इधर अकादमी पुरस्कारों की घोषणा हुई उधर सिद्धवाणी का उद्घघोष शुरू हो गया । वैसे सिद्धवाणी जो खुद को कबीरवाणी भी कहती रही है कि खासियत ये है कि इसकी तुलना आप क्रिकेटर -कम -नेता नवजोत सिंह सिद्धू के स्वागत… Read More
इधर अकादमी पुरस्कारों की घोषणा हुई उधर सिद्धवाणी का उद्घघोष शुरू हो गया । वैसे सिद्धवाणी जो खुद को कबीरवाणी भी कहती रही है कि खासियत ये है कि इसकी तुलना आप क्रिकेटर -कम -नेता नवजोत सिंह सिद्धू के स्वागत… Read More
एक बरस में मौसम चार, यह फिल्मी गाना बहुत लोकप्रिय है। जहाँ पाँचवे मौसम के रुप में ‘प्यार” के मौसम की बात होती है।जब हम इस पाँचवे मौसम की तह तक जाते है तो इस भाव को व्यक्त करने के… Read More
“देश को जिसने हमें सौंपकर बदले में सिर्फ मौत पाई कैसे न करें हम उन्हें याद, मौका परस्त कहलाएगा गर आज उनकी याद न आई।।” आज पुलवामा अटैक को 2 वर्ष पूरे हो गए , जिसमे हमारे देश के कई… Read More
एक वाक्या आज याद आता है कि “कानून के हाथ लंबे होते हैं” शायद इसी बात को चरितार्थ किया गया है, माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने, करोड़ लोगों की मनसा थी कि इसमें सीबीआई जांच होनी चाहए, ट्विटर पे, फेसबुक पे,… Read More
भारत में गुरुओं की प्रथा आदि काल से चली आ रही है और शिक्षकों का का अपना एक अलग ही महत्व है। अपने गुरुओं का सम्मान सदियों से चला आ रहा है फिर चाहे द्रोणाचार्य हो या फिर ऋषि वशिष्ठ… Read More
देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस अभी अपने सबसे बुरे दिनों से गुजर रही है। इसके कई कारण गिनाए जा सकते हैं लेकिन एक बड़ा कारण यह भी है कि कांग्रेस में लोकतांत्रिक ढंग से पार्टी में पदाधिकारियों के… Read More
पंडित जसराज #Pandit_Jasraj) भारतीय शास्त्रीय संगीत के विश्वविख्यात गायक रहे हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत को न केवल मनोरंजन का, अपितु ईश्वर से जुड़ने का महत्त्वपूर्ण साधन माना गया है। पंडित जसराज आधुनिक भारत के शास्त्रीय संगीत के सबसे चमकते सितारों… Read More
नई शिक्षा नीति में बहुत से परिवर्तन लक्षित होते हैं । यह परिवर्तन समय की मांग भी थी क्योंकि 1986 के उपरांत बहुत सी स्थितियां बदली है जिससे हमारे शिक्षा नीति में भी परिवर्तन की मांग मुखर होने लगी थी… Read More
जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि उत्तर दिसि बह सरजू पावनि। जा मज्जन ते बिनहिं प्रयासा मम समीप नर पावहिं बासा।। ऐतिहासिक होगा। कल का दिन। इस राष्ट्र के इतिहास में प्रभु श्री राम। हिन्दू धर्म के आधार स्तंभ हैं। कितने वर्षों… Read More
हम मां, पिता, भाई व बहन सहित अन्य रिश्तेदार नहीं चुन सकते हैं। दोस्त ही हैं जो हम अपने जिंदगी के सफर में चुनते हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति के मित्र कैसे हैं उससे भी उसकी शख़्सियत का अंदाजा मिलता… Read More