yaad aati hai

कविता : याद आती है

याद आती है तेरी मीठी बातें, याद आती है तेरी शैतानी बातें। सो जाता हूँ जब भी मैं रात को, ख़्वाबों में तंग करती है तेरी ही बातें।। कभी तो तू मुझे दिलासा दें, अपने दिल में मुझे थोड़ी जगह… Read More

happy independence Day

स्वतंत्रता या उच्छृंखलता- जिम्मेदार कौन

आजादी की 74वीं वर्षगांठ के हम गवाह बन रहे हैं। हमारा देश इस वर्ष कोरोना महामारी का वैश्विक आपातकाल में समाया हुआ था, यह वर्ष दो हजार बीस इस सदी का सबसे भयानक वर्ष माना जाएगा,इस बीच जब हम स्वतंत्रता… Read More

song on independence day

गीत : सबसे प्यारा सबसे न्यारा देश है हमारा

सबसे प्यारा सबसे न्यारा देश है हमारा।। सबसे ऊँची शान है वतन की, ऐसा देश है हमारा।। खुशी से मिटाते है जुदाई, हिन्दू हो या मुस्लिम। सिक्ख हो या ईसाई, आपस में सब है भाई भाई,।। हिंदी सँस्कृति है यहाँ,… Read More

makbare hain yein

ग़ज़ल : मकबरे हैं यें

ज़िंदा दिखते मगर मरे हैं ये कुछ लगाकर हरे-हरे हैं ये मीठी बातों से संभलकर रहिए मन में कड़वा ज़हर भरे हैं ये गले लगकर के गला काटेंगे घात विश्वास में करे हैं ये मन मुताबिक हैं आपकी बातें जाने… Read More

Pata nahi calta

गजल : पता नहीं चलता

चिकनी चुपड़ी बातों से, फ़ितरत का पता नहीं चलता, अंदर क्या और बाहर क्या है, इसका पता नहीं चलता। जो मीठेपन का लेप चढ़ा कर, प्यारी सी बातें करते हैं, कब कटुता का वो रंग दिखा दें, इसका पता नहीं… Read More

dayri page

कहानी : एक डायरी के खामोश पन्ने

सुबह के चार बज गये है।रात से मूसलाधार बारिश हो रही है।कपड़े उठाना भूल गयी थी ।सारे भीगे हुए है। राइटिंग टेबल पर बैठी हूँ।तुम गहन निंद्रा में सोये हो,कितने मासूम लग रहे हो।पास ही अवि भी सोया है।वह नींद… Read More

hansna

गीत : मूल्यांकन बिना परिणाम

उम्र बीत जाती है, जिंदगी को बनाने में। मेहनत करनी पड़ती है, लक्ष्य को पाने में। तब कही जाकर मंजिल, हासिल कर पाते है। और अपनी पहचान, बना पाते है जमाने में।। हँसना तालियां बजाना, आसान काम होता नहीं। खुद… Read More

youth

कविता : युवा

जल रही हो जिसमें लौ आत्मज्ञान की समझ हो जिसको स्वाभिमान की हृदय में हो जिसके करुणा व प्रेम भरा बाधाओं व संघर्षों से जो नहीं कभी डरा अपनी संस्कृति की हो जिसको पहचान भेदभाव से विमुख करे सबका सम्मान… Read More

Lord Krishna

कविता : श्री कृष्ण

सत्य के रक्षक अधर्म समापक दुष्ट विनाशी धर्म स्थापक हैं सुदामा सखा सुभद्रा पूर्वज देवकीनंदन वसुदेवात्मज वो पार्थसारथी गोप गोपीश्वर अजेय अजन्मा श्रीहरि दामोदर प्रेम के पर्याय परंतु वितृष्ण वो राधावल्लभ हैं वही श्री कृष्ण +60

Masoom mohabbat

लघुकथा : मासूम मोहब्बत

शहर में रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही थी।सुबह भी थमने का नाम न ले रही थी। उसने बैचेनी से घड़ी की तरफ देखा।सुबह की सैर का वक्त हो गया था।उसे पता था वो छत पर खड़ी उसयुवक बारहवीं… Read More