अन्नदाता होकर भी ख़ुद पानी पीकर अपना भूख मिटाएँ पर जग को भूखा न सोने दे ऐसे अन्नदाता किसान हमारे… चाहे आँधी आये या तूफ़ान चिमिलाती धूप हो या कड़ाके की ठण्ड मेहनत करने से यह नहीं घबराते बच्चे समान… Read More
अन्नदाता होकर भी ख़ुद पानी पीकर अपना भूख मिटाएँ पर जग को भूखा न सोने दे ऐसे अन्नदाता किसान हमारे… चाहे आँधी आये या तूफ़ान चिमिलाती धूप हो या कड़ाके की ठण्ड मेहनत करने से यह नहीं घबराते बच्चे समान… Read More
तेरा आशीष पाकर, सब कुछ पा लिया हैं। तेरे चरणों में हमने, सर को झुका दिया हैं। तेरा आशीष पाकर …….। आवागमन गालियां न हत रुला रहे हैं। जीवन मरण का झूला हमको झूला रहे हैं। आज्ञानता निंद्रा हमको सुला… Read More
1. ऐ प्रकृति ऐ प्रकृति हमसे कुछ कहती है। तुम्हारे सारे शिकवें हमें सवीकार है।। ऐ प्रकृति तेरी हवाएं हमें सुकून देती है। तेरी बेचैनी को हम बखूबी समझते हैं।। ऐ प्रकृति तू हमसे इतना नाराज़ क्यों है? माना हमसे… Read More
किसान क्या होते हैं तुम गांव वालो से पूछो। ये वो शख्स होते हैं जो खाने देते सबको अन्न। किसान क्या होते हैं तुम गांव वालो से पूछो।। परन्तु इसकी झोली में नहीं मिलता उसका हक, यहीं से गरीबी का… Read More
मत बेटी नै समझो पराई। हो बेटी खरा धन भाई।। 1. बेटां पै पड़ै बेटी भारी, बेटी हो घणी आज्ञाकारी, ना ल्यावै कदे बुराई। हो बेटी खरा धन भाई।। 2. दया, त्याग की मूर्ति बेटी, सेवा के म्हां फिरती बेटी,… Read More
धन की वर्षा हुई बाजारों में , चेहरों पर खुशियों की लड़ियाँ जगमगाई। धन से धन्य दिन-रात हुए जगमग, धन तेरस ने शुरुआत करवाई । कुबेर ने घर आंगन खोला खजाना , धन-धान्य खुशियों की घर-घर लहराई । धन की… Read More
मेहनत वह अनमोल कुंजी है, जो भाग्य के बंद कपाट खोल देती है। यह राजा को रंक और दुर्बल मनुष्य को सबल बना देती है। यदि यह कहा जाए कि श्रम ही जीवन है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। गीता… Read More
तमाम संघर्षों के बीच भी ज़िदगी होती है। जब हम निराश, हताश और संघर्षों से टूटने लगते हैं तब कभी कभी लगता है कि जीवन बस हमारा इतना ही था। जीवन की शेष संभावनाएं स्वतः खारिज हो जाती है। ऐसे… Read More
1. किसान है क्रोध ••••••••••••••••• निंदा की नज़र तेज है इच्छा के विरुद्ध भिनभिना रही हैं बाज़ार की मक्खियाँ अभिमान की आवाज़ है एक दिन स्पर्द्धा के साथ चरित्र चखती है इमली और इमरती का स्वाद द्वेष के दुकान पर… Read More
छठ तिथि शुक्ल पक्ष कार्तिक में, मनाया जाता ये अनुपम छठपर्व। सूर्यदेव की उपासना का पर्व यह, सौर मंडल के सूर्यदेव का है पर्व।। सूर्योपासना है सर्वश्रेष्ठ पर्व की, सूर्योपासना की थी अत्रि पत्नी ने। और श्रेष्ठतम इस व्रत को… Read More