वेदों का उपकार है गीता उपनिषदों का सार है गीता पढ़कर जीवन सफल हो जाये जीवन का आधार है गीता॥ भौतिकता से दूर है गीता अध्यात्मिकता की उर है गीता मानव चले गर गीता पथ पर विषाद का उसके संहार… Read More
वेदों का उपकार है गीता उपनिषदों का सार है गीता पढ़कर जीवन सफल हो जाये जीवन का आधार है गीता॥ भौतिकता से दूर है गीता अध्यात्मिकता की उर है गीता मानव चले गर गीता पथ पर विषाद का उसके संहार… Read More
बड़े साहब का ट्रान्सफर हो गया था। तीस तारीख को उन्हे रिलीव होना था। साहब बड़े उदार दिल के थे। लोकप्रिय भी। इसलिये ऑफिस की तरफ से उन्हें भव्य विदाई पार्टी देने का निर्णय लिया गया था। एक अच्छे कार्यक्रम… Read More
यह कहानी एक डॉ. के निष्काम कर्म, सेवा, करुणा के दायित्व बोध का संदेश देती हुई डॉ. और मरीज के मध्य कर्तव्य और रिश्तों की व्यख्या कराती है। कहानी दो पात्रों के इर्द गिर्द घूमती है पहला पात्र है डॉ… Read More
अदिति… आओ लंच करें… मिली ने टिफिन खोलते हुए कहा। “नो डियर, तुम कर लो, मुझे भूख नहीं है।” अदिति ने विंडो से बाहर देखते हुए कहा। “व्हाट डू यू मीन, भूख नहीं है।” क्या बात है दिवाकर, अभी भी… Read More
मूल्य जीवन का संचालक होता है। सकारात्मक और नकारात्मक मूल्यों से हम संचालित होते हैं। जीवन को उसकी श्रेष्ठता के साथ जीने का एक जरिया और एक पक्ष दोनों मूल्य है। मूल्य मनुष्य में निहित मानवीय पक्ष होता है, जो… Read More
जिस दिन से तुम छोड़ गए हमको पल-छिन दुख ने दहन किया हमको मन में बैठ गया तब से इक संताप जीवन में अंधेरा यूँ गया था व्याप्त कोई राह न अब तक सूझी हमको। पापा… तुम बिन जीवन… …… Read More
जी हाँ! पूस का महीना खत्म हो चुका और माघ का महीना आ चुका है। देखते ही देखते मकर संक्रांति का त्यौहार आ गया है। ज्योतिषी, धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टि से आज के दिन का बहुत महत्व है। इसी… Read More
अफसाना… … ! जिसकी ज़िंदगी उसके नाम की तरह ही गुमनाम है और जिसका संघर्ष उसकी ज़िंदगी की तरह ही अनदेखा। वह एक छोटे से गाँव के निम्न वर्गीय या कह लीजिए शोषित वर्गीय परिवार की बेटी है। शिक्षा का… Read More
कसम देकर बुलाती हो फिर मिलने से कतराती हो। दिलकी धड़कनो को भी तुम क्यों छुपा रहे हो। और अपने मन की बात क्यों कह नहीं पा रही हो। पर मोहब्बत तुम दिलसे और आँखों से निभा रही हो।। मोहब्बत… Read More
जब से दुनियाँ में आया हूँ तब से ही भागे जा रहा। कभी खुद के लिए तो कभी अपनो के लिए। न जाने मुझे क्या क्या सच में करना पड़ रहा। और जीवन के पथ पर साथ सभी के चल… Read More