सहज की रचनाएँ आम जन सर्वहारा वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं रफीक सतनवी और कुनाल उमाकान्त निगम सहज स्मृति उर्दू अदब सम्मान से सम्मानित याद ए सहज मुशायरा और सम्मान संगोष्ठी आयोजित सतना, शब्द शिल्पी परिवार सतना के तत्वावधन में,… Read More
सहज की रचनाएँ आम जन सर्वहारा वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं रफीक सतनवी और कुनाल उमाकान्त निगम सहज स्मृति उर्दू अदब सम्मान से सम्मानित याद ए सहज मुशायरा और सम्मान संगोष्ठी आयोजित सतना, शब्द शिल्पी परिवार सतना के तत्वावधन में,… Read More
मन छोड़ व्यर्थ की चिंता तू शिव का नाम लिये जा शिव अपना काम करेंगे तू अपना काम किए जा ऊँ: नम: शिवाय 00
सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं +10
देश गर्व से देख रहा है, आज चमकते चांद की ओर । दुनिया में अपना नाम बना हैं , छूकर इसका तलीय छोर। भारत की इस जय में बोलें, जय जय तेरी हो विज्ञान । इसरो ने कुछ किया है… Read More
कठिन होता है समझना इस दुनिया को, हर जीव को, कभी असली से ज्यादा नकली बेहद अपनी दर्जा दिखाती है कपोल – कल्पित कई बातें मीठी – मीठी लगती हैं जग में अनुभव के बल पर होता है असलीयत का… Read More
खाना पहले उनको दो जो सड़कों में, गलियों में भीख माँगते नज़र आते हैं असहाय अवस्था को पारकर आगे बढ़ने में असफल हैं पराजित हैं वे अपने जीवन में आघात हुई है उनके मन पर देह की सुधा भी खो… Read More
पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह सम्पन्न साहित्य अकादमी भोपाल का आयोजन पंडित दीनदयाल जी राष्ट्र ऋषि तुल्य हैं। – उत्तम बैनर्जी पंडित जी का एकात्म मानववाद को पुनः समझने और पालन करने की आवश्यकता – डॉ. विकास दवे सतना ,… Read More
कुछ बातें दिल में रही जब तक, कश्ती साहिल पर रही तब तक, जूझता रहा अंतर्मन में, शब्दों की कमी रही जब तक। आँखों से कुछ कहता कैसे, बिन बोले भी रहता कैसे, सागर जितनी मेरी बातें, ख़त में सबकुछ… Read More
लगा है सावन का महीना विचारो में आस्था जगी है। धर्म की ज्योति भी देखो दिलों में जल उठी है। तभी तो सावन में देखो मंदिरो में भीड़ लगी है। और प्रभु दर्शन पाने की सभी में होड़ लगी है।।… Read More
हर हर महादेव बोले जो हर जन, उसे मिले सुख समृद्धि और धन। सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं +10