शिक्षा की क्रांति में बड़ा फैसला मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय अब हुआ #शिक्षा_मंत्रालय और नई शिक्षा नीति को भी कैबिनेट की मिली मंजूरी! नई शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदु– SSRA (State School Regulatory Authority) बनेगी जिसके चीफ शिक्षा विभाग… Read More
शिक्षा की क्रांति में बड़ा फैसला मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय अब हुआ #शिक्षा_मंत्रालय और नई शिक्षा नीति को भी कैबिनेट की मिली मंजूरी! नई शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदु– SSRA (State School Regulatory Authority) बनेगी जिसके चीफ शिक्षा विभाग… Read More
न हंसता है, न रोता है वो रातों को न सोता है जो जीता है अपने देश के लिये ऐसा तो केवल सैनिक ही होता है। वो धीर है, गम्भीर है निडर है और वीर है जो दुश्मन का कर… Read More
न जाने कितनों को, अपने ही लूट लिया। साथ चलकर अपनों का, गला इन्होंने घोट दिया। ऊपर से अपने बने रहे, और हमदर्दी दिखाते रहे। मिला जैसे ही मौका तो, खंजर पीठ में भौक दिया।। ये दुनियाँ बहुत जालिम है,… Read More
न हो जहां क़द्र, उधर जाते क्यों हो जो रूठा बेसबब, उसे मनाते क्यों हो दिल ओ बदन की ज़रूरतें अजीब हैं, फिर जो न पचता, उसे खाते क्यों हो जो बदल दे अपना रुख़ ज़रा लोभ में, फिर उसको… Read More
सावन की देखो रिमझिम आयी ! यारो तपती धरती अति हर्षायी ! सब उफन उठे हैं नद और नाले, खग चहक रहे हो कर मतवाले, उत करें मयूरा नर्तन अलवेला, जित देखो उत पानी का रेला, यारो झट से गरमी… Read More
कुछ लोगों को लगता है कि वह एक कवि है क्योंकि वह कविताएँ लिखता है परंतु कविताएँ लिखी नहीं जातीं उनका तो जन्म होता है कविताएँ उन्मुक्त होती हैं किंतु वह उन्हें बाँधकर रखना चाहता है अपनी संकीर्ण मानसिकता की… Read More
जी नहीं सकता मैं अकेला जी नहीं सकते तुम अकेले जी नहीं सकता कोई अकेले इस मानव जग में चलना है .. चलना है… मिलजुलते – प्यार करते एक दूसरे से और मानते एक दूसरे को सहयोग अदा करते परस्पर… Read More
हारे के सहारे आ जा, तेरा भक्त पुकारे आ जा। हम तो खड़े तेरे द्वार, सुन ले करुणा की पुकार। आओ नाथ पार्श्वनाथ आओ नाथ नेमिनाथ। आओ नाथ पार्श्वनाथ। आओ नाथ नेमिनाथ।। कोई सुनता नहीं, अब में क्या करूँ। दर्द… Read More
माया के तीन रूप होते हैं ,-कामिनी,कंचन ,कीर्ति ।इसी में एक माया जब दूसरी माया पर आकर्षित हो गयी तब तो गजब होना ही था।यानी एक देवी जी को कीर्ति की यशलिप्सा जाग उठी। इस कीर्ति को पाने का साधन… Read More
हे नारी ! आखिर कब तक सहेगी तू , अबला बन, प्रताड़ित होती रहेगी तू , बहुत हो चुका, दूसरों के लिए जीना मरना , अब तो तुझे खुद के लिए लड़ना होगा माँगना नहीं अधिकार, तुझे छिनना होगा, दिखला… Read More