मेरा गम तो छुपा है आंखो में एक तू ही तो है निगाहों में।। अब मेरा इम्तिहान मत लेना जिसके ख्वाबों से दूर रहती हूं, दरअसल वो ही ख़्वाब है तु मेरा।। देख क्या इंतखाब है मेरा लब पे मैने… Read More
मेरा गम तो छुपा है आंखो में एक तू ही तो है निगाहों में।। अब मेरा इम्तिहान मत लेना जिसके ख्वाबों से दूर रहती हूं, दरअसल वो ही ख़्वाब है तु मेरा।। देख क्या इंतखाब है मेरा लब पे मैने… Read More
“नारी यदि वर्तमान के साथ भविष्य को भी अपने हाथ में ले ले तो वह अपनी शक्ति से बिजली की तड़क को भी लज्जित कर सकती है।” जब नारी अपने कदम आगे बढ़ाती हैं , तो वह कही इतिहास लिख… Read More
एक पहेली सी हो तुम थोड़ी सी जानी पहचानी पास रहती मगर अनजानी सी ।। खुद को समेटे कुछ कहती हुई नज़रे झुकाएं हर वक़्त मुस्कुराती हुई।। चन्द लम्हों में चुरा लेती मुझको दूर हो के हर वक़्त सताती मुझको।।… Read More
जीवन के अलग ढ़ंग है, उसमे बिखरे अनेकों रंग है। प्रकृति का अलग राग है, उसमे अलग ताब है।। प्रकती का तपन मानव को जीवन राग दिखाता है, जीवन में अनेकों रंग दर्शाता है।। प्रकृति में हर कहीं बिखरे है… Read More
पावस आते मन ठहर, भीगे बदन मेरे। समूचा माहौल खुला, याद पनपे तेरे।। भीगा बदन बरसाएं, रिमझिम बारिश हुआ। साजन चले आते हैं, जब बरस बता रहा।। नन्हा पौध रोपण में, जमीन गीली हुईं। अस्तित्व बचाने में, बरसात कहीं गई।।… Read More
तू माटी का एक पुतला है तुझे माटी में ही मिलना है। बस कट पुतली बनकर ही तुझे ये मानव जीवन जीना है। और मानव के इस पुतले को इस खिलौने से खेलना है। फिर कुछ बर्षो उपरांत तुझे उसी… Read More
ओटीटी प्लेटफॉर्म की शुरुआत जब देश में हुई तो किसी को इतना अंदाजा नहीं था कि यह अपनी पकड़ भारतीय दर्शकों पर इतनी ज्यादा बना देगा ।शुरुआती वेब सीरीज को देखकर लगा कि बस कुछ एक कंटेंट ऐसे हैं जिन्हें… Read More
करुणा सागर को धार बनाकर तुम भी लहरों सी हुंकार भरो जाज्वल्यमान ज्वाला बन कर मन के तम का संहार करो अबला ना समझो सबल हो तुम । नारी होने का अभिमान करो ।। उठो निडर तुम बढ़ो निडर तुम… Read More
मन की बातों को छुपा लिया पर नयनों को क्या समझाओगे अधरों मे दबे अपने भावो को जब शब्दों मे ना कह पाओगे तुम जो कहते थे मेरे जीवन में हर शब्द तुम्हीं हर भाव तुम्ही हो मेरी शक्ति मेरी… Read More
अलग है मेरी भाषा तुम्हारी भाषा से, अलग है दुनिया में मनुष्यों की भाषा कई रूप हैं भाषा के, पुस्तक की भाषा बोलचाल की भाषा, श्रम की भाषा मूक-गूँगे की भाषा, शरीर की भाषा माँ की भाषा, परिवार की भाषा… Read More