वो चला था अपने घर को मगर पहुंच पाया क्या ? कितना कष्ट सहा है उसने कभी बताया क्या..? सारी मेहनत निचोड़ दी उसने पैरों को चलाने में, सांस फूलती रही उसकी अपनी व्यथा को बताने में..! अपनी मंज़िल बताने… Read More
वो चला था अपने घर को मगर पहुंच पाया क्या ? कितना कष्ट सहा है उसने कभी बताया क्या..? सारी मेहनत निचोड़ दी उसने पैरों को चलाने में, सांस फूलती रही उसकी अपनी व्यथा को बताने में..! अपनी मंज़िल बताने… Read More
#PravasiMazduronKiPeeda +20
सन् दो हज़ार अठारह में प्रशासनिक सेवा हेतु बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के अंतिम चरण का परिणाम आया था। मनीषा को सफलता प्राप्त हुई थी लेकिन मानव कुछ अंकों से असफल हो गया था। मनीषा और मानव… Read More
तुमने मुझे क्यों चुना, मोहब्बत करने के लिए। मुझमें तुम्हें क्या, अच्छा और सच्चा लगा। मैनें तो तुमसे कभी, निगाहें मिलाई ही नहीं। फिर भी तुमने अपना दिल, मेरे को क्यों दिया।। दिल के झरोखों से क्या तुम्हें कोई तरंग… Read More
आज कल कम ही, नजर आते हो। मौसम के अनुसार, तुम भी गुम जाते हो। कैसे मैं कहूँ तुमसे की, मुझे बहुत याद आते हो।। दर्द दिल में बहुत है, बयां कर सकता नही। हम सफ़र बिछड़ गया, पर कह… Read More