शोध लेख : हमारे देश की गरिमामयी अपराजिताएँ

नारी तुम संजीवनी हो और सुधारस जीवन की सौम्या हो तुम भावमयी कवि की कोमल कल्पना… …  ‘संजीवनी’ के रूप में मान्यता निश्चय ही नारी-गरिमा को उद्घाटित करता है। अनादिकाल से नारी – शक्ति को विविध रूपों में मान्यता मिलती… Read More

शोध लेख : नवजागरणकालीन हिंदी उपन्यास और साम्प्रदायिकता

नवजागरण आधुनिक भारतीय इतिहास का एक ऐसा पड़ाव था, जहाँ से संभवतः सभी आधुनिक विचार, सभी आधुनिक विमर्शों की रूपरेखा तैयार हुई। वर्तमान में जितने भी विमर्श हैं, उन सबका एक महत्त्वपूर्ण आधार भारतीय पुनर्जागरण में रूपायित होता है। नवजागरण… Read More

Ramchandra Shukla

शोध लेख : आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की हिन्दी दृष्टि

यह शत प्रतिशत सत्य है कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की साहित्यिक दृष्टि को समझे बगैर हिन्दी साहित्य को समझ पाना आज भी आकाश कुसुम जैसा है। उनकी स्थापनाओं से टकराए बगैर न तो समीक्षक आगे बढ़ सकते हैं और न… Read More

saho-moview-review

शोध लेख : नाटक का सौंदर्यशास्त्र और उसके विभिन्न तत्व

सौंदर्यशास्त्र स्पष्ट रूप से दो शब्द सौन्दर्य और शास्त्र के मेल से बना है। वस्तुतः सौन्दर्य है क्या? किसी भी वस्तु का वह गुण या कारण है जो प्रेक्षक को आनंद प्रदान करता है, सौन्दर्य कहलाता है। शास्त्र का सीधा… Read More

व्यंग्य : खिड़की के बाहर का दृश्य…

गुलाब के फूलों में लगे काले कीड़ों के मुँह से गन्दी गालियाँ सुनाई दे रही थी। दिन के अँधेरे में बग़ीचे में लगे विशालकाय वृक्ष में रहने वाले पक्षी, अपने-अपने घोंसलों  में आग लगा चुके थे। आग की हरी लपटें… Read More

lord krishna

गीत : आस्था और विश्वास

कौन राग आलापू भगवन जिस से तुम आओ। सूनी पड़ी इस नगरी में रंग तुम भर जाओ। प्रभु जी आ जाओ रंग तुम भर जाओ। कौन राग आलापू भगवन जिस से तुम आओ।। बहुतों को तुमने उभारा अपने तरीके से।… Read More

ram

लघुकथा : रावण में भी राम

रामलीला का आयोजन चल रहा था। दृश्य था “सीता – हरण”। पंडाल भरा हुआ था। आयोजकों ने महिलाओं और पुरुषों के लिए बैठने की व्यवस्था, सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से अलग-अलग की थी। सभी लोग लीला का आनंद ले… Read More

काश! ग़ालिब ने रटौल खाया होता

“फल कोई ज़माने में नहीं, आम से बेहतर करता है सना आम की, ग़ालिब सा सुखनवर इकबाल का एक शेर, कसीदे के बराबर छिलकों पे भिनक लेते हैं, साग़र से फटीचर वो लोग जो आमों का मज़ा, पाए हुए हैं… Read More

लेख : अंक आधारित योग्यता

बिहार बोर्ड दसवीं (मैट्रिक) का परीक्षा परिणाम आया है आज । एक लंबे इंतज़ार के बाद । हमारे समाज के लिए आज का दिन बड़ा महत्वपूर्ण है । जो बच्चे प्रचंड अंक धारण किए हैं, ख़ूब चहक रहे हैं ।… Read More

nari

लेख : नारी, माया या देवी

नवरात्रि में दुर्गा के रूप में पूजी जाने वाली शक्ति रूपा स्त्री आज अधिकांश रूप में बेबस और लाचार नजर आती है। नारी का रूप बदला है, किन्तु नारी के प्रति संकीर्ण अवधारणाएं आज भी नहीं बदली है। आज भी… Read More