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*दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और भारत रत्न नेल्सन मंडेला जी की स्मृति में राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न सम्मान 2021 से देश की चुनिंदा शख्सियतों का हुआ सम्मान।*

ब्यूरो। द ग्लोबल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न 2021 सम्मान समारोह इस बार कोरोना और दिल्ली में लगें लॉक डाउन के चलते ऑनलाइन किया गया। जिसमें देश से सामाजिक, शिक्षा, चिकित्सा, खेल, विज्ञान, व्यापार, शासन, प्रशासन और साहित्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सामाजिक परिवर्तन और मानवाधिकार जैसे विषयों पर काम कर रहें चुनिंदा विभूतियों एवं संस्थाओं को राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। संस्था की अंतराष्ट्रीय प्रेसिडेंट डॉ हेमा रविशंकर का कहना है की उनकी संस्था हर साल देश विदेश में सामाजिक और मानवाधिकार के लिए काम करने वाली संस्थाओं, संगठनों और शख़्सियतों को इस सम्मान से सम्मानित करती है।

उनका कहना है की हमारी संस्था के भारतीय प्रेसिडेंट रवि के. एस. नारायण अपनी टीम के साथ कुछ महीनों से भारत की ऐसी चुनिंदा विभूतियों एवं संस्थाओं को लगातार संपर्क में लेकर उनके कार्यों को निरंतर रूप से जांच परख रहें थे। 12 सौ संस्था एवं 2000 शख़्सियतों में से कुछ चुनिंदा संस्था एवं शख़्सियतों को राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न सम्मान 2021 के लिए चुना गया।

द ग्लोबल ह्यूमन राइटस फाउंडेशन के इंडिया प्रेसिडेंट ने कहा की, “हमारे भारत देश में ऐसी कई संस्थाएं एवं व्यक्ति हैं, जो निरंतर रूप से अपनी सेवाएं समाज और मानव के अधिकार के हित में दे रहे हैं। कई संस्थाएं तो बिना किसी की मदद से स्वयं के खर्चे पर ही लोगों के दुखों को अपने प्रयासों से दूर कर रहे हैं।हमारा उद्देश्य ऐसे ही संस्था और व्यक्ति का सम्मान करना है।जो निःस्वार्थ भाव से अपना यह काम कर रहे है।”

संस्था का कहना है कि उन्होंने इस पूरी खोज में बेहद अनोखे एवं आंखों को नम कर देने वाले कार्य भी देखें। इंसानियत की मिसाल बने ऐसे कई लोग हमें नजर आए, जिन्हें देखकर हमें भारतीय होने पर गर्व की अनुभूति होती है। जो अगली पीढ़ी को अपनें कार्यो से सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। समाज सुधार एवं अपने स्तर पर छोटे-छोटे कार्य करने वाले ऐसे कई लोग हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के कार्य कर रहे हैं एवं लोगों की निरंतर रूप से मदद कर रहे हैं।
भारत में इस तरह की संस्थाएं अपने अपने क्षेत्र में सकारात्मक रूप से लोगों को जागरूक एवं रोजगार प्रदान भी करा रही हैं। इस तरह की कार्य करने वाली संस्थाओं को भारत की जनता को सहयोग प्रदान करना चाहिए, ताकि उनका हौसला अफजाई हो एवं उनके कार्य प्रणाली में तीव्रता हो।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों, शहरों कस्बों और गांवों से लगभग 115 लोगों को हमारी टीम द्वारा चुना गया।जिन्हें वर्चुअल समारोह में पद्मश्री विजय कुमार शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय समाज सेवा रत्न से सम्मानित किया गया है। श्री शाह ने सभी सम्मानित संस्थाओं और व्यक्तियों को बधाई भी दी।

संस्था के इंडिया प्रेसिडेंट रवि के. एस. नारायण ने इस सम्मान से सम्मानित बिमल तिवारी के बारे में बताया की श्री तिवारी अपने लेखन के द्वारा गरीब ,वंचित , शोषित, मजदूर वर्ग, मानवाधिकार, महिला हिंसा जैसे मुद्दों को बड़े बेबाकी से शासन प्रशासन के समक्ष उठातें है।उनकी रचनाये हमेसा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय अखबारों पत्रिकाओं और ब्लॉग में छपती रहतीं है।जिससे हमारी टीम द्वारा इनका चयन किया गया।

आप को बताते चले कि बिमल तिवारी देवरिया के नोनापार गांव के रहनें वाले है।जो साहित्य के क्षेत्र में आत्मबोध के नाम से लिखतें है।उनकी काव्य संग्रह लोकतंत्र की हार अमेज़न ,विश्व पुस्तक मेला और पाठकों में खासा चर्चित रहीं है। जिसें कई संस्थाओं से सम्मान भी मिला है।इसके अलावा इनकी अन्य दो काव्य संग्रह मनमर्ज़िया, मनमौज़ियाँ भी पाठक वर्गों में दिलचस्प रही। उनकी इस उपलब्धि पर उनके सहित्यिकी मित्रों ने उनको बहुत बधाई दी है।

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