dhanteras-2023(1)

कविता : धनतेरस

चाहत तो रखते है धन की सभी । पर उपयोग उस धन वो करते नहीं। धन आने पर बंद, तिजोरी में करते है। पर लक्ष्मीजी तो चंचल होती है। तो लोग उसे कैद कैसे कर सकते हो।। धन और विद्या… Read More

rozgar-2023

कविता : रोजगार

अंदाजा लगाता हुआ आया था वह अपने ही घर में, ऐसा लगता था जैसे आखिरी बचा हुआ बाशिंदा हो शहर में, घर का दरवाजा खोला था उसने बहुत आहिस्ता, किसी नजर से पड़े न इस वक्त उसका वास्ता, कोई बाहर… Read More

durga ma-2023

कविता : माँ पर विश्वास

अपनी भक्ति करने का हे माँ! तुम अधिकार दे दो। मेरी भक्ति का मुझको हे माँ! तुम प्रसाद दे दो। मुझे धन दौलत नहीं हे माँ! बस दर्शन दे दो। और अपना हाथ हे माँ! मेरे सिर पर रख दो।।… Read More

savidhan k fal

कविता : फल संविधान से पके हुए

पेड़ के ऊपर बैठकर तुम , पेड़ की डाल को काट रहे । बुद्धिमत्ता कहकर इसको भी , पांव कुल्हाड़ी मार रहे । ‘ अजस्र ‘ इतिहास के जख्मों को भरना , काम समय का होगा भविष्य । जख्मों को… Read More

2023 duga ma

कविता : मां के दर्शन करके

करे जो पूजा और भक्ति इन नवरात्रि के दिनों में। और करते है साधना माता की उपासना करके। तो मिलता है सूकून हमें अपने जीवन में। और हो जाती इच्छाएं हमारी इन दिनों में पूरी।। माता के नौ रूपों को… Read More

maa ki upasana

कविता : माँ की उपासना

करे जो सच्चे मन से माँ की आराधना। मिले उसे ही दर्शन माता रानी का। इसलिए तो भक्तजन करते है माँ की उपासना। और पा जाते है जीवन में सब कुछ।। जो माँ को दिलसे याद करते है इन दिनों… Read More

matarani

कविता : मातारानी की पूजा करे

करे जो पूजा और भक्ति नवरात्रि के दिनों में। और साधना करते है माता की उपासना करके। तो मिलता है शुकुन उसे अपने जीवन में। और हर इच्छाएं हो जाती उनकी पूरी।। माता के 9 रूपो को जो 9 दिन… Read More

ladki

कविता : भागी हुई लड़की

पकड़ कर लाई गई थी वह… चुपके से… रेलवे स्टेशन से, उतर गई थी वह लड़की न जाने क्यों सबके मन से! सवालिया नजरों से बिंधी जा रही थी उसकी देह, किसी को न रह गया था उससे कोई भी… Read More

gular

कविता : गांव से दूर एकांत में

गांव से दूर एकांत में खड़ा है पेड़ गूलर का इसके हरे हरे पात लेकर आते हैं नई नई सौगात इसकी शाखाओं और तने में खरोंच करने से निकलता है खून की धार की तरह सफेद दूध जिसके सुखाने से… Read More

zimadari

कविता : पर आप तो

डर लग रहा है..!? हां ..!! लग रहा है । डरपोक हो……!? हां…..हूं ….!!!!!!!! क्योंकि ……….!!? बाल बच्चेदार जो हूं ..!! जिम्मेदारियां हैं ….!! अभी कई मुझ पर … आंदोलन नहीं कर सकता… क्रांति की …..!! क्रांति की तो ,… Read More