औरतों की जिंदगी में, अब नही आता बसंत, मन में सपनों को, नही जगाता बसंत। खूनी आँखों से जल, जाता है बसंत, दु :शासनों से बहुत, घबराता है बसंत। गौरी खेतों में, जाने से डरती है, उसकी पायल भी, नही… Read More
औरतों की जिंदगी में, अब नही आता बसंत, मन में सपनों को, नही जगाता बसंत। खूनी आँखों से जल, जाता है बसंत, दु :शासनों से बहुत, घबराता है बसंत। गौरी खेतों में, जाने से डरती है, उसकी पायल भी, नही… Read More
करे न कोई गम अब जाते हुए 2020 का। जो बीता सो बीता अब गुजर गया साल। सीखा गया जाते जाते लोगों के दिल में प्रेमभाव। नहीं आया विपत्ति में धन-दौलत अब की बार। भूला कर अपने सारे गम करें… Read More
विकासशील देशों की तर्ज पर कभी उम्र का विस्तार नहीं होता इसके चलते बुजुर्गो का सम्मान नहीं होता।। प्रशिक्षित चिकित्सा ही विकल्प नहीं स्वास्थ के लिए जागरूकता का अभियान भी होगा अब तो अपनी जीवनशैली को बदलना होगा आगे आकर… Read More
श्वेत चंद्रमा रजत रश्मियां, रूप यौवन से अपनी छटा बिखेर रहा।। ओस की बूंदें बरस रही रूप यौवन से लदे, खिल रहे खेत सारे।। सुंदर रूप हुआ धरा का फूलों की खुशबू से महका आंचल वसुंधरा का।। सतरंगी पुष्प-लताओं ने… Read More
जब अपने मिल जाते हैं खुशी से मन इतराता है। छलक जाते है आँसू पुरानी यादें आने पर। खुशी के वो सारे पल सामने आने लगते है। और हम खो जाते हैं उन बीते हुए दिनों में।। भूलकर भी भूलता… Read More
किसी को जज़्बात, जता कर भी क्या करते यूं बिखरे अरमान, सजा कर भी क्या करते यारों न थी उन्हें मंज़ूर जब मोहब्बत हमारी, तो खामखा दिल को, सता कर भी क्या करते उनको तो चाहिए थीं यूं ही बरबादियाँ… Read More
औरत मात्र तन नहीं, एक मन भी होती है। जिसके मन के समंदर में, तैरती है सपनों की नाव। जो चाहती है पाना अपने, खोये हुए वजूद को। दिखाना चाहती है अपने, अंदर छिपी प्रतिभाओं को। महसूस कराना चाहती है,… Read More
खामोशी हृदय की एक अवस्था और परिस्थिति की एक मांग भी होती है। कभी कभी खामोशी वो भी कह देती जो शोर नहीं कह पाता। खामोशियों की भी अपनी जबान होती है जो हर किसी को समझ नहीं आती। कभी… Read More
आगे निकलने की होड़ छोड़ मिलकर कदम बढ़ाओ बदलो न रास्ता मुश्किल में देख बन दुख में साथी दूसरों की हिम्मत बँधाओ घर, बाहर बहू -बेटी, महसूस सुरक्षित करें हो न शोषण मिले सम्मान ऐसा तुम संसार बसाओ। हो न… Read More
करते जो खुद पर विश्वास रचते वे ही नया इतिहास… बिना फल की इच्छा करे कर्मों पर हो अटल विश्वास धरती ही नहीं अंबर छू लेने का जिनके मन में बुलंद अहसास रचते वे ही नया इतिहास… छोड़ उम्मीद दूसरों… Read More