दिल्ली का पुस्तक मेला समाप्त हो चुका था ,धर्मराज युधिष्ठिर हस्तिनापुर के अलावा इंद्रप्रस्थ के भी सम्राट थे ।अचानक यक्ष प्रकट हुए ,उन्होंने सोचा कि चलकर देखा जाये कि धर्मराज अभी भी वैसे हैं या बदल गए जैसे कि मेरे… Read More
दिल्ली का पुस्तक मेला समाप्त हो चुका था ,धर्मराज युधिष्ठिर हस्तिनापुर के अलावा इंद्रप्रस्थ के भी सम्राट थे ।अचानक यक्ष प्रकट हुए ,उन्होंने सोचा कि चलकर देखा जाये कि धर्मराज अभी भी वैसे हैं या बदल गए जैसे कि मेरे… Read More
न मन पढ़ने में लगता है न दिल लिखने को कहता है। मगर विचारो में सदा ये उलझा सा रहता है। करू तो क्या करू अब मैं समझ में कुछ नहीं आ रहा। इसलिए तो हमारा दिल अब एकाकी सा… Read More
इंतजार बस इंतजार , राम का ही बस इंतजार । बढ़ रहा है ,बढ़ रहा है, हर ओर रावण अत्याचार। सह रहे हैं, सह रहे हैं, मुंह से कुछ ना कह रहे हैं । घाव जो फोड़े बने हैं ,… Read More
दिल में प्यार तुम्हारा है ,भारत को तू प्यारा है । झंडा ऊँचा हमारा है ,जग में सबसे ही न्यारा है ।। तीन रंग लिए फहरा करता , आंधी तूफां से नहीँ डरता । समय का पहिया आगे बढ़ता ,… Read More
क्यों करता हूं कागज काले …?? बैठा एक दिन सोच कर यूं ही , शब्दों को बस पकड़े और उछाले । आसमान यह कितना विस्तृत ..? क्या इस पर लिख पाऊंगा ? जर्रा हूं मैं इस माटी का, माटी में… Read More
दिखाये आँखें वो हमें जब मनका काम न हो उसका। तब बहाना ढूँढती रही हमें शर्मीदा करने का। यदि इस दौरान कुछ उससे पूछ लिया तुमने। तो समझ लो तुम्हारी अब खैर नहीं है।। अलग अलग तरह के रूप देखने… Read More
सूरज की किरणें प्रकाश देती है। जीवो को जीने की ऊर्जा देती है। भूमि की नमी को दूर करती है। और फसलों को पकाती है।। दिन रात का अंतर हम लोग। सूर्य के प्रकाश से लगाते है। अंधरो में रोशनी… Read More
चूमती है सफलता उस समय कदम। जब लक्ष्य हो अपना नेकी पर चलने का। है अगर निस्वार्थ भाव यदि स्वयं के अंदर। तो मिलेगा फल निश्चित अपने नेक कर्मो का।। देखकर बहुत जलते रहते है तुम से। पर तुम्हारे त्याग… Read More
रीति रिवाजो को अपनाना जरूरी है। सम्मान देना पाना भी जरूरी है। जो आपके संस्कारों को दर्शते है। और समाज में प्रतिष्ठा दिलाते है।। देखा देखी में खुदको मत झोंको। पहले स्वयं की चादर को देखो। फिर जिंदगी में आगे… Read More
तन पर कपड़ा है पर मन में मैल। तो कैसे आयेगी शांति आपके मन के अंदर। करो आत्म मंथन स्वंय का तब खुदको पहचान पाओगें। और अपने मानव रूप को निश्चित ही समझ जाओंगे।। संगत और विचारो का बहुत महत्व… Read More