मुझसे ज़्यादा खुद को कभी तोलना नहीं है भाई मेरा पुलिस, कुछ बोलना नहीं । तेरे दिल में छुपे राज़ मेरे खोलना नहीं है भाई मेरा पुलिस कुछ बोलना नहीं। पुलिस लाइन का छोरा, स्कूल में अपनी मौज थी पढ़ने… Read More
मुझसे ज़्यादा खुद को कभी तोलना नहीं है भाई मेरा पुलिस, कुछ बोलना नहीं । तेरे दिल में छुपे राज़ मेरे खोलना नहीं है भाई मेरा पुलिस कुछ बोलना नहीं। पुलिस लाइन का छोरा, स्कूल में अपनी मौज थी पढ़ने… Read More
‘लक बाय चांस’ के प्रोड्यूसर किरदार रोमी रोली का किरदार एक जगह खुद से बतियाता इंडस्ट्री के बदलते चलन और परंपराओं के टूटने पर रोता है। वह स्टार पुत्रों को अपनी फ़िल्म में लेना चाहता हैं पर वह सब उनसे… Read More
मंदिर मस्जिद और, गुरुद्वारा में गये। श्रद्धा से सिर को, झुकाया वहां पर। और कि प्रार्थना, सामने उनके बैठकर। हे प्रभु सुन लो, अरज मेरी तुम। और दे दो वरदान, अमन चैन से रहने का। ताकि खुश रह सके, अब… Read More
“सिर्फ इंसान ही गलत नहीं होते, वक्त भी गलत हो सकता है।” 29 अप्रैल, 2020 का दिन भारतीय कला जगत को एक ऐसा ज़ख्म देकर गया जिसकी भरपाई करना मुश्किल हैं। जिस बॉलीवुड में बिना किसी पहचान एवं पहुंच के… Read More
मार्च में महामारी से जूझने के बाद सभी के लिए अप्रैल का महीना काफी उम्मीदों भरा था क्योंकि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने की आशंका जताई जा रही थी और चरमराती हुई अर्थव्यवस्था भी अपनी अंतिम साँसे गिन रही… Read More
जो कुछ भी दे जिंदगी, उसे आपस में बाँट लो। अपना हक़, अपना हिस्सा, सब बराबर माप लो।। दुःख हो, या सुख, गम्म हो या हो ख़ुशी। सबके अपने आँसू हैं, सबकी अपनी हंसी। भाग्य की अपनी किस्मत नहीं, कर्म… Read More
राजस्थान के एक पठान परिवार में जन्म लेने वाला ये लड़का शुद्ध शाकाहारी था । पिता जी अक्सर चिढाते हुए कहते थे कि पठान के परिवार में ब्राह्मण ने जन्म लिया है। सब ठीक चल रहा था, नेशनल स्कूल ऑफ… Read More
रिश्तों में भरोसा और मोबाइल में नेटवर्क न हो तो लोग गेम खेलने लगते हैं। (फ़िल्म ‘जज़्बा’) जिंदगी भी कब कौन सा गेम खेल जाए पता ही नहीं चलता। अपने आप को भले ही हम कितना भी बड़ा खिलाड़ी समझे… Read More
कितनी जाने लेकर जाओगे तुम कोरोना, कितना और जुल्म बढ़ाओगे तुम कोरोना, बेबस -लाचारों की रोजी-रोटी को छीन कर, किस तरह से खुश रह पाओगे तुम कोरोना? हमारे ही कुछ अमानवीय, सतत् नरसंहार से, हो रहे जीव – जंतुओं पे,… Read More
अस्पताल में पहुंचते ही मोहन एक हाथ से गले में पड़े गमझे को निकल कर मुँह पोछता है, लेकिन अपने 10 माह के बेटे माधव को नीचे उतारे बिना ही नर्स से बड़ी ही जल्दबाजी में पूछता है “मैडम डाक्टर… Read More