Indian family

कविता : खानदान का महत्व

कहीं का ईट कहीं का रोडा भानुमती ने कुनबा जोड़ा। देखो देखो इस कुनबे को कैसे इतरा रहा है कुनबा। इस कुनबे में स्वार्थ है ज्यादा पर अपनापन बहुत कम है। फिर भी देखो इस कुनबे को एक सूत्र में… Read More

rikshawala

कहानी : रिक्शावाला

शहर के चौक-चौराहे पर इक्के-दुक्के ही रिक्शावाले नजर आते हैं। शायद आज कल आदमी रिक्शा की सवारी करना नहीं चाहते हैं या ई-रिक्शा के कारण। आखिर वजह जो भी हो। रिक्शावाला पूस के ढलते सूरज को देख चिंतित मुद्रा में… Read More

agaye-ki-soch

कविता : आगे की सोचो

जो बीत गया सो बीत गया अब उसके लिए क्यों रोना। आने वाले पलो की सोचो खुशियों के बारे में सोचो। जीने का मकसद को सोचो जीने की तुम राह चुनो। मोक्ष मार्ग तुमको मिलेगा सच्चे मन से तुम या… Read More

kite in butterfly shape

कविता : कागजी तितली

ठिठुरन सी लगे, सुबह के हल्के रंग रंग में । जकड़न भी जैसे लगे, देह के हर इक अंग में ।। उड़ती सी लगे, धड़कन आज आकाश में। डोर भी है हाथ में, हवा भी है आज साथ में। पर… Read More

berojgari

कविता : तब तुमने कविता लिखी बाबूजी

तब तुमने कविता लिखी बाबूजी जब फांसी पर झूला किसान, जब गिरवी हुआ उसका खेत और मकान, जब बेचा था उसने बीवी का अन्तिम गहना, तब भी दूभर था उसका ज़िंदा रहना, वो हार गया आखिर जीवन की बाजी, तब… Read More

cute copule

गीत : प्रेम रस बरसे

गीत गजल कविताएं, मैं लिखता हूँ । गीत मिलन के भी, जो मैं गाता हूँ।। गीत मिलन के मैं, गा के सुनता हूँ। प्रेम रस बरसाता हूँ, मैं अपने गीतों से। जग जाती है मोहब्बत, लोगों के दिलो में। मंत्रमुक्त… Read More

Shree Ram and Hanuman

कविता : हे राम! मुझे अपना लो

हे राम! मुझे हनुमान समझ कर अपना लो निज सेवक सुत अंजान समझ कर अपना लो महामूरख ठेठ नादान समझ कर अपना लो कंकड़ धूलि पाषान समझ कर अपना लो। नेह इतना बरसाओ कि मन दुःख बिसरा दे दुःख पीड़ा… Read More

sakranti in india

कविता : मकर संक्रांति

युगों युगों से, काल काल में, वेदों में ,पुराणों में आलौकिक है महिमा मंडित,शास्त्रों में व्याख्यानों में। बिहू,पोंगल,माघी,ओणम खिचड़ी कोई तिलचौली विभिन्न नाम से संक्रान्ति इस भारत में जाती बोली। दक्षिण से उत्तर को आते सारँग सूर्य भगवान किसी पिता… Read More

Kahani bhediya

कहानी : भेड़िया

“तड़ाक” उसने एक जोरदार तमाचा उसके गाल पर जड़ दिया था। तमाचा जड़ने के साथ ही उसका पूरा शरीर क्रोध में कांप रहा था। आँखों में अंगारे दहक रहे थे। उसकी आवाज में बिजली-सी कौंध रही थी। वह किसी भेड़िए… Read More

happy makar sakranti 24

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं

मूंगफली की खुशबू और गुड़ की मिठास दिलों में खुशी और अपनो का प्यार, मुबारक हो आपको मकर संक्रांति का त्यौहार! साहित्य सिनेमा सेतु परिवार की ओर से आपको मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं। +20