मुंबई के मलाड वेस्ट में मालवणी के गेट नम्बर सात पर मन्नू माइकल की मार्ट पर रेग्युलर अड्डेबाज जुटे। मुम्बई भी अजब है यहां बंदर विहीन बांद्रा है ,चर्च गेट स्टेशन पर कहीं चर्च नहीं है उसी तरह मालवणी में… Read More
मुंबई के मलाड वेस्ट में मालवणी के गेट नम्बर सात पर मन्नू माइकल की मार्ट पर रेग्युलर अड्डेबाज जुटे। मुम्बई भी अजब है यहां बंदर विहीन बांद्रा है ,चर्च गेट स्टेशन पर कहीं चर्च नहीं है उसी तरह मालवणी में… Read More
उलझी किस्मत सुलझी जिंदगी किस को क्या दे सकती है। जीने मरने में भी तो किस्मत साथ देती है। पर करना तो तुझे पड़ेगा इसके लिए परिश्रम। छोड़ दे तू चिंता मेहनत का फल मिलेगा।। खुदके कर्मों से बड़कर नहीं… Read More
जग मग जग मग ज्योत जले चारो तरफ प्रकाश फैले। देख के दृश्य ये मन मेरा अंदर अंदर खुश होवे। जग मग जग मग ज्योत जले….।। दिल पर पड़े जब कोई छाया अंदर से तब वो मचलने उठे। और डूबने… Read More
फिर वही क़िस्सा सुनाना तो चाहिए फिर वही सपना सजाना तो चाहिए यूँ मशक़्क़त इश्क़ में करनी चाहिए जाम नज़रों से पिलाना तो चाहिए अब ख़ता करने जहाँ जाना चाहिए अब पता उसका बताना तो चाहिए दिल जगाकर नींद में… Read More
आज अवध में नई सुबह है , खत्म हुआ संघर्ष वो सारा । राम की महिमा राम ही जाने , राम का है ,संसार ये प्यारा । राम-नाम सब धर्म से ऊपर , भारत के रग-रग में समाया । वेद… Read More
मौत आई नहीं फिर भी मारा गया। खेलने जब जुआ ये नकारा गया।। हार कर भी कभी होश आया नहीं। कर्ज लेकर हमेशा दुबारा गया।। जिसको आदत जुआ की बुरी पड़ गई। समझो गर्दिश में उसका सितारा गया।। अब बचा… Read More
मुद्दते गुज़र गयी , तफ्शील से बतियाए । हुई इनायत-ए-खुदा , कि आखिर , आप आए । शाम-ए-ग़ज़ल सुनाऊँ या, हाल-ए-दिल सुनुँ तुम्हारा । नज़र-ए-बयां करूँ या ,दिखाऊँ , यह दिलनशीं नज़ारा । तेरी मासूमियत पर , मेरी ख़ुशी मुस्कुराए… Read More
रात ढलने को है सपनो से निकलना है। दिन के उजाले में खुदको खोजना है। फिर अपनी राह पर हमें चलना है। और अपनी मंजिल को हमें पाना है।। लूटाकर सब कुछ हमने क्या पाया है। जीवन के लक्ष्य से… Read More
भारत युवाओं का देश है, और दुनिया की सबसे तेजी से उभरती शक्ति है लेकिन एक तरह से शक्ति का सबसे अधिक दुरुपयोग करने वाला देश भी। देश की आजादी के वक्त भी इतनी अराजकता नहीं रही होगी जितनी 21वीं… Read More
संस्कारों के, पालक महान तुम , संस्कृति तुमने ना छोड़ी । ली जो प्रतिज्ञा मेवाड़ इतिहास में, अब तक ना तुमने तोड़ी । बुरे समय में प्रण कर धारण, राणा के जो सहचर थे । पल-पल जिन ने साथ निभाया,… Read More