नई शिक्षा नीति 2020 के ड्राफ्ट पर अचानक ही मंजूरी नहीं मिली है, बल्कि यह 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र का हिस्सा थी। सरकार में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इस एजेंडे… Read More
नई शिक्षा नीति 2020 के ड्राफ्ट पर अचानक ही मंजूरी नहीं मिली है, बल्कि यह 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र का हिस्सा थी। सरकार में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इस एजेंडे… Read More
शिक्षा की क्रांति में बड़ा फैसला मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय अब हुआ #शिक्षा_मंत्रालय और नई शिक्षा नीति को भी कैबिनेट की मिली मंजूरी! नई शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदु– SSRA (State School Regulatory Authority) बनेगी जिसके चीफ शिक्षा विभाग… Read More
आजकल अपने अतीत को कुरेद रही हूँ । कई बार जब खुद के बारे में सोचती हूँ तो जीवन के बीते हुए तमाम दिन जुगनू की तरह जगमगाने लगते हैं। ज़िन्दगी उन जुगनुओं की रौशनी में वक्त के अंधेरे में… Read More
हमारे लोकसाहित्य में नीम के पेड़ को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। लोकगीतों में ‘नीम के पेड़’ पर कई प्रसिद्ध लोकगीत मिलते हैं। कल एक यह प्रसिद्ध अवधी लोकगीत सुना।जिसे बहुत बार पढ़ा था लेकिन कल सुनने का मौका मिला- “बाबा… Read More
आचार्यश्री के 53वे दीक्षा दिवस पर संजय जैन द्वारा रचित भजन उनके चरणों मे समर्पित है। जो चलते हो नंगे पाँव, जगत कल्याण के लिए। एक बार तो जय कारा लगाओ, विद्यासागर मुनिराज के लिए।। गांव गांव में जाकर, जैन… Read More
परिस्थिति जनक वैश्विक सत्य घटनाओं पर आधारित हृदय को स्पर्श करती स्मृतियाँ टिड्डी हमला, कोरोना हमला, सरकारी हमला, नेपाल-भारत हमला, चीन-भारत व अमेरिकी हमला,अम्फान हमला, निसर्ग हमला, जॉर्ज फ्लॉयड पर हमला, हमला दर हमला, भूख-प्यास पर हमला, मानवता पर हमला,… Read More
हम सबको अलग दिखना है । यहां तक कि हम सबसे अलग दिखने के लिए ये भी कह सकते हैं कि आज मैंने खीर खाई जिसका स्वाद चटपटा था । कहीं कहीं थुथुरलॉजी झड़ना काम कर जाता है लेकिन हर… Read More
उस हथिनी के साथ न्याय प्रकृति ही करेगी आज सिलवा याद आ गया । सिलवा हिमालय के घने जंगलों में रहने वाला एक हाथी था । कहते हैं चारों ओर उसके जैसा तेजवान और बलिष्ठ हाथी कोई दूसरा ना था… Read More
बचपन से किशोरावस्था तक, जब हम किसी भी पशु-पछी को बस एक उपभोग की चीज़ मानते थे, दर्द से कोई वास्ता नहीं था तब-तक उनकी चीर फाड़, निगल जाने को भी कभी ग़लत नहीं माना, न ही कभी कोई कष्ट… Read More