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व्यंग्य : सबसे बड़ा है पईसा पीर

मुंबई के मलाड वेस्ट में मालवणी के गेट नम्बर सात पर मन्नू माइकल की मार्ट पर रेग्युलर अड्डेबाज जुटे। मुम्बई भी अजब है यहां बंदर विहीन बांद्रा है ,चर्च गेट स्टेशन पर कहीं चर्च नहीं है उसी तरह मालवणी में… Read More

lonely

कविता : उलझा सुलझा जीवन

उलझी किस्मत सुलझी जिंदगी किस को क्या दे सकती है। जीने मरने में भी तो किस्मत साथ देती है। पर करना तो तुझे पड़ेगा इसके लिए परिश्रम। छोड़ दे तू चिंता मेहनत का फल मिलेगा।। खुदके कर्मों से बड़कर नहीं… Read More

dipawali

गीत : है अब इंतजार

जग मग जग मग ज्योत जले चारो तरफ प्रकाश फैले। देख के दृश्य ये मन मेरा अंदर अंदर खुश होवे। जग मग जग मग ज्योत जले….।। दिल पर पड़े जब कोई छाया अंदर से तब वो मचलने उठे। और डूबने… Read More

love bird

ग़ज़ल : फिर वही क़िस्सा सुनाना तो चाहिए

फिर वही क़िस्सा सुनाना तो चाहिए फिर वही सपना सजाना तो चाहिए यूँ मशक़्क़त इश्क़ में करनी चाहिए जाम नज़रों से पिलाना तो चाहिए अब ख़ता करने जहाँ जाना चाहिए अब पता उसका बताना तो चाहिए दिल जगाकर नींद में… Read More

ram mandir

गीत : आज अवध में

आज अवध में नई सुबह है , खत्म हुआ संघर्ष वो सारा । राम की महिमा राम ही जाने , राम का है ,संसार ये प्यारा । राम-नाम सब धर्म से ऊपर , भारत के रग-रग में समाया । वेद… Read More

waiting lonely

ग़ज़ल : फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन

मौत आई नहीं फिर भी मारा गया। खेलने जब जुआ ये नकारा गया।। हार कर भी कभी होश आया नहीं। कर्ज लेकर हमेशा दुबारा गया।। जिसको आदत जुआ की बुरी पड़ गई। समझो गर्दिश में उसका सितारा गया।। अब बचा… Read More

sadboy

गीत : ग़म-ए-जुदाई

मुद्दते गुज़र गयी , तफ्शील से बतियाए । हुई इनायत-ए-खुदा , कि आखिर , आप आए । शाम-ए-ग़ज़ल सुनाऊँ या, हाल-ए-दिल सुनुँ तुम्हारा । नज़र-ए-बयां करूँ या ,दिखाऊँ , यह दिलनशीं नज़ारा । तेरी मासूमियत पर , मेरी ख़ुशी मुस्कुराए… Read More

umeed hai

कविता : नस नस में है

रात ढलने को है सपनो से निकलना है। दिन के उजाले में खुदको खोजना है। फिर अपनी राह पर हमें चलना है। और अपनी मंजिल को हमें पाना है।। लूटाकर सब कुछ हमने क्या पाया है। जीवन के लक्ष्य से… Read More

umed

समीक्षा‌ : नशे की गिरफ्त में युवा

भारत युवाओं का देश है, और दुनिया की सबसे तेजी से उभरती शक्ति है लेकिन एक तरह से शक्ति का सबसे अधिक दुरुपयोग करने वाला देश भी। देश की आजादी के वक्त भी इतनी अराजकता नहीं रही होगी जितनी 21वीं… Read More

maharana pratap

कविता : मुख्यधारा में स्वागत तुम्हारा

संस्कारों के, पालक महान तुम , संस्कृति तुमने ना छोड़ी । ली जो प्रतिज्ञा मेवाड़ इतिहास में, अब तक ना तुमने तोड़ी । बुरे समय में प्रण कर धारण, राणा के जो सहचर थे । पल-पल जिन ने साथ निभाया,… Read More