चाहत तो रखते है धन की सभी । पर उपयोग उस धन वो करते नहीं। धन आने पर बंद, तिजोरी में करते है। पर लक्ष्मीजी तो चंचल होती है। तो लोग उसे कैद कैसे कर सकते हो।। धन और विद्या… Read More
चाहत तो रखते है धन की सभी । पर उपयोग उस धन वो करते नहीं। धन आने पर बंद, तिजोरी में करते है। पर लक्ष्मीजी तो चंचल होती है। तो लोग उसे कैद कैसे कर सकते हो।। धन और विद्या… Read More
अंदाजा लगाता हुआ आया था वह अपने ही घर में, ऐसा लगता था जैसे आखिरी बचा हुआ बाशिंदा हो शहर में, घर का दरवाजा खोला था उसने बहुत आहिस्ता, किसी नजर से पड़े न इस वक्त उसका वास्ता, कोई बाहर… Read More
अपनी भक्ति करने का हे माँ! तुम अधिकार दे दो। मेरी भक्ति का मुझको हे माँ! तुम प्रसाद दे दो। मुझे धन दौलत नहीं हे माँ! बस दर्शन दे दो। और अपना हाथ हे माँ! मेरे सिर पर रख दो।।… Read More
पेड़ के ऊपर बैठकर तुम , पेड़ की डाल को काट रहे । बुद्धिमत्ता कहकर इसको भी , पांव कुल्हाड़ी मार रहे । ‘ अजस्र ‘ इतिहास के जख्मों को भरना , काम समय का होगा भविष्य । जख्मों को… Read More
करे जो पूजा और भक्ति इन नवरात्रि के दिनों में। और करते है साधना माता की उपासना करके। तो मिलता है सूकून हमें अपने जीवन में। और हो जाती इच्छाएं हमारी इन दिनों में पूरी।। माता के नौ रूपों को… Read More
करे जो सच्चे मन से माँ की आराधना। मिले उसे ही दर्शन माता रानी का। इसलिए तो भक्तजन करते है माँ की उपासना। और पा जाते है जीवन में सब कुछ।। जो माँ को दिलसे याद करते है इन दिनों… Read More
करे जो पूजा और भक्ति नवरात्रि के दिनों में। और साधना करते है माता की उपासना करके। तो मिलता है शुकुन उसे अपने जीवन में। और हर इच्छाएं हो जाती उनकी पूरी।। माता के 9 रूपो को जो 9 दिन… Read More
पकड़ कर लाई गई थी वह… चुपके से… रेलवे स्टेशन से, उतर गई थी वह लड़की न जाने क्यों सबके मन से! सवालिया नजरों से बिंधी जा रही थी उसकी देह, किसी को न रह गया था उससे कोई भी… Read More
गांव से दूर एकांत में खड़ा है पेड़ गूलर का इसके हरे हरे पात लेकर आते हैं नई नई सौगात इसकी शाखाओं और तने में खरोंच करने से निकलता है खून की धार की तरह सफेद दूध जिसके सुखाने से… Read More
डर लग रहा है..!? हां ..!! लग रहा है । डरपोक हो……!? हां…..हूं ….!!!!!!!! क्योंकि ……….!!? बाल बच्चेदार जो हूं ..!! जिम्मेदारियां हैं ….!! अभी कई मुझ पर … आंदोलन नहीं कर सकता… क्रांति की …..!! क्रांति की तो ,… Read More