nayasal

काव्य : वर्ष नया ,नया त्योहार

दिवस बदलते, माह बदलते, बदले कैलेंडर, बदले कई वार । चलो मनाएं ,नई सुबह पर, नए वर्ष का ,नया त्योहार । धरा वही ,आसमां वही है, लगे नया ,भव-पारावार । वर्ष नया , कैलेंडर बदला, सोच भी बदलें, अब की… Read More

mansanti

पद्य : एक उस भगवन

मन-मग रहत , बस एक उलझन । हदय बस तब , चयन उस भगवन । जतन जब सरजन , अब अनवरत अर अनवरत । जग-जन चमन सद, बढ़त बस बरकत । ईश ,असलम , धन-धन ,सत-मदद । इस , उस… Read More

happy new year

हैप्पी न्यू ईयर

कोई कहता हैप्पी न्यू *Year* । कोई कहे अपना नहीँ *Dear* । अपने मन में क्यों हो *Fear* । कैलेंडर बदले है *Gear* । नया साल है बिल्कुल *Near* । दस्तक door पर करता वो *Hear* । दुखियों के हम… Read More

pita

कविता : पापा, तुम बिन जीवन रीता है

जिस दिन से तुम छोड़ गए हमको पल-छिन दुख ने दहन किया हमको मन में बैठ गया तब से इक संताप जीवन में अंधेरा यूँ गया था व्याप्त कोई राह न अब तक सूझी हमको। पापा… तुम बिन जीवन… …… Read More

manlove

कविता : बुलाते हो और डरते हो

कसम देकर बुलाती हो फिर मिलने से कतराती हो। दिलकी धड़कनो को भी तुम क्यों छुपा रहे हो। और अपने मन की बात क्यों कह नहीं पा रही हो। पर मोहब्बत तुम दिलसे और आँखों से निभा रही हो।। मोहब्बत… Read More

manalone

कविता : सच्चे पथ की खोज

जब से दुनियाँ में आया हूँ तब से ही भागे जा रहा। कभी खुद के लिए तो कभी अपनो के लिए। न जाने मुझे क्या क्या सच में करना पड़ रहा। और जीवन के पथ पर साथ सभी के चल… Read More

freshness

कविता : दुनियाँ में रहना है

पग पग पर कांटे बिछे चलना तुम्हें पड़ेगा। दुनियाँ की जलत को सहना तुम्हें पड़ेगा। जीवन के लक्ष्य को हासिल करना पड़ेगा। और अपने आपको दुनियाँ को दिखाना पड़ेगा।। पग पग पर कांटे बिछे चलना तुम्हें पड़ेगा। दुनियाँ की जलत… Read More

jesus

कविता : यीशु

भगवन कई, सुखीजन कई, तुमसा ना सृजन होगा; यीशु तुम हो साथ अगर, दुखी ना कोई निर्धन होगा। सेवा करना धर्म सिखाया, निर्बल ने भी संबल पाया, जीवन मे जब बाधा आई, तुमने ही सही मार्ग दिखाया। करते है हम… Read More

jatayuu

कविता : स्त्री का रक्षक

भावनाओं की उत्कृष्टता का, आदर्शवादिता का, प्रेम – समर्पण का समुद्र भरता है दिव्य ग्रंथ रामायण महकाव्य गढ़ता है।। एक बूढ़ा पक्षी एक स्त्री की रक्षा करता है, उम्र से हारा जटायू भी एक विचार करता है, तू काहे इस… Read More

umid

कविता : जीवन का आनंद

होठों पर हंसी हो आँखो में नमी हो। दिल में सुकून हो। तो खुशी झलकती है। और चेहरा कमल सा एक दम खिलता है। इसलिए तो सभी से इनका दिल मिलता है।। जीवन तो मिला है यहाँ हर किसी को।… Read More