आऊंगा मैं तुझसे मिलने ,माँ मेरी ए , खाकर कसम तेरी कहता हूं । देश-तिरंगे का मान बढ़ाने को , तुझसे दूर मैं रहता हूँ । आऊंगा मैं तुझसे मिलने…… चिट्ठी तेरी मुझको आई है जो माँ , मेरा ही… Read More
आऊंगा मैं तुझसे मिलने ,माँ मेरी ए , खाकर कसम तेरी कहता हूं । देश-तिरंगे का मान बढ़ाने को , तुझसे दूर मैं रहता हूँ । आऊंगा मैं तुझसे मिलने…… चिट्ठी तेरी मुझको आई है जो माँ , मेरा ही… Read More
सफर में आनंद आता है जब मिले है अच्छे लोग। तो मस्ती से कट जाता अपनी यात्रा का दौर। बात ही बातों का जहाँ चलता रहता है दौर। कोई जोक सुनाता है तो कोई गीत गाता है।। सभी के आनंद… Read More
नहीं करता जो विश्वास माता रानी के ऊपर। नरक रहता है उसका ये देखो मानव जीवन। इसलिए कहता हूँ मैं रखो विश्वास तुम उन पर। तुम्हारा ये मानव जीवन खुशी से बीत जायेगा।। सुने होंगे बहुत तुमने माता रानी के… Read More
तुम अगले जन्म में मिलना तब शायद पांव में न बंधी होगी रूढ़ियों की जंजीर, परम्पराओं के बोझ तले न सिसके तब यूँ मेरी पीर, तब आदर्श नारी बनने की अपेक्षाओं से पहले समझी जाऊंगी शायद एक सुकुमार सी लड़की,… Read More
इंदौर (मप्र)। हिंदी बहुत ही वैज्ञानिक भाषा है। हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए।भारतीय साहित्य बहुत ही समृद्ध है। इसी समृद्ध परंपरा को हमें अपनी नई पीढ़ी को हस्तांतरित करना चाहिए। यह कुछ पढ़कर और कुछ लिख कर हो… Read More
वाहे गुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फतेह राज करेगा खालसाबाके रहे ना कोए आपको और आपके परिवार को गुरु पूरब की ढेर सारी बधाईयां +10
अभी मैं सोकर उठा भी नहीं था कि मोबाइल की बज रही लगातार घंटी ने मुझे जगा दिया। मैंने रिसीव किया और उनींदी आवाज़ में पूछा -कौन? उधर से आवाज आई -अबे! अब तू भी परेशान करेगा क्या? कर ले… Read More
यहाँ की हवाओं में ज़हर घोलने वाले। तू गूंगा क्यों हो रहा है सब बोलने वाले॥ तेरे आँसू किसी के गम में क्यों निकलते नहीं। तू क्यों रोता है सियासत के पर खोलने वाले॥ चैन की ज़िन्दगी थी एक, उसको… Read More
भोजपुरी भाषा-भाषी क्षेत्र अर्थात उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और बिहार के लगभग आधे हिस्से में तरह-तरह के गीतों का प्रचलन देखने को मिलता है, इन्हीं गीतों में से एक गीत सोहर भी है । कुछ लोग परिचित होंगे कि यह… Read More
भाषाविज्ञान पर विचार करते समय हमें यह ज्ञात होता है कि जिसमें भाषा का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाए वही भाषाविज्ञान है तो स्पष्ट ही यह विज्ञान है। दरअसल विज्ञान शब्द का मूल अर्थ ‘विशिष्ट ज्ञान’ है। उपनिषदों में इसका प्रयोग… Read More