सब हित मीत हमजोली हो प्यार इश्क़ की बोली हो ग़र मिल जाये भूले भटके तब समझो पर्व ये होली हो उसे हर रंग गुलाल अबीर हो सब अल्हड़ मस्त फ़क़ीर हो हर गम से दूर, कबीर हो ख़ुशियों से… Read More
सब हित मीत हमजोली हो प्यार इश्क़ की बोली हो ग़र मिल जाये भूले भटके तब समझो पर्व ये होली हो उसे हर रंग गुलाल अबीर हो सब अल्हड़ मस्त फ़क़ीर हो हर गम से दूर, कबीर हो ख़ुशियों से… Read More
ब्रजमंडल का अनूठा महोत्सव होली का पर्व निराला प्रकृति में एक नयी मादकता है जागी।। रोम-रोम में मस्ती छाई घर-घर में गुलाल लाई।। होली आई रंगो का त्यौहार लाई रंग गुलाल उड़ाएंगे होली हम सब मिल मनाएंगे।। रंग गुलाल से… Read More
इधर अकादमी पुरस्कारों की घोषणा हुई उधर सिद्धवाणी का उद्घघोष शुरू हो गया । वैसे सिद्धवाणी जो खुद को कबीरवाणी भी कहती रही है कि खासियत ये है कि इसकी तुलना आप क्रिकेटर -कम -नेता नवजोत सिंह सिद्धू के स्वागत… Read More
वो रूठ कर के आज हम से इस कदर चला गया कि जैसे आसमां से तारा टूट कर चला गया दिल-ओ-दिमाग मे मेरे बना के अपनी ही कब्र बिलखता छोड़ कर के कोई उम्र भर चला गया कि कल तलक… Read More
शिव है सबके कर्ताधर्ता। शिव ही है भक्तों के वरदानकर्ता। तभी तो पाते सुख शांति हम सब। शिव के बिना जग है सुना सुना। इसलिए हर कोई कहता सुबह शाम ॐ नमशिवाय।। जो रखते है महाशिवरात्रि का व्रत, और करते… Read More
बात कुछ साल पुरानी है। गुजरात के आगे के स्टेशन से एक स्त्री दो बच्चो को गोद में लिए चढ़ी । कम उम्र की जान पढ़ रही थी। जिस बोगी में थे हम वह भी उसी बोगी में बैठी। उसके… Read More
रिश्तों की तुरपाई को जरा सहज कर रखना। सम्बन्धों की सिलाई अच्छे से की जानी चाहिए, नहीं तो क्या पता किस वक़्त पर यह उधड़ जाए और रिश्तों में दरार पड़ जाए।* *वक़्त का गम नहीं यह क्या करवाएगा ,… Read More
वो ज्ञान की माता है सरस्वती नाम है उनका-२। वो विद्या की माता है। शारदा माता नाम उनका। वो ज्ञान की माता है।। हाय रे मनका पागलपन मुझ से लिखवाता है। क्या मुझे लिखना क्या वो लिखवाता ये तो वो… Read More
एक बरस में मौसम चार, यह फिल्मी गाना बहुत लोकप्रिय है। जहाँ पाँचवे मौसम के रुप में ‘प्यार” के मौसम की बात होती है।जब हम इस पाँचवे मौसम की तह तक जाते है तो इस भाव को व्यक्त करने के… Read More
मज़बूर हूँ मैं। मगर ये मत समझना, कि कमज़ोर हूँ। मज़बूत हूँ मैं, साथ ही ग़रीब हूँ। मगर लाचार नहीं।। तेरे शोषण का सुबूत हूँ मैं, तेरी ही पहचान हूँ मैं। फिर भी अपनों के लिए कार्य कर रही हूँ।… Read More