ऐसा भी होगा शायद किसी ने सोचा भी न होगा, परिवार बिखर ही नहीं रहे मोह,ममता भी जैसे मर रहे संवेदनाएं जैसे दम तोड़ रही हैं परिवारों में भी किसी को किसी की फिक्र ही नहीं है। हर रिश्ता स्वार्थ… Read More
ऐसा भी होगा शायद किसी ने सोचा भी न होगा, परिवार बिखर ही नहीं रहे मोह,ममता भी जैसे मर रहे संवेदनाएं जैसे दम तोड़ रही हैं परिवारों में भी किसी को किसी की फिक्र ही नहीं है। हर रिश्ता स्वार्थ… Read More
अ से अनार ,आ से आम , पढ़ लिख कर करना है नाम। इ से इमली , ई से ईख , पहले भइया इनको सीख । उ से उल्लू ,ऊ से ऊन, हम सबको पढ़ने की धुन । ऋ से… Read More
जो कुछ भी हूँ आज मैं, श्रेय मैं देता हूँ उन शिक्षकों। जिन्होंने मुझे पढ़ाया लिखाया, और यहां तक पहुंचाया। भूल सकता नहीं जीवन भर, मैं उनके योगदानों को। इसलिए सदा में उनकी, चरण वंदना करता हूँ ।। माता पिता… Read More
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में यह निर्णय लिया गया कि हिंदी भाषा भी केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। हिंदी यद्यपि भारत के कई क्षेत्रों में बोली जाती थी, इसी के फलस्वरूप सन 1953 से पूरे भारत में… Read More
मूषक सवार हो के चले है गजानन, आज अपने भक्तों से विदा हो के। नाँचे और गाएँ ये भक्त मतवाले, गणपति की भक्ति में मगन हो के। झांकी है मनुहार, करे मेरा दिल पुकार। रह जाऊँ इनमें ही आज खो… Read More
बंधन ये रक्षा का बहना मांगे वचन ये भाई से। साथ निभाना, लाज बचाना, इस दुनिया हरजाई से माँ बाबा के आँगन पलके थोड़ी सी मैं बड़ी हुई । पाया प्यार तुम्हारा जबसे लगती जैसे दुनियां नई। हाथ तुम्हारा बढ़ा… Read More
गुरु चरणों में गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों में अपने, हमको बैठा लो। सेवा में अपनी, हमको लगा लो, गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे। मुझको अपने भक्तो की, दो सेवादारी। आयेंगे सत संघ सुनने , जो भी नर नारी। मैं उनका… Read More
*दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और भारत रत्न नेल्सन मंडेला जी की स्मृति में राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न सम्मान 2021 से देश की चुनिंदा शख्सियतों का हुआ सम्मान।* ब्यूरो। द ग्लोबल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न 2021 सम्मान… Read More
न तो वह शिक्षित नहीं क़ानून का ज्ञान बेहद आम सी औरत हिमाचल में था आशियाना उनका किंकरी देवी था जिनका नाम…… पहाड़ों से बेहद लगाव खनन माफिया से बचाने पहाड अकेली ही विरुद्ध खड़ी हो गई उनके…. डराया गया,… Read More
ख़्याल सब के सब सिमटते जा रहे हैं उम्र से पहले समझते जा रहे हैं उनकी आंखों ने जिन्हे जी भर के देखा ख़ूबसूरत है वो कहते जा रहे हैं जो मयस्सर जिंदगी में अब न होंगे क्यूं उन्हीं का… Read More