जाता हूँ जिन राहों पर चल के, माँ कहती है तुम चलना तन के। काँटों पर चलना सिखाती है मुझको, धूप आए मगर आँचल से छन के। कहती है मेरे पास है सब कुछ, निकलती नही वो कभी बन ठन… Read More
जाता हूँ जिन राहों पर चल के, माँ कहती है तुम चलना तन के। काँटों पर चलना सिखाती है मुझको, धूप आए मगर आँचल से छन के। कहती है मेरे पास है सब कुछ, निकलती नही वो कभी बन ठन… Read More
मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाए मंजिल दूर और सफ़र बहुत है छोटी सी जिन्दगी की फिकर बहुत है मार डालती ये दुनिया कब की हमे लेकिन “माँ” की दुआओं में असर बहुत है +60
क्या क्या अब तक देख चुका। और क्या क्या देखना बाकी है। जीवन की इस राह पर क्या क्या सहना बाकी है। बंद आँख और मुँह कान इसका मूल आधार है।। गुमशुम रहना और सहना तेरा ये आधार नहीं। चलना… Read More
स्थिरता हो मन में जिसके वो मनमीत चुनो तुम, ये चकाचौंध बहुत भटकाती है सादगी भा जाये जिसकी वो मनमीत चुनो तुम, ये दुनिया झूठे ख्वाब बहुत दिखाती है हर भावों को न तौलौ तुम समाज के दकियानूसी तराजू में,… Read More
जो दिलमें होता है मेरे वो ही बात कहता हूँ। कहकर दिलकी बातों को सुकून बहुत मिलता है। इसलिए इस जमाने में लोग कम पसंद करते है। पर जो पसंद करते है वो बहुत अच्छे होते है।। मैं खुद को… Read More
पिछले 4-5 दिनों से हमें बेजोड़ गर्मी से मुँह में बहुत ज्यादा छाले हो गए हैं क्योंकि आजकल हम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के प्रोजेक्ट पर काम कर रहें हैं और भयंकर गर्मी में भी झाँसी जिले के गाँवों और… Read More
चाहे लगाओ नारे या भरो हुंकार ये देश नहीं बदल पाएगा, भारत का हर नागरिक बिस्मिल, विवेकानंद बन जाएगा हर विश्वविद्यालय से देशभक्त निकल के आयेगा तब भारत देश हमारा विश्वगुरु बन पाएगा जब हर बेटा भारत माँ की लाज… Read More
पिछले साल लाकडाउन के बाद देश ने दूसरे देशों की तुलना में अपने आपको संभाल लिया था। इस बार कोरोना संक्रमण की गति फिर से तेज हो गई है। अब पिछले वर्ष 6 माह में जितने मरीज मिले , उतने… Read More
साड़ी सिर्फ़ परिधान नहीं स्त्री गौरव की भी शान है, साड़ी विश्व में भारतीय नारियों का मान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में नारियों का सौंदर्य निखरता है शक्ल सूरत सामान्य भी तो भी साड़ी में नारी का रुप खिला लगता… Read More
जिंदगी कितनी हसीन और साथ ही रंगीन है। जिसमें हर रस का जो समावेश है। न चाह कर भी हम स्वयं रंगीन होते है। और हर रस को खुशी से पी लेते है।। क्यों उदासी से जीते है अपनी इस… Read More