shree krishna janmastami poem

गीत : आज फिर प्रकट होओ भगवान

आज फिर प्रकट होओ भगवान आज फिर प्रकट होओ भगवान कृषकों पर आफत की आँधी ग्वालपाल परेशान आज फिर प्रकट होओ भगवान आज फिर प्रकट होओ भगवान जिधर देखिए उधर आजकल चीरहरण होता है कौरव का दल हँसे ठठाकर पाँडव-दल… Read More

rahat indauri

शायरी का अज़ीम चित्रकार “राहत”

दो गज ही सही मेरी मिल्कियत तो है। ऐ मौत तूने मुझे जमींदार कर दिया। इंदौर की धरती और अदब आज उदास है, रेख़्ता मायूसी से घिरा हुआ है, हिंदवी अपनी गंगा जमुनी विरासत को सहेजने सहेजते असहज सी हो… Read More

shree janmastami

कविता : श्री कृष्ण जन्म उत्सव

दूर करने को सभी विपदा कहीं से आ जाएं खो चुकी जो धरा सम्पदा देने कहीं से आ जाएं साध कर जियें अपना जीवन जिसकी तरह सभी जग को तारने वाले वो कृष्णा कहीं से आ जाएं, चेतना में आज… Read More

Rahat Indori

मशहूर शायर व गीतकार राहत इंदौरी को अंतिम सलाम

साइनबोर्ड पेंटर से टॉप सांग राइटर तक राहत इंदौरी कोई व्यक्ति अपनी मेहनत, प्रतिभा और हौसले से अपनी हैसियत कैसे बदल सकता है उसका एक बेहतरीन उदाहरण गीतकार डॉ. राहत इंदौरी हैं। वे एक साइनबोर्ड पेंटर से कॉलेज के अध्यापक… Read More

shri krishna

कविता : श्री कृष्ण

हे कृष्ण, आपके जन्मते ही, जेल के ताले खुल गये, आप को जहां पहुँचना था आप पहुंच गये, पूतना बध,कालिया मर्दन व कंस शमन आपने बखूबी किया, तत्कालीन समाज को भय मुक्त किया, आज भी लोग जेल तोड़ते हैं, या… Read More

janmashtami

गीत : जन्माष्टमी

कितना पावन दिन आया है। सबके मन को बहुत भाया है। कंस का अंत करने वाले ने, आज जन्म जो लिया है। जिसको कहते है, जन्माष्टमी।।   काली अंधेरी रात में नारायण लेते। देवकी की कोख से जन्म। जिन्हें प्यार… Read More

happy shree krishna janmastami

श्रीकृष्ण जन्‍माष्‍टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ

रूप बड़ा प्यारा है, चेहरा बड़ा निराला है बड़ी से बड़ी मुसीबत को कन्हैया जी ने पल भर में हल कर डाला है!! मुरली मनोहर ब्रिज के धरोहर वह नंदलाल गोपाला है, बंसी की धुन पर सब दुख हरनेवाला मुरली… Read More

Kakori kand

कविता : काकोरी कांड

नौ अगस्त उन्नीस सौ पच्चीस, काकोरी रेलवे स्टेशन, जैसे ही चली सहारनपुर पैसेंजर, हुई चेनपुलिंग, रुकते ही ट्रेन गार्ड को क्रांतिकारियों ने लिया कब्जे में, लूटना था सरकारी खजाना, हड़बड़ी में निरुद्देश्य चल गयी माउज़र, मरा एक रेल पैसेंजर, लोग… Read More

ishq

कविता : इश्क़ की परिभाषा

तुझसे मेरा दूर रहना, तेरे बगैर हमारा जीना, तुझसे कभी ना रूठना, तेरी यादों को समेटे रखना, यही इश्क़ की परिभाषा है। तेरे लिए आहें भरना, तुझे हर पल याद करना, तुझसे शिकायत ना करना, तेरी नफ़रत कुबूल करना, यही… Read More