अस्तित्व से अभिप्राय है स्वयं के होने का बोध अर्थात अपनी खुद की पहचान। यदि बात नारी सन्दर्भ में की जाये तो आज नारी स्वयं के अस्तित्व की तलाश में भटक रही है। वर्तमान प्रगति के बावजूद सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक… Read More
अस्तित्व से अभिप्राय है स्वयं के होने का बोध अर्थात अपनी खुद की पहचान। यदि बात नारी सन्दर्भ में की जाये तो आज नारी स्वयं के अस्तित्व की तलाश में भटक रही है। वर्तमान प्रगति के बावजूद सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक… Read More
स्वतंत्रता इस संसार में सबको प्रिय है। हर जीव इसी आस और यतन में रहता है कि वह स्वतंत्र रहे। अधिकतर यह देखा जाता है कि स्वतंत्रता की चाह जब अधिक हो जाती है तो वह उसके ऊपर हावी हो… Read More
देवकी के बंदी गृह में लाल हुए। लाल का खिलैया कोई नहीं। वहाँ दादी नहीं वहाँ नानी नहीं। लड्डू का बन्धियाँ कोई नहीं। देवकी के बन्दीगृह में लाल हुए। वहाँ लाल का खिलैया कोई नहीं। वहाँ बुआ नही वहाँ मौसी… Read More
पंख फैला कर उड़ पड़ी है हिंदीदुनिया अब हिंदी की तरफ़ बड़े रश्क से देख रही है। अमरीका, चीन जैसी महाशक्तियां भी अब हिंदी सीखने की ज़रूरत महसूस कर रही हैं और कि सीख रही हैं क्योंकि हिंदी के जाने… Read More
शिव प्रकट हुआ योगी सा बैठा पर्वत की शिखर पर अनुचर समझें ज्योति ब्रह्म का, देखें समीप में उनकों जाकर ध्यानस्थ योगी कहलाया शिव रुद्र समस्त जगत में बना उद्धारक पीड़ित जन का, अपनें अनुचर के संगत में शिव प्रेमी… Read More
अक्टूबर का महीना, खेतों में धान की खड़ी फसल मंगरे को दिलासा देती थी। बस चंद दिनों की बात है। फसल कट जाए तो न सिर्फ घर में एक छमाही के लिये रसद का जुगाड़ हो जाये बल्कि कुछ पुराने… Read More
हो पिया जब परदेश में सावन भी सूखा लगता है सजनी का हर श्रृंगार भी पी बिन अधूरा लगता है बारिश की हरेक बूंद भी तब आग ही बन जाती है सावन की सुहानी रातों में जब याद पिया की… Read More
दीपक समान जलकर रोशनी जग में फैलाए। सच और झूठ बीच अन्तर का बोध कराके सही, गलत का फ़र्क हमें सिखलाते। कभी संभाला तो कभी डांट लगाई माता-पिता सी, जिन्होंने। नए ज्ञान से अवगत कराके हमें सपनों को सच करने… Read More
सरस-सपन-सावन सरसाया। तन-मन उमंग और आनंद छाया। ‘अवनि’ ने ओढ़ी हरियाली, ‘नभ’ रिमझिम वर्षा ले आया। पुरवाई की शीतल ठंडक, सूर्यताप की तेजी, मंदक। पवन सरसती सुर में गाती, सुर-सावन-मल्हार सुनाती। बागों में बहारों का मेला, पतझड़ बाद मौसम अलबेला।… Read More
संग अपने हर्षोल्लास लेकर पुनः स्वतंत्रता दिवस आया है नमन उन वीरों को जिनके कारण हमने स्वतंत्र भारत पाया है जिनके शौर्य से परतंत्रता हारी स्वतंत्रता का हुआ था आगमन स्मरण करें उनके बलिदानों को देश के अमर जवानों को… Read More