जिसमें रहते सर्वधर्म इंसान। विश्व में अलग ही है पहचान। जिसे लोग कहते हिंदुस्तान। ये देश है बहुत महान।। जो नारी की लाज लूटते है। नहीं उनको देते है सम्मान। चाहे वो मुल्ला हो या महाराज। नहीं है देश में… Read More
जिसमें रहते सर्वधर्म इंसान। विश्व में अलग ही है पहचान। जिसे लोग कहते हिंदुस्तान। ये देश है बहुत महान।। जो नारी की लाज लूटते है। नहीं उनको देते है सम्मान। चाहे वो मुल्ला हो या महाराज। नहीं है देश में… Read More
सुनता हूँ जवानो की गाथा आज आँसुओं को भरके। गोलिया खाते है सीने पर घायल दिल होता है। चोट खाकर भी जवान हँसता मुकरता रहता है। खाई है जो कसम इन्होंने देश पर मर मिटने की।। आंच आने नहीं देंगे… Read More
देख है जब से तुमको ये दिल बहुत बैचैन है। और दिल की धड़कने बहुत तेज हो रही। आँखो को भी एक खोज चल रही है। और चेहरे पर भी मेरे उदासी छा रही।। बहुत देखा है मैंने अपने इस… Read More
सपनों को लेकर मन में उड़ाएंगे पतंग आसमान में , ऐसी भरेगी उड़ान ये पतंग, जो भर देगी जीवन में खुशियों की तरंग मकर संक्रांति की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं! 00
मकर संक्रांति आई हैं एक नई क्रांति लाई हैं निकलेंगे घरों से हम तोड़ बंधनों को सब जकड़ें हैं जिसमें सर्दी से बर्फ़ शीत की गर्दी से हटा तन से रजाई हैं मकर संक्रांति आई हैं एक नई क्रांति लाई… Read More
तेरे मेरे मिलन से बहुत लोग खुश हो रहे। मानो जिंदगी अब मेरी मेरे ही पास आ गई। कर्म अच्छे किये थे इसलिए तुम्हें पाया। और मोरझाई जिंदगी को फिर से खिला पाया हूँ।। न करते प्यार मोहब्बत तुम तो… Read More
प्रश्न – हिंदी साहित्य के वर्तमान परिवेश में मठ और मठाधीशों की क्या स्थिति है ? उत्तर- हिंदी साहित्य इस समय मठ और मठाधीशों के कम्रिक रूपांतरण की प्रक्रिया से गुजर रहा है । कोरोना काल में यात्रा करने की… Read More
खेत छोड़ सड़कों पर बग़ावत की हैं किसानों ने संग्राम या सियासत की हैं, खेती किसानी का जो हाल ना जाने उसने भी इनके नाम हुकूमत की हैं, हमें छोड़कर बहकावें में यूँ ना जाओ फ़सलों ने किसानों से ज़ियारत… Read More
सभ्य व आदर्श समाज में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सम्पूर्ण प्रतिभा व क्षमता के द्वारा सुख साधनों को बढ़ाने चाहिए जो दूसरो की सवंत्रता में बाधक न हो यदि बाधक हो, तो उनका सहयोग करे । *You must know whole… Read More
तेरी जय हो अन्न के दाता । तु सबकी भूख मिटाता ।। दिन – रात तु पसीना बहावै , सबकी खातर अन्न उगावै , और खुद भूखा सो जाता । तेरी जय हो अन्न के दाता ।। लू चालो चाहे… Read More