याद आती है तेरी मीठी बातें, याद आती है तेरी शैतानी बातें। सो जाता हूँ जब भी मैं रात को, ख़्वाबों में तंग करती है तेरी ही बातें।। कभी तो तू मुझे दिलासा दें, अपने दिल में मुझे थोड़ी जगह… Read More
याद आती है तेरी मीठी बातें, याद आती है तेरी शैतानी बातें। सो जाता हूँ जब भी मैं रात को, ख़्वाबों में तंग करती है तेरी ही बातें।। कभी तो तू मुझे दिलासा दें, अपने दिल में मुझे थोड़ी जगह… Read More
आजादी की 74वीं वर्षगांठ के हम गवाह बन रहे हैं। हमारा देश इस वर्ष कोरोना महामारी का वैश्विक आपातकाल में समाया हुआ था, यह वर्ष दो हजार बीस इस सदी का सबसे भयानक वर्ष माना जाएगा,इस बीच जब हम स्वतंत्रता… Read More
सबसे प्यारा सबसे न्यारा देश है हमारा।। सबसे ऊँची शान है वतन की, ऐसा देश है हमारा।। खुशी से मिटाते है जुदाई, हिन्दू हो या मुस्लिम। सिक्ख हो या ईसाई, आपस में सब है भाई भाई,।। हिंदी सँस्कृति है यहाँ,… Read More
ज़िंदा दिखते मगर मरे हैं ये कुछ लगाकर हरे-हरे हैं ये मीठी बातों से संभलकर रहिए मन में कड़वा ज़हर भरे हैं ये गले लगकर के गला काटेंगे घात विश्वास में करे हैं ये मन मुताबिक हैं आपकी बातें जाने… Read More
चिकनी चुपड़ी बातों से, फ़ितरत का पता नहीं चलता, अंदर क्या और बाहर क्या है, इसका पता नहीं चलता। जो मीठेपन का लेप चढ़ा कर, प्यारी सी बातें करते हैं, कब कटुता का वो रंग दिखा दें, इसका पता नहीं… Read More
सुबह के चार बज गये है।रात से मूसलाधार बारिश हो रही है।कपड़े उठाना भूल गयी थी ।सारे भीगे हुए है। राइटिंग टेबल पर बैठी हूँ।तुम गहन निंद्रा में सोये हो,कितने मासूम लग रहे हो।पास ही अवि भी सोया है।वह नींद… Read More
उम्र बीत जाती है, जिंदगी को बनाने में। मेहनत करनी पड़ती है, लक्ष्य को पाने में। तब कही जाकर मंजिल, हासिल कर पाते है। और अपनी पहचान, बना पाते है जमाने में।। हँसना तालियां बजाना, आसान काम होता नहीं। खुद… Read More
जल रही हो जिसमें लौ आत्मज्ञान की समझ हो जिसको स्वाभिमान की हृदय में हो जिसके करुणा व प्रेम भरा बाधाओं व संघर्षों से जो नहीं कभी डरा अपनी संस्कृति की हो जिसको पहचान भेदभाव से विमुख करे सबका सम्मान… Read More
सत्य के रक्षक अधर्म समापक दुष्ट विनाशी धर्म स्थापक हैं सुदामा सखा सुभद्रा पूर्वज देवकीनंदन वसुदेवात्मज वो पार्थसारथी गोप गोपीश्वर अजेय अजन्मा श्रीहरि दामोदर प्रेम के पर्याय परंतु वितृष्ण वो राधावल्लभ हैं वही श्री कृष्ण +60
शहर में रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही थी।सुबह भी थमने का नाम न ले रही थी। उसने बैचेनी से घड़ी की तरफ देखा।सुबह की सैर का वक्त हो गया था।उसे पता था वो छत पर खड़ी उसयुवक बारहवीं… Read More