श्रेणी

mushaira_and_Samman_Seminar_organized_26july23

याद ए सहज मुशायरा और सम्मान संगोष्ठी आयोजित

सहज की रचनाएँ आम जन सर्वहारा वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं रफीक सतनवी और कुनाल उमाकान्त निगम सहज स्मृति उर्दू अदब सम्मान से सम्मानित याद ए सहज मुशायरा और सम्मान संगोष्ठी आयोजित सतना, शब्द शिल्पी परिवार सतना के तत्वावधन में,… Read More

isro

कविता : नमन तुम्हें है इसरोजन

देश गर्व से देख रहा है, आज चमकते चांद की ओर । दुनिया में अपना नाम बना हैं , छूकर इसका तलीय छोर। भारत की इस जय में बोलें, जय जय तेरी हो विज्ञान । इसरो ने कुछ किया है… Read More

katnai

कविता : खुल जाएँ दरवाजे सभी

कठिन होता है समझना इस दुनिया को, हर जीव को, कभी असली से ज्यादा नकली बेहद अपनी दर्जा दिखाती है कपोल – कल्पित कई बातें मीठी – मीठी लगती हैं जग में अनुभव के बल पर होता है असलीयत का… Read More

manao

कविता : मनुष्यों की दुनिया में

खाना पहले उनको दो जो सड़कों में, गलियों में भीख माँगते नज़र आते हैं असहाय अवस्था को पारकर आगे बढ़ने में असफल हैं पराजित हैं वे अपने जीवन में आघात हुई है उनके मन पर देह की सुधा भी खो… Read More

dindayal

पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह

पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह सम्पन्न साहित्य अकादमी भोपाल का आयोजन पंडित दीनदयाल जी राष्ट्र ऋषि तुल्य हैं। – उत्तम बैनर्जी पंडित जी का एकात्म मानववाद को पुनः समझने और पालन करने की आवश्यकता – डॉ. विकास दवे सतना ,… Read More

kuch khta kese

कविता : कुछ बातें

कुछ बातें दिल में रही जब तक, कश्ती साहिल पर रही तब तक, जूझता रहा अंतर्मन में, शब्दों की कमी रही जब तक। आँखों से कुछ कहता कैसे, बिन बोले भी रहता कैसे, सागर जितनी मेरी बातें, ख़त में सबकुछ… Read More

shiv

कविता : धर्म कर्म का महीना

लगा है सावन का महीना विचारो में आस्था जगी है। धर्म की ज्योति भी देखो दिलों में जल उठी है। तभी तो सावन में देखो मंदिरो में भीड़ लगी है। और प्रभु दर्शन पाने की सभी में होड़ लगी है।।… Read More