पग पग पर कांटे बिछे चलना तुम्हें पड़ेगा। दुनियाँ की जलत को सहना तुम्हें पड़ेगा। जीवन के लक्ष्य को हासिल करना पड़ेगा। और अपने आपको दुनियाँ को दिखाना पड़ेगा।। पग पग पर कांटे बिछे चलना तुम्हें पड़ेगा। दुनियाँ की जलत… Read More
पग पग पर कांटे बिछे चलना तुम्हें पड़ेगा। दुनियाँ की जलत को सहना तुम्हें पड़ेगा। जीवन के लक्ष्य को हासिल करना पड़ेगा। और अपने आपको दुनियाँ को दिखाना पड़ेगा।। पग पग पर कांटे बिछे चलना तुम्हें पड़ेगा। दुनियाँ की जलत… Read More
तू स्वर की देवी, माँ वीणापाणि, शुभ्रकमल सिंहासना । ममतामयी मूरत ,बुद्धि की सूरत , प्रेम पूरण प्रति प्रेरणा । ‘अजस्र ‘ तेरे चरणों में बैठा , कर जोड़े, करता माँ वंदना , ये वंदना ,ये वंदना । तू स्वर… Read More
भगवन कई, सुखीजन कई, तुमसा ना सृजन होगा; यीशु तुम हो साथ अगर, दुखी ना कोई निर्धन होगा। सेवा करना धर्म सिखाया, निर्बल ने भी संबल पाया, जीवन मे जब बाधा आई, तुमने ही सही मार्ग दिखाया। करते है हम… Read More
भावनाओं की उत्कृष्टता का, आदर्शवादिता का, प्रेम – समर्पण का समुद्र भरता है दिव्य ग्रंथ रामायण महकाव्य गढ़ता है।। एक बूढ़ा पक्षी एक स्त्री की रक्षा करता है, उम्र से हारा जटायू भी एक विचार करता है, तू काहे इस… Read More
मेरी आरज़ू रही आरज़ू, युँ ही उम्र सारी गुज़र गई। मैं कहाँ-कहाँ न गया मगर, मेरी हर दुआ भी सिफ़र गई।। की तमाम कोशिशें उम्र भर, न बदल सका मैं नसीब को। गया मैं जिधर मेरे साथ ही, मेरी बेबसी… Read More
होठों पर हंसी हो आँखो में नमी हो। दिल में सुकून हो। तो खुशी झलकती है। और चेहरा कमल सा एक दम खिलता है। इसलिए तो सभी से इनका दिल मिलता है।। जीवन तो मिला है यहाँ हर किसी को।… Read More
फुटपाथ के दुकानदार ने सख्त लहजे में कहा “ यहां से जाओ चाचा , अस्सी रुपये में ये चप्पल नहीं मिलेगी,बढ़ाओ अपनी साइकिल यहाँ से “। ये सुनकर वो सोच में पड़ गए कि फुटपाथ की सबसे सस्ती दुकान पर… Read More
कही पर बहुत खुशाली है कही पर बहुत उदासी है। कही पर यश कीर्ति है। कही पर नाम मात्र है।। न गमो में उदास रहते है। न खुशी में उछलते है। समानता के भाव हम। सदा ही दिलमें रखते है।।… Read More
सफर में आनंद आता है। जब एक जैसे मिल जाए। पता ही नहीं पड़ता है। कब मंजिल पर पहुँच गए। लोगों की बातें हमें बहुत कुछ सिखाती है। जो जिंदगी में हमारे बहुत ही काम आती है। कहने को सभी… Read More
एक थी श्रद्धा माता-पिता दुलारी गई भटक रिश्ता भी धोखा दिल टूटा श्रद्धा का केवल पीड़ा ना वो आजादी मां-बाप बिन शादी गत श्रद्धा की ना प्रेम पला ना रहा लिव-इन जग-हसाई न रहा प्यार केवल व्यभिचार श्रद्धा व ताब… Read More