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पूर्व मध्यकालीन साहित्य : मूल्यों की उद्भावना

मध्यकाल इतिहास के पन्नों पर ‘संक्रांत युग’ के रूप में दर्ज़ है। इतिहास साक्षी है कि क्रांति सदैव नए मूल्य स्थापित करती है। पूर्व मध्यकालीन साहित्य में स्थापित मूल्यों पर बात करने से पहले एक दृष्टि इस तत्व पर कि… Read More

Killing pregnant elephant in Kerala

केरल में गर्भवती हथिनी की ‘हत्या’

हम सबको अलग दिखना है । यहां तक कि हम सबसे अलग दिखने के लिए ये भी कह सकते हैं कि आज मैंने खीर खाई जिसका स्वाद चटपटा था । कहीं कहीं थुथुरलॉजी झड़ना काम कर जाता है लेकिन हर… Read More

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गीत : दम न निकल जाये

न वो कुछ कह सकते है, न हम कुछ सुन सकते है। दिलो की पीड़ा को हम, व्या कर सकते नही। लगी है आग सीने में, बुझाए इसे किस तरह। न वो कुछ कहते है, न हम कुछ कहते है।।… Read More

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गीत : फिर याद आये वो

मेरे दिल मे बसे हो तुम, तो में कैसे तुम्हे भूले। उदासी के दिनों की तुम, मेरी हम दर्द थी तुम। इसलिए तो तुम मुझे, बहुत याद आते हो। मगर अब तुम मुझे, शायद भूल गए थे।। आज फिर से… Read More

कविता : दूरियाँ बन गई

नहीं रहेगा आपस में, मेल जोल इंसानो में। तो कहां से जिंदा रहेगी, इंसानियत अब दिलो में। रिश्ते नाते भी अब, मात्र नाम के रह गये। न आना न जाना घर पर, बस दूर से ही नमस्कार।। जब दूरियाँ बनाकर… Read More

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ग़ज़ल : इक दिन ये माटी ही तेरी कहानी बनेगी

इक दिन ये माटी ही, तेरी कहानी बनेगी यारा तेरी फितरत ही, तेरी निशानी बनेगी भूल जायेगी तेरी शक्ल ओ सूरत ये दुनिया, बस तेरी करनी ही, सब की जुबानी बनेगी गर निकाल दे अंदर से ये हवस का जिन,… Read More

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ग़ज़ल : हम जुबां अपनी क्या चलाने लग गए

हम जुबां अपनी क्या चलाने लग गए ! लोग हक़ीक़त अपनी छुपाने लग गए ! सच सुनने की न बची हैं हिम्मत उनमें, अब राह चलते वो आँखें दिखाने लग गए ! क्या होगा वतन का कोई समझाए ज़रा, जब… Read More

ग़ज़ल : धोखे से पाई सफलता

धोखे से पाई सफलता क्या सच में सफलता है? चांद बुलंदी पे है फिर भी दाग़ तो दिखता है रोज़ उसे ही लिखा मैंने कश्मकशीं देखों. इश्क़ मेरा वो किसी ओ को ही समझता हैं इश्क़ को मैंने जवानी का… Read More

गीत : मोहब्बत या स्वार्थ

मिले जितने भी अब तक, मोहब्बत करने के लिए। मोहब्बत कम थी उन्हें, नजर बस पैसे पर थी। आज कल यही माहौल, जमाने में चल रहा। इसलिए अब मोहब्बत का, अहसास दिलो में नहीं बचा।। समझ पाये ही नही, किसी… Read More

कहानी : ख़ैराती जयचंद

पाठक टोली और शर्मा टोली में पिछले महीने वर्चस्व को लेकर जमकर मारपीट हो गई थी। मारपीट की घटना में पाठक टोली के दो और शर्मा टोली के आठ लोग घायल हुए थे। शर्मा टोली के ज़्यादा लोग घायल हुए… Read More