जो दिलमें होता है मेरे वो ही बात कहता हूँ। कहकर दिलकी बातों को सुकून बहुत मिलता है। इसलिए इस जमाने में लोग कम पसंद करते है। पर जो पसंद करते है वो बहुत अच्छे होते है।। मैं खुद को… Read More
जो दिलमें होता है मेरे वो ही बात कहता हूँ। कहकर दिलकी बातों को सुकून बहुत मिलता है। इसलिए इस जमाने में लोग कम पसंद करते है। पर जो पसंद करते है वो बहुत अच्छे होते है।। मैं खुद को… Read More
पिछले 4-5 दिनों से हमें बेजोड़ गर्मी से मुँह में बहुत ज्यादा छाले हो गए हैं क्योंकि आजकल हम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के प्रोजेक्ट पर काम कर रहें हैं और भयंकर गर्मी में भी झाँसी जिले के गाँवों और… Read More
चाहे लगाओ नारे या भरो हुंकार ये देश नहीं बदल पाएगा, भारत का हर नागरिक बिस्मिल, विवेकानंद बन जाएगा हर विश्वविद्यालय से देशभक्त निकल के आयेगा तब भारत देश हमारा विश्वगुरु बन पाएगा जब हर बेटा भारत माँ की लाज… Read More
पिछले साल लाकडाउन के बाद देश ने दूसरे देशों की तुलना में अपने आपको संभाल लिया था। इस बार कोरोना संक्रमण की गति फिर से तेज हो गई है। अब पिछले वर्ष 6 माह में जितने मरीज मिले , उतने… Read More
साड़ी सिर्फ़ परिधान नहीं स्त्री गौरव की भी शान है, साड़ी विश्व में भारतीय नारियों का मान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में नारियों का सौंदर्य निखरता है शक्ल सूरत सामान्य भी तो भी साड़ी में नारी का रुप खिला लगता… Read More
जिंदगी कितनी हसीन और साथ ही रंगीन है। जिसमें हर रस का जो समावेश है। न चाह कर भी हम स्वयं रंगीन होते है। और हर रस को खुशी से पी लेते है।। क्यों उदासी से जीते है अपनी इस… Read More
बचपन से उनको मुझे अपनी बहु बनाने का बहुत शौक था इसलिए वो मुझे पतोहू कहकर बुलाती थी, जबसे मैंने होश संभाला तबसे मुझे उसी नाम से उन्हें पुकारते हुए सुना है। मैं बहुत छोटी थी, मेरे डैडी और उनके… Read More
क्या है मेरे अंदर छिपाने का बाल्य काल से ही मैं नंगा था पुस्तकों में मस्तक लगाके ढ़ूँढ़ता था- मैं अपने आपको, आंतरिक दुनिया में, कौन हूँ मैं आखिर, विचार कई थे मेरे चक्कर काटने लगे, पागल था मैं… पुस्तकालय… Read More
दूर मुझसे न जा, वरना मर जाऊँगा। धीरे-धीरे सही, मैं सुधर जाऊँगा।। बाद मरने के भी, मैं रहूंगा तेरा। चर्चा होगी यही, जिस डगर जाऊँगा।। मेरा दिल आईना है, न तोड़ो इसे। गर ये टूटा तो फिर, मैं बिखर जाऊँगा।।… Read More
वर्तमान युग में विज्ञापन हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन चुका है। आज हमारी नज़र जहाँ-जहाँ भी जाती है वहाँ हमें विज्ञापन ही विज्ञापन नज़र आते हैं। सवेरे-सवेरे आँख खुलते ही गर्म-मा-गर्म चाय की चुस्की के साथ जब हम अखबार… Read More