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sainik-2023

कविता : पाती सैनिक-सपूत की

आऊंगा मैं तुझसे मिलने ,माँ मेरी ए , खाकर कसम तेरी कहता हूं । देश-तिरंगे का मान बढ़ाने को , तुझसे दूर मैं रहता हूँ । आऊंगा मैं तुझसे मिलने…… चिट्ठी तेरी मुझको आई है जो माँ , मेरा ही… Read More

safar-2023

कविता : यात्रा का आनंद

सफर में आनंद आता है जब मिले है अच्छे लोग। तो मस्ती से कट जाता अपनी यात्रा का दौर। बात ही बातों का जहाँ चलता रहता है दौर। कोई जोक सुनाता है तो कोई गीत गाता है।। सभी के आनंद… Read More

durga maa-2023

कविता : दो बार आती है

नहीं करता जो विश्वास माता रानी के ऊपर। नरक रहता है उसका ये देखो मानव जीवन। इसलिए कहता हूँ मैं रखो विश्वास तुम उन पर। तुम्हारा ये मानव जीवन खुशी से बीत जायेगा।। सुने होंगे बहुत तुमने माता रानी के… Read More

pyar2023

कविता : मेरे प्रियतम

तुम अगले जन्म में मिलना तब शायद पांव में न बंधी होगी रूढ़ियों की जंजीर, परम्पराओं के बोझ तले न सिसके तब यूँ मेरी पीर, तब आदर्श नारी बनने की अपेक्षाओं से पहले समझी जाऊंगी शायद एक सुकुमार सी लड़की,… Read More

sanskar2023

लेख : बच्चों को भाषा-संस्कारों के साथ बड़ा करना चाहिए

इंदौर (मप्र)। हिंदी बहुत ही वैज्ञानिक भाषा है। हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए।भारतीय साहित्य बहुत ही समृद्ध है। इसी समृद्ध परंपरा को हमें अपनी नई पीढ़ी को हस्तांतरित करना चाहिए। यह कुछ पढ़कर और कुछ लिख कर हो… Read More

Best wishes on Guru Nanak Jayanti

गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ

वाहे गुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फतेह राज करेगा खालसाबाके रहे ना कोए आपको और आपके परिवार को गुरु पूरब की ढेर सारी बधाईयां +10

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कहानी : ऐसा क्यों है?

अभी मैं सोकर उठा भी नहीं था कि मोबाइल की बज रही लगातार घंटी ने मुझे जगा दिया। मैंने रिसीव किया और उनींदी आवाज़ में पूछा -कौन? उधर से आवाज आई -अबे! अब तू भी परेशान करेगा क्या? कर ले… Read More

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ग़ज़ल : यहाँ की हवाओं में ज़हर घोलने वाले

यहाँ की हवाओं में ज़हर घोलने वाले। तू गूंगा क्यों हो रहा है सब बोलने वाले॥ तेरे आँसू किसी के गम में क्यों निकलते नहीं। तू क्यों रोता है सियासत के पर खोलने वाले॥ चैन की ज़िन्दगी थी एक, उसको… Read More

sohar geet

लेख : भोजपुरी लोक गीत परम्परा में अगली कड़ी सोहर गीत

भोजपुरी भाषा-भाषी क्षेत्र अर्थात उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और बिहार के लगभग आधे हिस्से में तरह-तरह के गीतों का प्रचलन देखने को मिलता है, इन्हीं गीतों में से एक गीत सोहर भी है । कुछ लोग परिचित होंगे कि यह… Read More

bhashavigyan

लेख : भाषाविज्ञान कला है या विज्ञान

भाषाविज्ञान पर विचार करते समय हमें यह ज्ञात होता है कि जिसमें भाषा का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाए वही भाषाविज्ञान है तो स्पष्ट ही यह विज्ञान है। दरअसल विज्ञान शब्द का मूल अर्थ ‘विशिष्ट ज्ञान’ है। उपनिषदों में इसका प्रयोग… Read More