जातिवादी विमर्श

जातिवादी विमर्श की शुरुआत आदिकाल से ही है, भक्तिकाल में इस पर जमकर प्रहार हुआ,रीतिकाल में जातिवादी विमर्श पर कुछ भी नहीं दिखलाई पड़ता है। आधुनिक काल तथा स्वतंत्रता आंदोलन के समय यह जातिवादी विमर्श, अंग्रेजों के लिए एक बहुत… Read More

संस्मरण : हमको तो चलना आता है केवल सीना तान के (भगवतीचरण वर्मा के जन्मदिवस पर विशेष)

कुछ लेखक होते हैं जो बहुत कुछ लिख जाने के बाद भी अपना पता नहीं दे पाते तो कुछ लेखक ऐसे भी होते हैं जिन की रचनाएं तुरंत उन का पता दे देती हैं। पर किसी लेखक की रचना ही… Read More

ग़ज़ल : तुझपे ग़ज़ल लिखूं…

तुझपे ग़ज़ल लिखूं या कोई किताब लिख दूँ…दिल करता है तुझे महकता हुआ ग़ुलाब लिख दूँ…।तेरे हुस्न की जहाँ में कोई मिसाल नहीं है…तुझे आसमां पे चमकता हुआ माहताब लिख दूँ…।तेरी खूबसूरती वो दहकता हुआ शोला है….कभी कभी लगता है… Read More

गीत ‘आ अब लौट चलें’ की शब्द-सुर-स्वर के सापेक्ष साहित्यिक विवेचना

आ अब लौट चलें(https://www.youtube.com/watch?v=Rh4iH0ZR6CE) कोई गीत ‘आह् वान’ का स्वर लिए, किस प्रकार प्रभावी रूप से मारक क्षमता की उच्च तीव्रता को समेटे, सामूहिक उद् बोधन का ‘नाद’ बन कर, कालजयी नेतृत्व की बागडोर थामें, ‘युग प्रवर्तक’ बन जाता है, ‘आ… Read More

जन्मदिवस पर विशेष : आम आदमी की आवाज़ गीतकार ‘शैलेंद्र’

हिंदी सिनेमा में एक संवेदनशील गीतकार के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले महान गीतकार शैलेन्द्र जी का आज (30 अगस्त,1923-14 दिसंबर 1966) जन्मदिवस है। इनका पूरा नाम “शंकरदास केसरीलाल ‘शैलेन्द्र’ था’। ‘होठों पर सच्चाई रहती है, दिल में… Read More

शोध लेख : शरद शिंह के उपन्यास ‘कस्बाई सिमोन’ में चित्रित नारी-विमर्श के विविध आयाम

शरद सिंह हिन्दी-साहित्य में एक सशक्त स्त्री-विमर्शकार के रूप में उभर कर सामने आये हैं। इन्होंने साहित्य की प्रत्येक विधाओं में अपनी लेखनी चलाई हैं, जिसमें उपन्यास, कहानी संग्रह, नाटक संग्रह, काव्य संग्रह, जीवनी के साथ पत्रकारिता का रूप भी… Read More

मूवी रिव्यू : साहो – दर्शकों की अपेक्षाओं का दुःखद अंत

फिल्म बाहुबली ने भारतीय सिनेमा इतिहास को अलग मुकाम पर ले जाने का प्रयास किया था जिसमे फिल्म काफी हद तक सफल भी साबित हुई थी। बाहुबली फिल्म के स्टार रहे, दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने अभिनेता प्रभास की… Read More

खेल दिवस पर विशेष : खेल पर बनी फिल्में

आज राष्ट्रीय खेल दिवस है। हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के सम्मान में उनकी जयंती (29 अगस्त 1905- 3 दिसम्बर, 1979) के अवसर पर पूरे देश में इसे राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी सिनेमा… Read More

खेल दिवस पर विशेष : फिट इंडिया हिट इंडिया

ना हारना जरूरी है, ना जीतना जरूरी है,जीवन एक खेल है, इसे खेलना जरूरी है। ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से प्रसिद्ध भारत के महान हॉकी खिलाड़ी ‘मेजर ध्यानचंद सिंह’ के जन्मदिन 29 अगस्त पर पूरा देश इन्हें सम्मान देने… Read More

मूवी रिव्यू : मिशन मंगल

Jingoism से दूर, प्रेरणा एवं मनोरंजन से भरपूर फिल्म – “मिशन मंगल”फिल्म अच्छी बनाई गई है। जिस तरीके से तथ्यों एवं घटनाओं को दिखाया गया है वह वाक़ई अध्भुत है। फ़िल्मी कसावट से भरपूर एवं दर्शकों की हृदय गति को… Read More