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kavita hai bhai mera police

कविता : है भाई मेरा पुलिस

मुझसे ज़्यादा खुद को कभी तोलना नहीं है भाई मेरा पुलिस, कुछ बोलना नहीं । तेरे दिल में छुपे राज़ मेरे खोलना नहीं है भाई मेरा पुलिस कुछ बोलना नहीं। पुलिस लाइन का छोरा, स्कूल में अपनी मौज थी पढ़ने… Read More

Rishi Kapoor

अलविदा ऋषि कपूर

‘लक बाय चांस’ के प्रोड्यूसर किरदार रोमी रोली का किरदार एक जगह खुद से बतियाता इंडस्ट्री के बदलते चलन और परंपराओं के टूटने पर रोता है। वह स्टार पुत्रों को अपनी फ़िल्म में लेना चाहता हैं पर वह सब उनसे… Read More

गीत : सुन लो मेरी…

मंदिर मस्जिद और,   गुरुद्वारा में गये। श्रद्धा से सिर को, झुकाया वहां पर। और कि प्रार्थना, सामने उनके बैठकर। हे प्रभु सुन लो, अरज मेरी तुम। और दे दो वरदान, अमन चैन से रहने का। ताकि खुश रह सके, अब… Read More

इरफान होने का मतलब

“सिर्फ इंसान ही गलत नहीं होते, वक्त भी गलत हो सकता है।” 29 अप्रैल, 2020 का दिन भारतीय कला जगत को एक ऐसा ज़ख्म देकर गया जिसकी भरपाई करना मुश्किल हैं। जिस बॉलीवुड में बिना किसी पहचान एवं पहुंच के… Read More

मार्च और महामारी, अप्रैल में भी जारी…!!

मार्च में महामारी से जूझने के बाद सभी के लिए अप्रैल का महीना काफी उम्मीदों भरा था क्योंकि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने की आशंका जताई जा रही थी और चरमराती हुई अर्थव्यवस्था भी अपनी अंतिम साँसे गिन रही… Read More

zindagi

कविता : जो कुछ भी दे जिंदगी

जो कुछ भी दे जिंदगी, उसे आपस में बाँट लो। अपना हक़, अपना हिस्सा, सब बराबर माप लो।। दुःख हो, या सुख, गम्म हो या हो ख़ुशी। सबके अपने आँसू हैं, सबकी अपनी हंसी। भाग्य की अपनी किस्मत नहीं, कर्म… Read More

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अलविदा इरफान खान

राजस्थान के एक पठान परिवार में जन्म लेने वाला ये लड़का शुद्ध शाकाहारी था । पिता जी अक्सर चिढाते हुए कहते थे कि पठान के परिवार में ब्राह्मण ने जन्म लिया है। सब ठीक चल रहा था, नेशनल स्कूल ऑफ… Read More

इरफान आप बहुत याद आएंगे…

रिश्तों में भरोसा और मोबाइल में नेटवर्क न हो तो लोग गेम खेलने लगते हैं। (फ़िल्म ‘जज़्बा’) जिंदगी भी कब कौन सा गेम खेल जाए पता ही नहीं चलता। अपने आप को भले ही हम कितना भी बड़ा खिलाड़ी समझे… Read More

कोरोना से जंग

कितनी जाने लेकर जाओगे तुम कोरोना, कितना और जुल्म बढ़ाओगे तुम कोरोना, बेबस -लाचारों की रोजी-रोटी को छीन कर, किस तरह से खुश रह पाओगे तुम कोरोना? हमारे ही कुछ अमानवीय, सतत् नरसंहार से, हो रहे जीव – जंतुओं पे,… Read More

कहानी : रोटियां

अस्पताल में पहुंचते ही मोहन एक हाथ से गले में पड़े गमझे को निकल कर मुँह पोछता है, लेकिन अपने 10 माह के बेटे माधव को नीचे उतारे बिना ही नर्स से बड़ी ही जल्दबाजी में पूछता है “मैडम डाक्टर… Read More