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कविता : कोरोना के आतंक से परेशान है

आज पूरा देश कोरोना के आतंक से परेशान है कोई कहता शैतान तो कोई कहता हैवान है चार बार नहाते है दिन में, सौबार चमकाते हाथ हैं शान से कहती है मेरी बीवी, देखो घर में कितना काम है सारे… Read More

कविता : पलायन

पलायन, महज घर छोड़ कर जाना ही नहीं होता पलायन सपनों का बिखर जाना और हृदय का भर जाना होता है गहरे घावों से सर पर पोटली लिए  गोद में बच्चे लिए बुजुर्गों को पीठ पर लादे दहकती गर्म कंक्रीट… Read More

happy mothers day

कविता : माँ इतना तू ही क्यूँ निभाती है

तू ही तपस्या है तू ही धर्म है त्याग है तू तू ही हकीकत है तू ही इबादत है खुदा का प्यारा ख्वाब है तू माँ शब्द ये छोटा पर रिश्ता सबसे बड़ा होता है जब हम कोख में पलते… Read More

ghazal dua kar liya to

ग़ज़ल : दुआ कर लिया तो

टूटे मेरे दिल ने फिर, दुआ कर लिया तो हुई क्या ख़ता गर, प्यार कर लिया तो किसी हमनशी को, इश्क़-ए-असर में ख़ालिस-ए-मोहोब्बत, खुदा कर लिया तो तनहा तबाह कबसे, थी मेरी ज़िन्दगी क़फ़स क़ैद में कबसे, थी मेरी ज़िन्दगी… Read More

happy mothers day

कविता : माँ इन चंद पन्नों में तुझे लिख नही सकता

माँ इन चंद पन्नों में तुझे लिख नही सकता । माँ का सिर्फ एक दिन हो ऐसा कह नही सकता । माँ.. माँ हर पल है हर सांस है हर दिन, हर महीना हर साल है माँ.. माँ नदिया है… Read More

कविता : मिट्टी का पुतला

आदमी मिट्टी का पुतला है और जो चीज मिट्टी से बनती है वह मिट्टी में ही मिल जाती है किंतु इस तरह से मिल जाना मिट्टी में कि कोई कंधा देने वाला भी न हो कुछ हजम नहीं होता। संक्रमण… Read More

sharwan kumar

गीत : पुत्र धर्म निभाये

कितनो के पुत्र आजकल, करते मां बाप की सेवा। सब कुछ उन पर लूटकर, खुद बन जाते है भिक्षुक।। और पुत्र इन सब का, कैसे अदा करते है कर्ज। भेज उन्हें बृद्धाश्रम में, फिर भी कहलाते पुत्र।। कलयुग की महिमा… Read More