Karl Marx

जन्मदिन पर विशेष : कार्ल मार्क्स

कार्ल मार्क्स आधुनिक इतिहास के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक चिंतक दुनिया के मजदूरों एकजुट हो जाओ, तुम्हारे पास खोने को कुछ भी नहीं है, सिवाय अपनी जंजीरों के। इस प्रसिद्ध नारे ने 20 वीं सदी के प्रारंभ में दुनिया में काफी… Read More

संगीत के सरताज नौशाद : पुण्यतिथि पर विशेष 

आपको पाक़ीज़ा फिल्म में मीना कुमारी पर फिल्माए गए लता मंगेशकर के लाजवाब गीत यूं ही कोई मिल गया था सरेराह चलते चलते  और ठाड़े रहियो ओ बांके यार  गीत याद हैं? इन  बेहतरीन नगमों का संगीत निर्देशन जिस शख्स… Read More

कविता : दिखने लगी है साफ साफ (डॉ. विजय कु. मिश्र)

हमारा सोचना कि हम जोर लगा दें तो पत्थर को भी पानी बना सकते हैं हमारा सोचना कि हम उछाल दें पत्थर तबियत से तो सुराख कर सकते हैं आसमान में हमारा सोचना भर था। ऐसी बहुत सी चीजें जो… Read More

कविता : प्रस्थान बिंदु (डॉ. विजय कु. मिश्र)

मछलियाँ नहीं जानती लेना प्रतिशोध वे नहीं पहचान पाती उस मछेरे को जिसने फँसाया उसे अपने जाल में वे तो जानती हैं बस तड़पना तड़प तड़प कर मरना नदी से विच्छिन्न हो दरअसल वे परिचित हैं भलीभाँति अपने इतिहास से… Read More

कविता : अक्षय तूणीर (डॉ. विजय कु. मिश्र)

कर दिया था प्रवाहित जल में अग्निदेव के निर्देश पर अर्जुन ने पांडवों के महाप्रस्थान के समय अपना गांडीव और उसी के साथ अपना अक्षय तूणीर भी जो पाया था उन्होंने अपनी साधना से स्वयं शिव से सृष्टि के कल्याण… Read More

कविता : वो चला गया, अपने गाँव

“श्रमिक एक्सप्रेस” खुल गई है शहर, तुम ख़ुश रहो वो चला गया, अपने गाँव वही, जिसे तुम मज़दूर कह कर दया से भर रहे थे। वही, जो न जाने कितने सालों से अपने पसीने को मेहनत की भट्टी में पकाकर… Read More

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कविता : बेटा बनवारी खूब मन लगा के

बेटा बनवारी ! खूब मन लगा के पढ़ो तनिक बेटा बनवारी खूब मन लगा के…. जितना चली तोहार हाथ, तबे बनी कोई बात, काम मिली सरकारी ख़ूब मन लगा के… गॉव नागरिआ के एके पढ़वइया बचपन मे दूर भईले बाप… Read More

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गीत : गौ माता को बचाना है

बनकर गौ माता के रक्षक, बचाये कसाईयों से इन्हें। लेकर एक गाय को गोद, उसे जीवन आप दे सकते हो। और जीव हत्या के इस, खेल को आप रोक सकते हो। और दुनियां में जीओ जीने दो को, पुनः जिंदा… Read More

लघुकथा : मज़दूर

कामिनी देवी जब कभी भी अपने राइस मिल पर जाती थीं, माधो से ज़रूर मिलती थीं। माधो उनकी राइस मिल में कोई बड़ा कर्मचारी नहीं, बल्कि एक मज़दूर था। राइस मिल में काम करने वाले सभी लोगों का मानना था… Read More