टूटे मेरे दिल ने फिर, दुआ कर लिया तो हुई क्या ख़ता गर, प्यार कर लिया तो किसी हमनशी को, इश्क़-ए-असर में ख़ालिस-ए-मोहोब्बत, खुदा कर लिया तो तनहा तबाह कबसे, थी मेरी ज़िन्दगी क़फ़स क़ैद में कबसे, थी मेरी ज़िन्दगी… Read More
टूटे मेरे दिल ने फिर, दुआ कर लिया तो हुई क्या ख़ता गर, प्यार कर लिया तो किसी हमनशी को, इश्क़-ए-असर में ख़ालिस-ए-मोहोब्बत, खुदा कर लिया तो तनहा तबाह कबसे, थी मेरी ज़िन्दगी क़फ़स क़ैद में कबसे, थी मेरी ज़िन्दगी… Read More
माँ इन चंद पन्नों में तुझे लिख नही सकता । माँ का सिर्फ एक दिन हो ऐसा कह नही सकता । माँ.. माँ हर पल है हर सांस है हर दिन, हर महीना हर साल है माँ.. माँ नदिया है… Read More
आदमी मिट्टी का पुतला है और जो चीज मिट्टी से बनती है वह मिट्टी में ही मिल जाती है किंतु इस तरह से मिल जाना मिट्टी में कि कोई कंधा देने वाला भी न हो कुछ हजम नहीं होता। संक्रमण… Read More
कितनो के पुत्र आजकल, करते मां बाप की सेवा। सब कुछ उन पर लूटकर, खुद बन जाते है भिक्षुक।। और पुत्र इन सब का, कैसे अदा करते है कर्ज। भेज उन्हें बृद्धाश्रम में, फिर भी कहलाते पुत्र।। कलयुग की महिमा… Read More
बहुत सारे लोगों की ये शिकायत रहती है कि गरीब मजदूर लोग अपने गांव मे ही क्यों नही मजदूरी करते, बाहर क्यों चले जाते हैं? इस विषय पर आगे बढ़ने के पहले कल के अखबार का संज्ञान लेना चाहूँगा। अभी हाल… Read More
निभा गये मोहब्बत हम वतन से कुछ इस तरह। छुड़ा दिये छक्के हमने दुश्मनों के जंग में। पड़ गया भारी उसे कायराना हमला ये। जब जवाब से पहले ही टेक दिए घुटने उसने। आओ मिलकर हम सब खाये एक कसम।… Read More
सभ्यताओं का भी अपना ही हिसाब होता है अपना ही ढंग होता है अपने ही ढंग से बनती हैं सभ्यताएं अपने ही ढंग से ढहती हैं सभ्यताएं। ढहने के साथ ही कुछ सभ्यताएं अपने पीछे छोड़ जाती हैं ऐसे चिन्ह… Read More