पाकिस्तान के भूतपूर्व गृहमंत्री शेख रशीद दक्षिण एशिया की राजनीति में मनोरंजन के प्रमुख साधन माने जाते रहे थे , ये हजरात वही हैं जो इंडिया पर पाव किलो वजन के परमाणु बम मारने की धमकी दिया करते थे। जब… Read More
पाकिस्तान के भूतपूर्व गृहमंत्री शेख रशीद दक्षिण एशिया की राजनीति में मनोरंजन के प्रमुख साधन माने जाते रहे थे , ये हजरात वही हैं जो इंडिया पर पाव किलो वजन के परमाणु बम मारने की धमकी दिया करते थे। जब… Read More
वतन का खाकर जवाँ हुए हैं वतन की खातिर कटेगी गर्दन। है कर्ज हम पर वतन का जितना अदा करेंगे लुटा के जाँ तन।। हर एक क़तरा निचोड़ डालो बदल दो रंगत वतन की यारो। जहाँ गिरेगा लहू हमारा वहीं … Read More
ये तो अन्याय ही होगा न ! जब माता शबरी से कोई कहे कि तेरे राम नहीं आयेंगे |……. उम्मीद छोड़ दो | माता शबरी मैं भारत माई को कह रहा हूँ | और जानते हैं,उनके राम कौन है? जिनके… Read More
नेता बनना है तो सुभाष जी को दिल में बसा लो, तुम भी भारत की कुछ मुश्किलों का हल निकालो. हैप्पी सुभाष चंद्र बोस जयंती 00
धधक उठी ज्वाला जौहर की राजस्थान कहानी थी । रतन सिंह मन-प्रेम पद्मिनी ,वो मेवाड़ की रानी थी। गन्धर्वराज घर की किलकारी,चम्पावती की मन ज्योति। सिंहलद्वीप की राजरागिनी , स्त्री की थी उच्चतम कोटि। सुंदरता तन में भी अनुपम ,मन… Read More
सर्दी मौसम में प्यार मोहब्बत की आपस में बातें होती है। सर्दी मौसम में मोहब्बत निभाने कि कसमे खाई जाती है। और चलता है दौर आपस में मेल मिलाप करने का। पर होती है दिलको पीड़ा सर्दी में बिछड़ ने… Read More
रास्ता सीधा नहीं होता धरती के अनुरूप वह,करवट लेता रहता है कभी बायें की ओर,कभी दायें की ओर सीधा चलनेवाले को,टक्कर लेना पड़ता है कहीं पत्थरों से,कहीं कांटों से सरल नहीं होता है उसे उतार-चढ़ावों को पारकर अपने रास्ते से… Read More
तेरी मेहनत रंग लाई है तभी खुशियाँ घर आई है। आंगन में किलकारी गूँज रही और दिल में तरंगे छाई है। सच मानो जैसे आज ही घर में दिवाली आई है। सभी के दिलों में देखो अपार खुशियाँ छाई है।।… Read More
जुड़ती है सड़क एक सड़क से बासी रोटी ने महका रखा है घर को मैं कौन,निश्चित मैं मौन हूँ टूटी हैं बेड़ियां ,लड़कर थकी नहीं ,सड़क का कूड़ा , समय से लड़ती कूची दिमाग का दही बनाती है कविता ”… Read More
उठो मन!अभी तुम्हें बहुत चलना है, कदम रखकर आगे अभी और बढ़ना है। कि अभी मंजिल न आयी है तुम्हारी भ्रम में रहकर न रुकना है। उठो मन! अभी तो तुम्हें फिर चलना है, विपरीत बहती धाराओं में तो अभी… Read More