जीवन लम्बा होने की बजाये महान होना चाहिए । डॉ. भीम राव अम्बेडकर 00
जीवन लम्बा होने की बजाये महान होना चाहिए । डॉ. भीम राव अम्बेडकर 00
बचपन से उनको मुझे अपनी बहु बनाने का बहुत शौक था इसलिए वो मुझे पतोहू कहकर बुलाती थी, जबसे मैंने होश संभाला तबसे मुझे उसी नाम से उन्हें पुकारते हुए सुना है। मैं बहुत छोटी थी, मेरे डैडी और उनके… Read More
क्या है मेरे अंदर छिपाने का बाल्य काल से ही मैं नंगा था पुस्तकों में मस्तक लगाके ढ़ूँढ़ता था- मैं अपने आपको, आंतरिक दुनिया में, कौन हूँ मैं आखिर, विचार कई थे मेरे चक्कर काटने लगे, पागल था मैं… पुस्तकालय… Read More
दूर मुझसे न जा, वरना मर जाऊँगा। धीरे-धीरे सही, मैं सुधर जाऊँगा।। बाद मरने के भी, मैं रहूंगा तेरा। चर्चा होगी यही, जिस डगर जाऊँगा।। मेरा दिल आईना है, न तोड़ो इसे। गर ये टूटा तो फिर, मैं बिखर जाऊँगा।।… Read More
वर्तमान युग में विज्ञापन हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग बन चुका है। आज हमारी नज़र जहाँ-जहाँ भी जाती है वहाँ हमें विज्ञापन ही विज्ञापन नज़र आते हैं। सवेरे-सवेरे आँख खुलते ही गर्म-मा-गर्म चाय की चुस्की के साथ जब हम अखबार… Read More
अरे बाप रे, आप तो कंचे खेलते हैं…! “क्यूं कंचे खेलना ग़लत है..? मैं तो ताश भी खेलता हूँ, तब तो ताश खेलना पाप हो जाएगा हैना..?” क्या..? ताश भी खेलते हैं, कल को जुआ भी खेलेंगे, हुंह! “तो क्या… Read More
नारी तुम संजीवनी हो और सुधारस जीवन की सौम्या हो तुम भावमयी कवि की कोमल कल्पना… … ‘संजीवनी’ के रूप में मान्यता निश्चय ही नारी-गरिमा को उद्घाटित करता है। अनादिकाल से नारी – शक्ति को विविध रूपों में मान्यता मिलती… Read More
नवजागरण आधुनिक भारतीय इतिहास का एक ऐसा पड़ाव था, जहाँ से संभवतः सभी आधुनिक विचार, सभी आधुनिक विमर्शों की रूपरेखा तैयार हुई। वर्तमान में जितने भी विमर्श हैं, उन सबका एक महत्त्वपूर्ण आधार भारतीय पुनर्जागरण में रूपायित होता है। नवजागरण… Read More
यह शत प्रतिशत सत्य है कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की साहित्यिक दृष्टि को समझे बगैर हिन्दी साहित्य को समझ पाना आज भी आकाश कुसुम जैसा है। उनकी स्थापनाओं से टकराए बगैर न तो समीक्षक आगे बढ़ सकते हैं और न… Read More
सौंदर्यशास्त्र स्पष्ट रूप से दो शब्द सौन्दर्य और शास्त्र के मेल से बना है। वस्तुतः सौन्दर्य है क्या? किसी भी वस्तु का वह गुण या कारण है जो प्रेक्षक को आनंद प्रदान करता है, सौन्दर्य कहलाता है। शास्त्र का सीधा… Read More