श्रेणी

pariwar

कविता : ऐसा भी होगा

ऐसा भी होगा शायद किसी ने सोचा भी न होगा, परिवार बिखर ही नहीं रहे मोह,ममता भी जैसे मर रहे संवेदनाएं जैसे दम तोड़ रही हैं परिवारों में भी किसी को किसी की फिक्र ही नहीं है। हर रिश्ता स्वार्थ… Read More

varnmala

काव्य : नैतिक हिंदी वर्ण माला

अ से अनार ,आ से आम , पढ़ लिख कर करना है नाम। इ से इमली , ई से ईख , पहले भइया इनको सीख । उ से उल्लू ,ऊ से ऊन, हम सबको पढ़ने की धुन । ऋ से… Read More

shikshakji

कविता : शिक्षकों का योगदान

जो कुछ भी हूँ आज मैं, श्रेय मैं देता हूँ उन शिक्षकों। जिन्होंने मुझे पढ़ाया लिखाया, और यहां तक पहुंचाया। भूल सकता नहीं जीवन भर, मैं उनके योगदानों को। इसलिए सदा में उनकी, चरण वंदना करता हूँ ।। माता पिता… Read More

hindi diwas

लेख : “हिन्दी दिवस” एक दिन की जिम्मेवारी

14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में यह निर्णय लिया गया कि हिंदी भाषा भी केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। हिंदी यद्यपि भारत के कई क्षेत्रों में बोली जाती थी, इसी के फलस्वरूप सन 1953 से पूरे भारत में… Read More

गीत : गजानन विदाई

मूषक सवार हो के चले है गजानन, आज अपने भक्तों से विदा हो के। नाँचे और गाएँ ये भक्त मतवाले, गणपति की भक्ति में मगन हो के। झांकी है मनुहार, करे मेरा दिल पुकार। रह जाऊँ इनमें ही आज खो… Read More

raksha bandhan

कविता : बन्धन ये रक्षा का

बंधन ये रक्षा का बहना मांगे वचन ये भाई से। साथ निभाना, लाज बचाना, इस दुनिया हरजाई से माँ बाबा के आँगन पलके थोड़ी सी मैं बड़ी हुई । पाया प्यार तुम्हारा जबसे लगती जैसे दुनियां नई। हाथ तुम्हारा बढ़ा… Read More

happy guru purnima

गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ

गुरु चरणों में गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों में अपने, हमको बैठा लो। सेवा में अपनी, हमको लगा लो, गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे। मुझको अपने भक्तो की, दो सेवादारी। आयेंगे सत संघ सुनने , जो भी नर नारी। मैं उनका… Read More

yuva samman

युवा लेखक को मिला राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न सम्मान -2021

*दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और भारत रत्न नेल्सन मंडेला जी की स्मृति में राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न सम्मान 2021 से देश की चुनिंदा शख्सियतों का हुआ सम्मान।* ब्यूरो। द ग्लोबल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न 2021 सम्मान… Read More

kinkri devi

कविता : किंकरी देवी

न तो वह शिक्षित नहीं क़ानून का ज्ञान बेहद आम सी औरत हिमाचल में था आशियाना उनका किंकरी देवी था जिनका नाम…… पहाड़ों से बेहद लगाव खनन माफिया से बचाने पहाड अकेली ही विरुद्ध खड़ी हो गई उनके…. डराया गया,… Read More

manzil

ग़ज़ल : चलते जा रहे हैं

ख़्याल सब के सब सिमटते जा रहे हैं उम्र से पहले समझते जा रहे हैं उनकी आंखों ने जिन्हे जी भर के देखा ख़ूबसूरत है वो कहते जा रहे हैं जो मयस्सर जिंदगी में अब न होंगे क्यूं उन्हीं का… Read More