More
एक परीक्षार्थी को प्रत्येक विषय मे फुल मार्क्स कैसे मिल सकते हैं? सवाल बहुत बड़ा है, सवाल जायज है और इस सवाल के लिए हमें भला बुरा भी कहा जा सकता है लेकिन सवाल है तो है और सवाल हमेंशा… Read More
कुछ समय पहले टीवी पर एक इश्तहार आता था जिसमें सब झूम झूम कर कहा करते थे कि “जो तेरा है वो मेरा है जो मेरा है वो तेरा” इस थीम को ध्येय वाक्य बना लिया चीन ने और चौदह… Read More
जिसे भूल कर भी भुला ना सके हम, ‘मनोहर’ उसे ना फिर कभी याद आ सके हम, जिसे भूल कर भी …. यूँ बातें बहोत की बिना बात की, पर हाल ए दिल अपना बता ना सके हम, जिसे भूल… Read More
हमारे लोकसाहित्य में नीम के पेड़ को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। लोकगीतों में ‘नीम के पेड़’ पर कई प्रसिद्ध लोकगीत मिलते हैं। कल एक यह प्रसिद्ध अवधी लोकगीत सुना।जिसे बहुत बार पढ़ा था लेकिन कल सुनने का मौका मिला- “बाबा… Read More
भीष्म साहनी हिंदी साहित्यकारों में विशिष्ट स्थान रखते हैं। आठ अगस्त 1915 को रावलपिंडी में इनका जन्म हुआ था। वे हिन्दी फ़िल्मों के जाने माने अभिनेता #बलराज साहनी #balraj sahani के छोटे भाई थे। मुझे साहित्य में गद्य पसंद है।… Read More
जलता हूँ मैं अपने आपमें अक्षर बन जाता हूँ नित्य प्रज्ज्वलित ज्वाला मेरे बनते हैं अक्षर प्रखर असमानता, अत्याचारों के विरूद्ध आवाज़ बनकर आते हैं ये मेरे प्रखंड प्राणाक्षर पंचशील का हूँ मैं साधना में अल्प की दृष्टि से देखो… Read More
कुछ सपने थे जो टूट गए, कुछ अपने थे जो छूट गए, पहले तो कुछ ना आभास था, यह भी होगा, ना विश्वास था, पर होनी तो होकर गुजरी, सब सगे स्नेह से लूट गए, कुछ सपने थे जो टूट… Read More
जितना हमने है देखा, और अबतक समझ हम पाये। संसार के इस चक्कर ने, हम सबको बहुत रुलाया। हो हो हो ………………।। लोगो की भावनाओं से इन सब ने अबतक खेला। कभी धर्म जाती के नाम पर, उन्हें आपस में… Read More
मिश्री जैसी मधुर है हमारी बोली हम प्रेमी पान मखान और आम के भगवती भी जहाँ अवतरित हुईं हम वासी हैं उस मिथिला धाम के संतानों को जगाने मिथिला की माएँ सूर्योदय से पूर्व गाती हैं प्रभाती सुनाकर कहानियाँ ज्ञानवर्धक… Read More
मैं समाज से बोलता हूँ दुनिया से बोलता हूँ मनुष्य से बोलता हूँ मेरे पास वह शक्ति नहीं उन भेड़ियों से बोलने का कुटिल तंत्रों के साथ लड़ने का होने दो मुझ पर इनके नादान परिहास रचने दो मंत्र –… Read More