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अलविदा इरफान खान

राजस्थान के एक पठान परिवार में जन्म लेने वाला ये लड़का शुद्ध शाकाहारी था । पिता जी अक्सर चिढाते हुए कहते थे कि पठान के परिवार में ब्राह्मण ने जन्म लिया है। सब ठीक चल रहा था, नेशनल स्कूल ऑफ… Read More

इरफान आप बहुत याद आएंगे…

रिश्तों में भरोसा और मोबाइल में नेटवर्क न हो तो लोग गेम खेलने लगते हैं। (फ़िल्म ‘जज़्बा’) जिंदगी भी कब कौन सा गेम खेल जाए पता ही नहीं चलता। अपने आप को भले ही हम कितना भी बड़ा खिलाड़ी समझे… Read More

कोरोना से जंग

कितनी जाने लेकर जाओगे तुम कोरोना, कितना और जुल्म बढ़ाओगे तुम कोरोना, बेबस -लाचारों की रोजी-रोटी को छीन कर, किस तरह से खुश रह पाओगे तुम कोरोना? हमारे ही कुछ अमानवीय, सतत् नरसंहार से, हो रहे जीव – जंतुओं पे,… Read More

कहानी : रोटियां

अस्पताल में पहुंचते ही मोहन एक हाथ से गले में पड़े गमझे को निकल कर मुँह पोछता है, लेकिन अपने 10 माह के बेटे माधव को नीचे उतारे बिना ही नर्स से बड़ी ही जल्दबाजी में पूछता है “मैडम डाक्टर… Read More

स्वास्थ्य में कमी के दौर में संस्कार में भी कमी

मुझे मेरे कुछ मित्रों ने फोन करके सूचित किया है कि उन्हें ऐसे ई-मेल मिले हैं, जिनमें मेरी ओर से किसी कंपनी के कार्ड खरीदने या आर्थिक सहायता करने का आग्रह किया गया है। मैं स्पष्ट कर दूँ  कि इस… Read More

क्रिकेट का भगवान : सचिन रमेश तेंदुलकर

‘सचिन तेंदुलकर’ वो शख्स जिसने ‘जंग’ में भी जायज़ को जायज़ और नाजायज को नाजायज माना मरिया शेरेपोवा की बात छोड़ दें तो शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जिसने सचिन तेंदुलकर का नाम नहीं सुना होगा। वो कहते हैं… Read More

कविता : कोरोना इंपेक्ट

नीद में हूँ मगर सोने नही देता ।  करोना है कि बाहर जाने नही देता । मैं मर जाऊ मुझे कोई गम नही, डर है कि अपनों को रोने नही देता । ख़ौफ़ इतना कि ख़्वाबों में ख़ौफ़ है ।… Read More

लघु कथा : बेइंतहा प्यार

डीएम ऑफिस से आने के बाद से ही दीपमाला बहुत दुखी और परेशान थी। वह आईने के सामने खड़ी होकर अपने ढलते यौवन और मुरझाए सौंदर्य को देखकर बेतहाशा रोए जा रही थी। ऐसा लग रहा था मानो वह आईने… Read More

लोरी : नन्हे राजकुमार

मेरे नन्हे से राजकुमार करता हूं मैं तुमसे प्यार जब भी देखूं मैं तुझको  ऐसा लगता है मुझको  था मैं अब तक बेचारा और क़िस्मत का मारा आने से तेरे हो गया है दूर जीवन का हर अंधियार मेरे नन्हे… Read More

त्याग और समर्पण के प्रतिमूर्ति महात्मा हंसराज…

आर्य समाज भारतीय समाज और जनजीवन को दिशा प्रदान करने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। शिक्षा जगत में आज डीएवी संस्था जैसी कोई दूसरी संस्था नहीं है। डीएवी सिर्फ उच्च शिक्षा ही नहीं देता बल्कि विद्यार्थियों के अंदर… Read More