मुल्ला नसरुद्दीन एक शाम अपने घर से निकला | उसने सोचा कि चलो आज अपने दो-चार मित्रों के घर चला जाय और उनसे भेंट-मुलाकात की जाय | वह अभी घर से निकलकर कुछ ही कदम चला था कि दूसरे गाँव से उसका एक दोस्त… Read More
मुल्ला नसरुद्दीन एक शाम अपने घर से निकला | उसने सोचा कि चलो आज अपने दो-चार मित्रों के घर चला जाय और उनसे भेंट-मुलाकात की जाय | वह अभी घर से निकलकर कुछ ही कदम चला था कि दूसरे गाँव से उसका एक दोस्त… Read More
पिछले पच्चीस वर्षों से दैनिक भास्कर में प्रकाशित हो रहे लोकप्रिय काॅलम #परदे के पीछे के लेखक/फिल्म निर्माता/समीक्षक श्री जयप्रकाश चौकसे जी का आज अस्सी वां जन्मदिवस है। १सितम्बर १९३९ को बुरहानपुर में जन्मे जयप्रकाश अपने माता-पिता की चौथी संतान… Read More
संजय दत्त की फिल्म प्रस्थानम का ट्रेलर रिलीज हो गया है. पॉलिटिकल थ्रिलर में संजय दत्त के अलावा जैकी श्रॉफ, मनीषा कोइराला, अली भजल और चंकी पांडे अहम रोल में दिखेंगे. डायरेक्टर देवा कट्टा के निर्देशन में बनी ये फिल्म… Read More
सनी देओल के बेटे करण देओल की डेब्यू फ़िल्म पल पल दिल के पास का ट्रेलर रिलीज़ कर दिया गया है। ट्रेलर काफ़ी धमाकेदार है, जिसमें करण ने अपनी रोमांटिक साइड के साथ पापा सनी वाले तेवर भी दिखाये हैं।… Read More
14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर आप हमें हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़े लेख/संस्मरण/कविता/कहानी/यात्रा वृतांत आदि किसी भी विधा में अपनी रचना भेज सकते हैं। इसका प्रकाशन ‘साहित्य सिनेमा सेतु’ के… Read More
आजकल देश में मोटा भाई कहने का चलन बहुत बढ़ गया है। माना जाता है कि बंधुत्व और दोस्ती का ये रिश्ता लोहे की मानिंद सॉलिड है। पहले ये शब्द भैया कहा जाता था ,लेकिन जब से अमर सिंह ने… Read More
हबीब तनवीर का जन्म 1 सितम्बर, 1923 को बैजनाथ पारा, रायपुर में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान कला एवं अभिनय की तरफ रहा। अपने बम्बई प्रवास के दौरान तनवीर आकाशवाणी (बम्बई) के तत्कालीन निर्देशक रहे तथा ‘फिल्म इंडिया’… Read More
आज तीज है …माँ का बिछुआ बदलना बहन का मेंहदी रचाना भाभी का चमकता शृंगारआज तीज है…बाबूजी का नयी साड़ी सिरहाने छिपानाजीजा का वो रसगुल्ले पहले से लेकर आनाभाई का पैकेट बंद उपहार दिखा ललचाना आज तीज है…नयी चूड़ियों में चमकती कलाई ऐड़ियों का… Read More
मेरी प्रिय अमृता आप जहाँ कहीं भी हैं , ये आपके लिये … वो जो ऐश ट्रे में बुझी हुई सिगरेट के साथ रह गयी थी ललछौंह सी नन्ही सी चिंगारी रंग -बिरंगे रंगों से रंगी कूँची में ,छूटगया था जो धोने के… Read More
क्या यह संभव है कि एक कालखंड में या अलग अलग कालखंड में दो या तीन कवि महान हो सकते हैं? क्या एक कवि को दूसरे कवि के निकष पर कसना और फिर उनका मूल्यांकन करना उचित है ? एक कवि के पदों… Read More