buddha

कविता : हार जाएगा संकट

गौतम बुद्ध के मार्ग पर, आज हमें चलना होगा सृष्टि को फिर से स्वर्ग सी उपवन करना होगा।। पंचशील के पाँच तत्वों को अपनाकर मद,मोह,अहंकार को नष्ट करना होगा।। सत्य पर अटल रहकर दूसरों की सेवा करना होगा।। आवश्यकता से… Read More

corona

कोरोना की दूसरी लहर का कहर

कोरोना की गति फिर से तेज है बुलेट ट्रेन की स्पीड लिए है।। बिना मास्क के पहने लोग इसे हरी झंडी दिखाए कोरोना दिन पे दिन बढ़ता जाए।। कोरोना की दूसरी लहर का खौफ बढ़ता जाए दिन दोगुनी उन्नति करता… Read More

holi

होली के रंग में सजी दुनिया सारी

ब्रजमंडल का अनूठा महोत्सव होली का पर्व निराला प्रकृति में एक नयी मादकता है जागी।। रोम-रोम में मस्ती छाई घर-घर में गुलाल लाई।। होली आई रंगो का त्यौहार लाई रंग गुलाल उड़ाएंगे होली हम सब मिल मनाएंगे।। रंग गुलाल से… Read More

pulwama attack

पुलवामा अटैक

“देश को जिसने हमें सौंपकर बदले में सिर्फ मौत पाई कैसे न करें हम उन्हें याद, मौका परस्त कहलाएगा गर आज उनकी याद न आई।।” आज पुलवामा अटैक को 2 वर्ष पूरे हो गए , जिसमे हमारे देश के कई… Read More

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कविता : बसंत की बेला आई

बसंत की बेला आई मन में महक जगाई अब तू भी जी ले कुछ पल को मन में यह फूल खिलाई बसंत की बेला आई।। मन की बागियों में अब तू हंसियो के फूल खिला दें यादों की सोंधी सी… Read More

kaisi aadhunikta

कविता : कैसी आधुनिकता

पहले चिट्ठी आती थी पढ़ते थे हफ्तों तक फोन पर अब तो बाते हुई सीमित जैसे छोटे हो दिन।। वो भी क्या दिन थे, जब मिल घंटो बतियाते थे अब चलते – चलते मुलाकाते हुई।। सावन के झूले तीज त्यौहार… Read More

wridhaawstha

कविता : बदलता परिवेश

विकासशील देशों की तर्ज पर कभी उम्र का विस्तार नहीं होता इसके चलते बुजुर्गो का सम्मान नहीं होता।। प्रशिक्षित चिकित्सा ही विकल्प नहीं स्वास्थ के लिए जागरूकता का अभियान भी होगा अब तो अपनी जीवनशैली को बदलना होगा आगे आकर… Read More

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लेख : जरूरी है वक़्त के साथ बदलाव

तेजी के साथ बदलते मूल्यों, नई पीढ़ी ओर पुरानी परम्परागत व्यवस्था का टकराव लाज़मी है, पर समाज अपने आप नहीं बदलता। बदलाव तभी होगा जब पीड़ाओं से गुजरने के बजाय उन समस्याओं का हल ढूंढे। तेजी के आगे बढ़ने वाला… Read More

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कविता : शरद ऋतु

श्वेत चंद्रमा रजत रश्मियां, रूप यौवन से अपनी छटा बिखेर रहा।। ओस की बूंदें बरस रही रूप यौवन से लदे, खिल रहे खेत सारे।। सुंदर रूप हुआ धरा का फूलों की खुशबू से महका आंचल वसुंधरा का।। सतरंगी पुष्प-लताओं ने… Read More