ऊजे केरवा जे फरेला घवद से ओह पर सुगा मडराय ओह पर सूगा मडराय उजे खपरी जरईबे आदित के सूगा दिहले जुठिआई उजे मरबो रे सुगवा धनुष से सुगा गिरे मुरछाई….! इस गीत की महक से शुरू हुआ यह पर्व… Read More
ऊजे केरवा जे फरेला घवद से ओह पर सुगा मडराय ओह पर सूगा मडराय उजे खपरी जरईबे आदित के सूगा दिहले जुठिआई उजे मरबो रे सुगवा धनुष से सुगा गिरे मुरछाई….! इस गीत की महक से शुरू हुआ यह पर्व… Read More
सुनिए ‘आशा ताई’, हां? अरे सुनिए तो, कहिए तो.. “आप सुनती हीं कहाँ हैं? कब से आशा ताई आशा ताई कर रहें हैं।” अरे, कब से सुन ही तो रही हूँ। वैसे आज आप बड़ी तारीफ़ कर रहे हैं। आशा… Read More
ट्रिंग.. ट्रिंग… हैलो जी, आप कौन? मैंनें फोन रिसीव करके पूछा मैं रावण बोल रहा हूँ। उधर से आवाज आई…। रावण का नाम सुनकर मैं थोड़ा घबड़ाया, फिर भी हिम्मत जुटाकर पूछ लिया-जी आपको किससे बात करना है? आपसे महोदय।… Read More
हमारे विश्व गुरु भारत में हर दूसरा मनुष्य ज्ञानी है। उस दूसरे यानी ज्ञानी के सामने समस्या यह रहती है कि उसके हिसाब से पहले वाला कुछ समझना ही नहीं चाहता। इसलिए किसी से भी कुछ कहने के साथ ही… Read More
जब मिले माता के दर्शन जब मिले प्रभुके दर्शन। देखकर गुरु प्रभु को हो जाता भक्त धन्य।।..२ ज़िंदगी की दास्तां, चाहे कितनी हो हंसीं बिन मां के कुछ नहीं, बिन प्रभुके कुछ नहीं।। क्या मज़ा आता गुरुवर, आज भूले से… Read More
दर्द पराया जो अपनाए , भारत भूमि वासी हैं । ‘परहित सबके काम वो आए’ , भारत जन अभिलाषी हैं । मैं और मेरी खुशियां स्वर्णिम , गर्व फूली न समाती है । जन्म लिया भारत में मैंने , जिसकी… Read More
करे जो पूजा और भक्ति नवरात्रि के दिनों में। और करते है माता की साधना और उपासना। तो मिलता है उन्हें सूकून अपने जीवन में। और हो जाती पूरी उनकी इच्छाएं इन दिनों में।। माता के नौ रूपों को जो… Read More
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। जय माता दी। इस नवरात्रि मां दुर्गा आपको सुख समृद्धि वैभव और ख्याति प्रदान करें। +30
मन मंदिर में आन विराजो मेंहर वाली मातारानी। दर्शन की अभिलाषा लेकर आ गये हम मेंहर में। तुमको अपने दर्शन देने बुला लो हमें मंदिर में। हम तो तेरे बच्चे है काहे घूमा रही हो दुनिया में।। कितने वर्षो से… Read More
पितृ दिवस चल रहे है तो करो एक नेक काम। लेकर अपने पूर्वजो के नाम गोद ले लो एक गौ माता को। और दे दो उस एक अभय दान सफल हो जायेंगे ये पितृ दिवस। और तभी मिल जायेगी उनकी… Read More