आप सभी सम्माननीय हिन्दी प्रेमी, कवि साहित्यकार बन्धुओं, नगर के प्रबुद्ध जन, सभा के शुभ चिंतक सम्मानित सदस्य गण से विनम्र अनुरोध है कि दिनांक 10-01-2022 सोमवार को 2 बजे अपराह्न नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया के तुलसी सभागार में प्रति… Read More
आप सभी सम्माननीय हिन्दी प्रेमी, कवि साहित्यकार बन्धुओं, नगर के प्रबुद्ध जन, सभा के शुभ चिंतक सम्मानित सदस्य गण से विनम्र अनुरोध है कि दिनांक 10-01-2022 सोमवार को 2 बजे अपराह्न नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया के तुलसी सभागार में प्रति… Read More
राजधानी में बरस भर से ज्यादा चला खेती-किसानी के नाम वाला आंदोलन खत्म हुआ तो तंबू-कनात उखड़ने लगे। सड़क खुल गयी तो आस-पास गांव वालों ने चैन की सांस ली। मगर कुछ लोगों की सांस उखड़ने भी लगी थी। नौ… Read More
ओटीटी प्लेटफॉर्म की शुरुआत जब देश में हुई तो किसी को इतना अंदाजा नहीं था कि यह अपनी पकड़ भारतीय दर्शकों पर इतनी ज्यादा बना लेगा। शुरुआती वेब सीरीज को देखकर लगा कि बस कुछ एक कंटेंट ऐसे हैं जिन्हें… Read More
अच्छे दिन वो जाने कब तक आयेंगे तबतलक हम खाक़ में मिल जायेंगे।। रोशनी पहुंचेगी जब तक इल्म की ये अन्धेरे और भी बढ़ जायेंगे।। वक्त का सूरज भी कितना सुस्त है सालोंं उगने में उसे लग जायेंगें।। सभ्यता ने… Read More
श्वेत चंद्रमा रजत रश्मियां, रूप यौवन से अपनी छटा बिखेर रहा।। ओस की बूंदें बरस रही रूप यौवन से लदे, खिल रहे खेत सारे।। सुंदर रूप हुआ धरा का फूलो की खुशबू से महका आंचल वसुंधरा का।। सतरंगी पुष्प –… Read More
माँ कौशल्या की कोख से नृप दशरथ सुत जन्में राम। नवमी तिथि चैत्र मास को अयोध्या का था रनिवास।। निहाल हुए अयोध्यावासी, बजने लगी चहुंओर बधाई। जन जन के अहोभाग्य हो, मानुज तन ले प्रगटे रघुराई।। माता पिता की करते… Read More
आज नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया के तुलसी सभागार में मासिक नागरी काव्य गोष्ठी सभाध्यक्ष आचार्य परमेश्वर जोशी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसके मुख्य अतिथि काशी से पधारे सुप्रसिद्ध कवि गज़लकार और समीक्षक डॉ. चंद्र भाल सुकुमार और विशिष्ट अतिथि… Read More
जन्मी उर में जिज्ञासाएँ, देखा जब निस्सार जगत; पीड़ा मानव मन की देखी, शूल हृदय में था चुभा। “उर्वरा थी भूमि मन की, बीज जा उसमें गिरा।।” उठी हूक अंतःस्थल में, ये कहां हम आ गए? छोड़ सारे वैभवों को,… Read More
जीरादेई सीवान बिहार में तीन दिसंबर अठारह सौ चौरासी में, जन्मा था एक लाल। दुनिया में चमका नाम उसका, थे वो बाबू राजेंद्र प्रसाद।। तीन बार कांग्रेस अध्यक्ष बन, संविधान सभा के अध्यक्ष रहे। राष्ट्रपति बन राजेंद्र बाबू जी, जन… Read More
लाल चौक पर फ़हरे तिरंगा मन में ये एक आशा है,कश्मीर बने स्वर्ग सुन्दर-सा दिल की ये अभिलाषा है। बहुत हुआ खून-खराबा रक्तरन्जित धरा ये कहे, सपूतो के तन में मेरे अब लहू प्रेम का बस बहे। धारा-धारा कर तुमने द्वेष की… Read More